जनता की आवाज़ दबाने की साज़िश – संजय सिंह का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जम्मू-कश्मीर में पार्टी विधायक महराज मालिक की गिरफ्तारी पर मोदी सरकार और बीजेपी परकड़ा वार किया। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी सिर्फ एक विधायक की नहीं है, बल्कि जनता की आवाज़ को दबाने की साज़िश है। भाजपा और मोदी सरकार पर गंभीर आरोपसंजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की पुलिस, उनकी ईडी, सीबीआई और तमाम जांच एजेंसियां सिर्फ एक ही मकसद से कामकर रही हैं जहां भी आम आदमी पार्टी दिखाई दे, उसे खत्म करने की कोशिश करो। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के इशारे पर काम करनेवाली पुलिस और एजेंसियां विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए लगातार गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। अस्पताल मांगने पर गिरफ्तारीउन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी के विधायक महराज मालिक अपने इलाके में अस्पताल और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहेथे। यह उनकी जिम्मेदारी थी कि जनता की परेशानी विधानसभा तक पहुंचाई जाए। लेकिन मोदी सरकार को यह आवाज़ इतनी नागवार गुज़री कि उन्हेंगिरफ्तार कर लिया गया। संजय सिंह ने कहा क्या अस्पताल की मांग करना गुनाह है? क्या जनता के हक की लड़ाई लड़ना अपराध है? आतंकवादियों वाली धारा लगाई गईसंजय सिंह ने कहा कि सिर्फ गिरफ्तार करना ही काफी नहीं था। महराज मालिक पर PSA यानी पब्लिक सेफ्टी एक्ट लगाया गया। यह वही धारा हैजो आतंकवादियों पर लगाई जाती है और जिसमें जमानत मिलना बेहद मुश्किल है। उन्होंने सवाल उठाया क्या महराज मालिक आतंकवादी हैं? वे तोअपने इलाके के लिए अस्पताल मांग रहे थे। फिर उनके खिलाफ PSA क्यों लगाया गया? उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी विधायक याजनप्रतिनिधि पर PSA नहीं लगाया गया, लेकिन मोदी सरकार ने लोकतंत्र की सारी परंपराएं तोड़ दीं। मोदी सरकार से सीधे सवालसंजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा मोदी जी, आपके मन में आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं के लिए इतनी नफरत क्योंहै? क्या कोई विधायक स्कूल और अस्पताल की मांग भी नहीं कर सकता? अगर कोई जनता की आवाज़ उठाएगा तो क्या आप उसे जेल में डालदेंगे? जम्मू–कश्मीर में विरोध की लहरउन्होंने बताया कि महराज मालिक की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता नेजोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लोग सड़कों पर उतर आए और गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टीके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे जनता की आवाज़ दबाने की साज़िश करार दिया। विधानसभा की अनदेखीसंजय सिंह ने कहा कि किसी भी विधायक को गिरफ्तार करने से पहले विधानसभा के स्पीकर से अनुमति लेना जरूरी होता है। लेकिन महराज मालिककी गिरफ्तारी में यह नियम भी नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर ने खुद कहा कि उनसे कोई अनुमति नहीं लीगई। संजय सिंह ने सवाल उठाया अगर चुनी हुई विधानसभा के स्पीकर को ही दरकिनार कर दिया गया, तो क्या वहां विधानसभा है भी या नहीं? लोकतंत्र और संविधान पर हमलासंजय सिंह ने कहा कि महराज मालिक पर PSA लगाना सिर्फ एक व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है।उन्होंने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वे जनता की आवाज़ सहन नहीं कर सकते। सड़क से संसद और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाईसंजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने ऐलान किया आज हमने पूरे जम्मू-कश्मीर में आंदोलन कियाहै। आगे भी यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी। AAP को दबाना आसान नहींअंत में संजय सिंह ने साफ कहा कि भाजपा और मोदी सरकार आम आदमी पार्टी को जितना दबाने की कोशिश करेगी, AAP उतनी ही तेजी से आगेबढ़ेगी। उन्होंने कहा आम आदमी पार्टी जनता के हक की लड़ाई लड़ रही है। इसे खत्म करने की हर कोशिश नाकाम होगी, क्योंकि जनता के बीचAAP और मजबूत होकर उभरेगी।
