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बिहार में वोटर लिस्ट में घुसे विदेशी नागरिक, चुनाव आयोग ने की पुष्टि 30 सितंबर तक होगी सफाई

बिहार में मतदाता पुनरीक्षण कार्य जारी है पिछले कुछ दिनों से सवाल उठ रहे थे कि बिहार में अवैध अप्रवासी भी यहां के मतदाता बन गए हैं. अबइसकी पुष्टि चुनाव आयोग ने कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने बिहार में चल रही मतदाता सूची की गहन समीक्षा के दौरानपाया कि इसमें नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों बड़ी संख्या में शामिल हैं. क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर इसकी जांच की तो पताचला. चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा कि अवैध प्रवासियों के नाम अंतिम निर्वाचन सूची में नहीं शामिल किए जाएंगे. यह 30 सितंबर को प्रकाशित कीजाएगी इसके लिए ऐसे लोगों की उचित जांच एक अगस्त के बाद की जाएगी. चुनाव आयोग अंततः भारत भर में विदेशी अवैध प्रवासियों को हटाने केलिए मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा करेगा. बारीकी से की जा रही निगरानीजिसमें उनके जन्म स्थान की जांच की जाएगी बिहार इस वर्ष चुनावों में जाएगा. जबकि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे पांचअन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव 2026 में निर्धारित हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के 38 जिला निर्वाचनअधिकारियों (डीईओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और 963 सहायक ईआरओ (एईआरओ) सहित क्षेत्र स्तरीय टीमों की निर्वाचनअधिकारी की ओर से बारीकी से निगरानी की जा रही है. चुनाव आयोग के इन प्रयासों के साथ ही सभी राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 1.5 लाखबीएलए भी घर-घर जाकर हर मौजूदा मतदाता को शामिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं,100 फीसदी मुद्रण पूरा होने और अपने पते पर पाएगए सभी मतदाताओं को मतदाता सूची वितरण का काम लगभग पूरा होने के बाद, आज शाम 6 बजे तक संग्रह 6,32,59,497 या 80.11 फीसदीपार कर गया. 4 मतदाताओं ने जमा की सूचीइसका मतलब है कि बिहार में हर 5 में से 4 मतदाताओं ने मतदाता सूची जमा कर दी है. इस गति से अधिकांश ईएफ 25 जुलाई 2025 से काफीपहले एकत्र किए जाने की संभावना है।चुनाव आयोग के अधिकारियों ने ग्राउंड रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि घर-घर जाकर की गई जांच केदौरान बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा एक बड़ी संख्या में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों का नाम मतदाता सूची में पाया गया है. आयोग नेबताया कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका भी इस प्रक्रिया में अहम है. वे न केवल संदिग्ध प्रवासियों की जानकारी दे रहे हैं बल्किसही मतदाताओं को सूची में जोड़ने में भी मदद कर रहे हैं। चुनाव आयोग की यह कार्रवाई बिहार को साफ-सुथरे और निष्पक्ष चुनावों की ओर ले जानेका महत्वपूर्ण कदम है. आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि यह प्रक्रिया कितनी पारदर्शिता और कुशलता से पूरी की जाती है।चुनावआयोग के अनुसार, अवैध प्रवासियों की गहन जांच प्रक्रिया 1 अगस्त 2025 से शुरू की जाएगी. इसके तहत जन्म स्थान, पहचान पत्र, और नागरिकतादस्तावेजों की पुष्टि की जाएगी. आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह देशभर में चलाया जाएगा.

राहुल गांधी का नोएडा का गोपनीय दौरा फैक्टरी में कर्मचारियों से की बातचीत, उत्पादन प्रक्रिया का लिया जायजा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे होते हुए ईकोटेक-3 स्थित एक इलेक्ट्रॉनिककंपनी पहुंचे। यहां उन्होंने कंपनी का कामकाज देखा. वहीं कर्मचारियों से भी उनके बारे में जाना. इस दौरान गाजियाबाद से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवंकांग्रेस नेता डॉली शर्मा भी मौजूद रहीं. राहुल गांधी का काफिला दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कंपनी पहुंचा। यहां उन्होंने लगभग ढाई घंटे का समयबिताया. इस दौरान उन्होंने कंपनी में बन रहे टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उत्पादन प्रक्रिया को बारीकी से समझा और कर्मचारियों सेसंवाद भी किया. राहुल गांधी के इस दौरे को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत स्थानीय नेताओं को भी इसकी जानकारी नहींदी गई. कांग्रेस नेता के भाई के शादी में नहीं हुए शामिल