संजीव झा ने उठाई आवाज़ – गांव वालों के लिए UER 2 टोल फ्री करने की मांग

UER 2 पर टोल बना गांव वालों की समस्यादिल्ली के बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ग्रामीणों और किसानों की आवाज़ बुलंद की। उन्होंनेकहा कि हाल ही में UER 2 (Urban Extension Road 2) बनाया गया है, लेकिन इस पर बहुत महंगा टोल लगा दिया गया है। यह टोल सीधेतौर पर गांव वालों और किसानों के लिए एक बड़ा बोझ बन गया है।किसानों की जमीन पर बनी सड़क, फिर भी देना पड़ रहा टोलसंजीव झा ने बताया कि इस सड़क का निर्माण उन्हीं किसानों की जमीन पर किया गया है, जिनकी ज़मीन सरकार ने पहले ही अधिग्रहित कर ली थी।अब वही किसान और ग्रामीण अगर अपने ही इलाके के एक गांव से दूसरे गांव जाना चाहें, तो उन्हें टोल चुकाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया – “कोई अपनी ही जमीन पर बनी सड़क का टोल क्यों दे?” लगातार धरने पर बैठे गांव वालेसंजीव झा ने कहा कि गांव वाले पिछले कई महीनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी साफ मांग है कि UER 2 टोल के आसपास बसे सभी गांवों को टोलसे मुक्त किया जाए। लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक न तो केंद्र सरकार और न ही दिल्ली सरकार का कोई जिम्मेदार अधिकारी या नेता उनसेमिलने आया है।नेताओं का अहंकार और गांव वालों की अनदेखीविधायक ने तंज कसते हुए कहा कि यही गांव वाले वोट डालकर नेताओं को चुनते हैं। लेकिन सत्ता में आने के बाद नेताओं का अहंकार इतना बढ़ गयाहै कि वे उन्हीं लोगों की आवाज़ सुनना भी जरूरी नहीं समझते। उन्होंने कहा कि गांव की अपनी छोटी-छोटी सड़कों पर अब लंबा जाम लगने लगा हैऔर मुख्य सड़कें भी खराब हो रही हैं। ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। टोल से बढ़ रही दिक्कतेंसंजीव झा ने कहा कि गांव वालों की यह मांग पूरी तरह से जायज है। अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो लोग मजबूरी में वैकल्पिक रास्तों काइस्तेमाल करेंगे। इससे गांव की छोटी सड़कें और ज्यादा खराब हो जाएंगी और ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाएगी। सरकार के वादे और हकीकतविधायक ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किसानों और गांव वालों को कई बार आश्वासन जरूर दिया गया है, लेकिन धरने पर बैठे महीनों गुजरगए और अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और किसानों के साथ अन्यायपूर्ण है। संजीव झा की अपीलअंत में संजीव झा ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अपने अहंकार को छोड़कर गांव वालों की आवाज़ सुने। उन्होंने कहा –“UER 2 टोल केआसपास बसे गांवों के लिए टोल फ्री किया जाना चाहिए। यह लोगों का हक है। जिनकी जमीन पर सड़क बनी है, उन्हीं को टोल देना पड़े – यहकिसी भी हाल में न्यायसंगत नहीं है।”
उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले BRS और BJD का बड़ा फैसला, राधाकृष्णन बनाम रेड्डी के बीच कांटे की टक्कर

कल देश के नए उपराष्ट्रपति के नाम का एलान हो जाएगा. इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन और विपक्ष के बीसुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है इस बीच, दो राजनैतिक दलों ने कल होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहने का एलान किया है. इन दलों मेंबीआरएस और बीजू जनता दल शामिल हैं बता दें कि जगदीप धनखड़ के अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को इस्तीफा देदिया था, जिस कारण रिक्त हुए उपराष्ट्रपति पद के लिए मध्यावधि चुनाव कराया जा रहा है अब कल यानी नौ सितंबर को यह प्रक्रिया पूरी कर लीजाएगी. उपराष्ट्रपति पद के चुनाव से ठीक एक दिन पहले बीआरएस और बीजू जनता दल ने चौंकाने वाला एलान किया है बीआरएस के कार्यकारीअध्यक्ष के टी रामा राव ने कहा कि उनकी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगी. इसी तरह बीजद ने भी ऐसी ही घोषणा की है बीजद के नेता सस्मितपात्रा ने कहा कि बीजू जनता दल मंगलवार को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगा. मतदाता सूची तैयार होने के बाद हो गया था निधनउपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्ष के इंडिया गठबंधन दोनों के बीच कड़ी टक्कर चल रही है यह एनडीए और इंडियागठबंधन के बीच एक तरह से शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है बीजद और बीआरएस के चुनाव से हटने के बाद भी अभी तक अकाली दल, जेडपीएमऔर वीओटीटीपी के एक-एक सांसद और तीन निर्दलीय सांसदों ने अभी तक अपनी पसंद का स्पष्ट संकेत नहीं दिया है. उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकरसंसद में सांसदों की संख्या को देखें तो एनडीए के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को बहुमत मिलने के स्पष्ट संकेत हैं. वर्तमानमें मतदाताओं की संख्या 781 है और सात सीटें रिक्त हैं, जिनमें शिबू सोरेन का नाम भी शामिल है, जिनका मतदाता सूची तैयार होने के बाद निधन होगया था. बीजद ने भी ऐसी घोषणाइस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी राधाकृष्णन और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला हैराधाकृष्णन भाजपा संगठन के वफादार और विश्वसनीय चेहरे माने जाते हैं वहीं दूसरी ओर, सुदर्शन रेड्डी न्यायपालिका में अपनी ईमानदार और निष्पक्षछवि के लिए जाने जाते हैं ऐसे में उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव राजनीति बनाम न्यायपालिका के बीच भी देखा जा रहा है. उपराष्ट्रपति पद के चुनावसे ठीक एक दिन पहले बीआरएस और बीजू जनता दल ने चौंकाने वाला एलान किया है बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने कहा किउनकी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगी. इसी तरह बीजद ने भी ऐसी ही घोषणा की है.
बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं को नितीश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले दी बड़ी सौगात, आंगनबाड़ी साहयिकाओं को मिलेगा प्रतिमाह मिलगा मानदेय ₹9,000,

बिहार की नीतीश कुमार सरकार राज्य विधानसभा चुनाव के पहले सौगातों की झड़ी लगा रही है. अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद आगे बढ़करआंगनबाड़ी सेविका और आंगनबाड़ी सहायिका के मानदेय को बढ़ाने का एलान किया है. सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया किआंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7 हजार से बढ़ाकर 9 हजार किया जा रहा है इसी तरह, आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर साढ़े 4 हजार किया जा रहा है उनके निर्देश पर विभाग इसका प्रस्ताव आगे बढ़ाएगा मंगलवार को कैबिनेट में उस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों केपोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है. कैबिनेट की बैठक पर मुहरइसके लिए समेकित बाल विकास परियोजना के तहत छह तरह की सेवाएं दी जा रही हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभुकों तक पहुंचाईजाती हैं. इसमें आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं अहम भूमिका निभाती हैं.उन्होंने बताया कि इनके योगदान को देखते हुए मानदेय राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है इससे सभी सेविकाओं और सहायिकाओं का उत्साह बढ़ेगाऔर समेकित बाल विकास सेवाएं और बेहतर तरीके से चल सकेंगी अब आंगनबाड़ी सेविका को 7,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये और आंगनबाड़ीसहायिका को 4,000 रुपये की जगह 4,500 रुपये मानदेय मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण औरजीवन स्तर सुधारने में मदद करेगा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर दो बड़ी घोषणाएं कीं आंगनबाड़ी सेविका और आंगनबाड़ी सहायिका कामानदेय बढ़ाया जा रहा है मंगलवार को बिहार कैबिनेट की बैठक में इसपर मुहर लगा दी जाएगी.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द मुहर संभव, चीन से रिश्ते भी पटरी पर “बोले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल”

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है साथ हीउन्होंने बताया कि भारत और चीन संबंध धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं, जैसे-जैसे सीमा मुद्दे सुलझते जाएंगे, तनाव कम होना स्वाभाविकपरिणाम होगा. भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को यहजानकारी दी। साथ ही गोयल ने बताया कि भारत और चीन संबंध धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं पीयूष गोयल ने मंगलवार को उम्मीदजताई कि भारत इस साल नवंबर तक अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) कर लेगा. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीचसमझौते के लिए बातचीत में भू-राजनीतिक मुद्दों ने व्यापार मामलों को पीछे छोड़ दिया. गोयल ने मुंबई में वार्षिक वैश्विक निवेशक सम्मेलन 2025 मेंकहा कि मुझे उम्मीद है कि चीजें जल्द ही पटरी पर आ जाएंगी और हम नवंबर या उसके आसपास तक द्विपक्षीय व्यापार समझौता कर लेंगे, जैसा किफरवरी में हमारे दोनों नेताओं ने चर्चा की थी. भारत निभा रहा बड़ी भूमिकाअपने वर्चुअल संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापारिक और व्यावसायिक संबंधों का विस्तार करने के लिए दुनिया भर में उत्साह है संयुक्तराज्य अमेरिका के साथ हमारी वार्ता में व्यापार मुद्दों से आगे निकलकर भू-राजनीतिक मुद्दे भी आए हैं उन्होंने कहा कि भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, ब्रिटेन और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है. गोयल नेउद्योग मंडल के एक सतत विकास संबंधी कार्यक्रम में कहा कि बहुत कुछ हुआ है, अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है अमेरिका के साथ हम बीटीएपर संवाद कर रहे हैं उन्होंने बताया कि भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, ब्रिटेन और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीएके साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है. उन्होंने दावा किया कि मुझे लगता है कि दो महान देश (भारत और अमेरिका) इस समस्या कासमाधान निकाल लेंगे लेकिन रूसी तेल खरीदने और फिर उसे बेचने, व यूक्रेन में रूसी युद्ध प्रयासों को वित्तपोषित करने के मामले में भारत कोई बड़ीभूमिका नहीं निभा रहा है. एससीओ सदस्यों ने लिया भागभारत और अमेरिका मार्च से इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है 27 अगस्त से 50 प्रतिशत टैरिफ लगाएजाने के बाद, अमेरिकी टीम ने अगले दौर की वार्ता के लिए भारत की अपनी यात्रा स्थगित कर दी है। यह पहले 25 अगस्त से होने वाली थी अभी तकछठे दौर की वार्ता के लिए कोई नई तारीख तय नहीं की गई है. भारत-चीन संबंधों पर बोलते हुए गोयल ने कहा कि जैसे-जैसे सीमा मुद्दे सुलझतेजाएंगे, तनाव कम होना स्वाभाविक परिणाम होगा गोयल से जब पूछा गया कि क्या भारत और चीन अपने संबंधों को फिर से स्थापित कर रहे हैं, तोक्या पीएन3 में ढील की गुंजाइश है? इस पर उन्होंने कहा कि यह एक एससीओ शिखर सम्मेलन था, जिसमें सभी एससीओ सदस्यों ने भाग लिया. गलवान में हमारे बीच एक समस्या थी, जिसके कारण हमारे संबंधों में थोड़ी गिरावट आई थी. जैसे ही सीमा का समाधान हो जाता है, मुझे लगता हैकि स्थिति का सामान्य होना एक बहुत ही स्वाभाविक परिणाम है.
यूक्रेन पर रूस का सबसे बड़ा हवाई हमला, जेलेंस्की बोले व्यापार करने वाले देशों पर लगे टैरिफ

6 अगस्त की रात रूस ने यूक्रेन पर युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया. इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस से व्यापारजारी रखने वाले देशों पर टैरिफ और अन्य सख्त प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की से पूछा गया कि चीन मेंपीएम नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात को लेकर उनका क्या कहना है और क्या उन्हें लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप की तरफ सेभारत पर टैरिफ लगाने की योजना उलटी पड़ सकती है? इस पर जेलेंस्की ने कहा, ‘रूस के साथ सौदे जारी रखने वाले देशों पर टैरिफ लगाना सहीविचार है ‘जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट करते हुए कहा कि रूस की आक्रामकता को रोकने के लिए केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कदम जरूरी हैं. सबसे बड़ा हवाई हमलाउन्होंने कहा, ‘रूस और उससे जुड़े व्यक्तियों पर सख्त प्रतिबंध, टैरिफ और व्यापार पर रोक लगनी चाहिए। रूस को आर्थिक रूप से नुकसान महसूसहोना चाहिए, तभी दुनिया को असली नतीजे दिखाई देंगे. इसी बीच रूस ने शनिवार रात यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया. एकरिपोर्ट के मुताबिक, 800 से ज्यादा ड्रोन और 13 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें 4 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं. इसके कारण राजधानी कीव में 11 घंटे तकलगातार एयर-रेड सायरन बजते रहे। वहीं इस हमले में कई आवासीय इमारतों पर ड्रोन हमले हुए, जिनमें एक बच्चे समेत कम से कम दो लोगों की मौतहो गई. लगातार राहत एवं बचाव कार्य मे लगे लोगजानकारी के मुताबिक, कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स की इमारत पर हमला हुआ, जिससे ऊपरी मंजिलों पर भीषण आग लग गई. शुरुआती रिपोर्टों में दावाकिया गया कि कुछ ड्रोन बेलारूस की दिशा से यूक्रेन में दाखिल हुए इस हमले के बाद जेलेंस्की ने कहा कि बचाव दल लगातार राहत और बचाव कार्यमें लगे हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला दिखाता है कि पुतिन दुनिया की सहनशीलता को परख रहे हैं. इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्डट्रंप ने संकेत दिए कि वे रूस पर नए प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं जब उनसे पूछा गया कि क्या वे सीधे व्लादिमीर पुतिन को निशाना बनाएंगे, तोट्रंप ने जवाब दिया, हां… मैं तैयार हूं.
सौरभ भारद्वाज का भाजपा पर हमला

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तरपर चर्चित राज्य को भाजपा ने ऐसे चला दिया है जैसे कोई साधारण पंचायत हो। भारद्वाज ने कहा कि पहले गाँवों में देखा जाता था कि महिला सीटपर महिला चुनाव जीतती थी, लेकिन काम असली में उसका पति करता था। पति फैसले लेता था और पत्नी केवल दस्तखत करती थी। आज वहीहाल दिल्ली में दिखाई दे रहा है और यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। मुख्यमंत्री के पति की भूमिका पर सवालभारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति अधिकारियों की मीटिंग लेते हैं और सरकारी अफसरों को निर्देश देते हैं। मुख्यमंत्री खुदसामने नहीं आतीं बल्कि उनके पति अफसरों को आदेश देते हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस अधिकार से मुख्यमंत्री के पति सरकारी कामकाजमें दखल दे रहे हैं। भारद्वाज ने इसे मजाक का विषय मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है क्योंकि इससे पूरे दिल्ली प्रशासनको संदेश जाता है कि असली ताकत मुख्यमंत्री नहीं बल्कि उनके पति के पास है। यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि संविधान के खिलाफ भी है। भाजपा पर सीधा वारसौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री खुद सक्षम नहीं हैं तो भाजपा बताए कि क्या उसके पास कोई योग्य व्यक्ति नहींहै जो उनका सचिव या सहायक बन सके। क्या मुख्यमंत्री का पति ही सारी जिम्मेदारी निभाएगा? उन्होंने कहा कि यह मामला केवल नैतिकता का नहींबल्कि सीधा-सीधा कानून के उल्लंघन का है। उन्होंने चिंता जताई कि यह तो केवल वे वीडियो हैं जो सामने आए हैं, लेकिन हो सकता है मुख्यमंत्री केपति और भी कई मौकों पर अधिकारियों से मिलकर सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करते हों। अमित मालवीय पर जवाबभारद्वाज ने भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को भी घेरा। उन्होंने कहा कि मालवीय ने ट्वीट कर यह मान लिया है कि मुख्यमंत्री कीविधानसभा उनके पति संभालते हैं। भारद्वाज ने कहा कि जैसे पहले शीला दीक्षित की बहन दिल्ली के कामों में दखल देती थीं, वैसे ही अब यह परंपराभाजपा भी शुरू कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर इस पर रोक नहीं लगी तो आगे हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रधानमंत्री से जवाब की मांगसौरभ भारद्वाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अक्सर आदर्शों और सिद्धांतों की बातेंकरते हैं, लेकिन क्या उन्हें यह मंजूर है कि मुख्यमंत्री की जगह उनके पति सरकारी फैसले लें। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है औरप्रधानमंत्री को जनता के सामने अपनी राय रखनी चाहिए। उपराष्ट्रपति चुनाव पर टिप्पणीभारद्वाज ने उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह मौजूदा उपराष्ट्रपति को अपमानित करके हटाया गया, उसनेइस पद की गरिमा और मर्यादा को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब जो भी नया उपराष्ट्रपति बनेगा, वह केवल एक “रबर स्टंप” की तरह काम करेगाऔर उसकी कोई स्वतंत्र भूमिका नहीं रहेगी। राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर बयानराहुल गांधी की मलेशिया यात्रा पर भी सौरभ भारद्वाज ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं भी जाने से रोका नहीं जा सकता, यह उसका अधिकार है। लेकिन फिलहाल समय सही नहीं था क्योंकि हिमाचल, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में आपदा आई हुई है।अगर विपक्ष का नेता इस कठिन समय में प्रभावित इलाकों में होता तो वह प्रधानमंत्री से सवाल कर सकता था और जनता की आवाज बन सकता था।लेकिन आज स्थिति यह है कि प्रधानमंत्री भी बाहर हैं और विपक्ष का नेता भी बाहर है, जिसकी वजह से जनता के सवाल कमजोर पड़ गए हैं।सौरभ भारद्वाज की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य संदेश यही रहा कि भाजपा ने दिल्ली को संवैधानिक मर्यादाओं से बाहर चलाने की कोशिश की है। मुख्यमंत्रीकी जगह उनके पति का सरकारी कामों में दखल देना न केवल लोकतंत्र का मजाक है बल्कि यह अधिकारियों को भी गलत संदेश देता है। भारद्वाज नेप्रधानमंत्री से स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या उन्हें यह सब स्वीकार है। उन्होंने साफ कहा कि यह मामला सिर्फ राजनीति का नहीं बल्कि लोकतंत्र औरसंविधान की मर्यादा का है।
रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर बड़ा हमला – किसान से लेकर कर्मचारी तक सबको धोखा

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अबजनता की समस्याओं को हल करने वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि अब यह केवल सत्ता पाने और लोगों को धोखा देने वाली पार्टी बन चुकी है। उन्होंनेतीन बड़े मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा किसानों का अपमान, भ्रष्ट नेताओं से मेलजोल और कर्मचारियों के हक़ छीने जाना। किसान से खड़गे का अपमानजनक व्यवहाररविशंकर प्रसाद ने सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सवाल उठाया। हाल ही में एक गरीब किसान, जिसकी मटर कीफसल बाढ़ और भारी बारिश से पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, वह अपनी तकलीफ लेकर खड़गे जी के पास गया। किसान चाहता था कि उसकी समस्यासुनी जाए और शायद कोई मदद मिले। लेकिन खड़गे जी ने उसकी पीड़ा समझने के बजाय उल्टा उसे डांटते हुए कहा तुम क्यों दिखावा करने आए हो? तुम्हारी सिर्फ 4 एकड़ फसल बर्बाद हुई है, मेरी तो 40 एकड़ खराब हो गई। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह जवाब बेहद अहंकारी है। एक किसानअपनी समस्या लेकर आपके पास आया और आप उसका मज़ाक उड़ाते हैं? यह कांग्रेस की मानसिकता को साफ दिखाता है। किसानों के दुख कोसमझने के बजाय उनका अपमान करना कांग्रेस के नेताओं की आदत बन गई है। जज सुदर्शन रेड्डी और ‘सोल ऑफ द नेशन’ का पाखंडरविशंकर प्रसाद ने विपक्षी गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज सुदर्शन रेड्डी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहाकि जब कोई जज राजनीति में आता है, तो उससे जनता को ईमानदारी और सच्चाई की उम्मीद होती है। लेकिन सुदर्शन रेड्डी जी कहते हैं Vote for me to save the Soul of the Nation यानी मुझे वोट दीजिए ताकि राष्ट्र की आत्मा बचाई जा सके। रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि जब आप खुदको राष्ट्र की आत्मा बचाने वाला बताते हैं, तो फिर आप चारा घोटाले में दोषी लालू प्रसाद यादव से मिलने क्यों गए? उन्होंने कहा कि यह दोहरा चरित्रहै। एक तरफ आप बड़े-बड़े आदर्शों की बातें करते हैं, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के दोषी नेताओं से हाथ मिलाते हैं। यह जनता को धोखा देने की कोशिश हैऔर कांग्रेस इसी पाखंड की राजनीति कर रही है। हिमाचल में कर्मचारियों का हक छीनातीसरे मुद्दे पर रविशंकर प्रसाद ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर 2022 को जब हिमाचलमें बीजेपी की सरकार थी, तब कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया था। यह कर्मचारियों के हित में एक अहम कदम था।लेकिन कांग्रेस सरकार सत्ता में आते ही इस फैसले को पलट देती है। सरकार ने कहा कि राज्य की आर्थिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए बढ़ी हुईतनख्वाह वापस ली जा रही है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर आप राज्य की आर्थिक स्थिति संभाल नहीं सकते तो चुनाव से पहले इतने वादे क्योंकिए? चुनाव जीतने के बाद कर्मचारियों का हक़ छीन लेना क्या जनता से धोखा नहीं है? Se यह साबित करता है कि कांग्रेस शासन चलाने में पूरीतरह नाकाम है। कांग्रेस का असली चेहरारविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन तीनों घटनाओं से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आता है गरीब किसान का अपमान करना, भ्रष्टाचारियों से मेलजोलरखना, और कर्मचारियों की तनख्वाह छीनना उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब न किसानों की पार्टी है, न गरीबों की, न कर्मचारियों की। कांग्रेस सिर्फ औरसिर्फ सत्ता पाने के लिए राजनीति करती है। जनता का विश्वास बीजेपी पररविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज जनता कांग्रेस के दोहरे चेहरे को पहचान चुकी है। यही वजह है कि लोग बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा कररहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी और बीजेपी को और मज़बूत बनाएगी।
अमेरिकी कपास पर ड्यूटी हटाकर मोदी सरकार ने किसानों के साथ किया धोखा,आप नेता अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर जमकर साधा निशाना

मोदी सरकार ने अमेरिकी कपास पर लगने वाले 11 फीसद इंपोर्ट ड्यूटी को माफ कर देश के किसानों के साथ बड़ा धोखा किया है. इससे अमेरिकीकपास की कीमत हमारे किसानों की कपास से 15-20 रुपए प्रति किलो सस्ती हो जाएगी और अब हमारे किसानों को कपास का दाम 900 रुपएप्रति मन से भी कम मिलेगा. इससे वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे. मोदी जी सिर्फ अडानी को बचाने और ट्रंप को खुश करने के लिए अपने देश केकिसानों की कुर्बानी दे रहे हैं. हमारी मांग है कि केंद्र सरकार अमेरिकी कपास पर वापस 11 ड्यूटी लगाए, किसानों को कपास पर 2100 रुपए प्रति20 किलो एमएसपी व खाद-बीज पर सब्सिडी दे. रविवार को भारी बारिश के चलते चोटीला में होने वाली किसानों की महापंचायत स्थगित होने केबाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद में प्रेसवार्ता कर ये बातें कही. नहीं बिकती थी कपासअरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे किसानों ने जून-जुलाई के महीने में कपास की बुआई कर दी है. किसानों ने कपास लगाने के लिए बीज, खादऔर मजदूरी के लिए कर्ज लिया है अब भारत के किसानों की कपास की फसल अक्टूबर-नवंबर में तैयार होगी. हमारे किसान सोच रहे रहे हैं किअक्टूबर-नवंबर जब उनकी फसल तैयार होगी और उसे मंडी में लेकर जाएंगे और उसका अच्छा दाम मिलेगा। लेकिन किसानों को पता नहीं है कि केंद्रमें बैठी मोदी सरकार ने किस तरह किसानों के साथ धोखा किया है. अमेरिका में किसानों द्वारा उगाई गई कपास जब भारत में आती है तो उस पर अभीतक 11 फीसद इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी. इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से अमेरिका की कपास भारत में आने पर हमारे किसानों द्वारा उगाई गई कपास से महंगीहोती थी. इसलिए हमारे देश के किसानों द्वारा उगाई गई कपास मंडी में आसानी से बिक जाती थी और अमेरिका से आने वाली कपास नहीं बिकतीथी. कपास मांगनी की शुरुअरविंद केजरीवाल ने कहा कि 19 अगस्त से केंद्र की मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाली कपास पर लगने वाले 11 फीसद इंपोर्ट ड्यूटी को हटादी है। अब अमेरिका से आने वाली कपास भारत के किसानों की कपास से 15 से 20 रुपए प्रति किलो सस्ती हो जाएगी. इस तरह, अमेरिका कीकपास भारत में हमारे किसानों की कपास से ज्यादा सस्ती हो जाएगी. नतीजन, हमारे देश के किसानों की कपास नहीं बिक पाएगी. जब हमारे देश केकिसान अक्टूबर-नवंबर में अपनी कपास मंडी में लेकर जाएंगे तो उनकी कपास खरीदने वाला कोई नहीं मिलेगा भारत की सभी टेक्सटाइल कंपनियों नेपहले ही अमेरिका से बहुत बड़े स्तर पर सस्ती कपास मांगनी शुरू कर दी है.
उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारी में जुटी BJP कार्यशाला में अंतिम पंक्ति में बैठे पीएम मोदी, GST सुधारों पर पारित हुआ समर्थन प्रस्ताव

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई है. इस बीच नई दिल्ली में भाजपा सांसदों की दोदिवसीय कार्यशाला का आयोजन संसद परिसर में किया गया. इस कार्यशाला में भाजपा सांसदों को उपराष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में जानकारी दी गई. कार्यशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम कार्यकर्ता की तरह सबसे पीछे की सीट पर बैठे दिखाई दिए. कार्यशाला के दौरान जीएसटी सुधारों के लिएप्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया. गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने ‘एक्स’ पर पीएम मोदी की एकतस्वीर पोस्ट की, जिसमें प्रधानमंत्री सबसे अंतिम पंक्ति में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं. समर्थन में प्रस्ताव किया पारितरवि किशन ने लिखा, ‘एनडीए सांसदों की कार्यशाला में आखिरी पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ये शक्ति है भाजपा की, यहां हर कोई कार्यकर्ताहै यहां संगठन में’ दो दिनों तक चलने वाली यह कार्यशाला में कई सत्रों का आयोजन किया जा रहा है इन सत्रों में पार्टी के इतिहास और विकास परचर्चा के साथ सांसदों के लिए कार्यकुशलता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की कार्यशाला में पीयूष गोयल ने जीएसटीसुधार से जुड़ा धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया. इसके बाद सांसदों ने जीएसटी सुधारों के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया. अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावासांसदों ने जीएसटी सुधारों के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया. दरअसल, जीएसटी में हुए सुधार से लोगों पर कर का बोझ कम होगा औरअर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. भाजपा और उसके सहयोगी दलों को उम्मीद है कि इस कदम से उन्हें नवंबर में होने वाले बिहार चुनावों में बढ़तमिलेगी. पंजाब और देश के अन्य इलाकों में बाढ़ से तबाही को देखते हुए 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीयजनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सांसदों के लिए आयोजित होने वाले रात्रिभोज रद्द कर दिया गया. इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीयमंत्री जेपी नड्डा की तरफ से सांसदों को शनिवार को दिया जाने वाला रात्रिभोज रद्द कर दिया गया था.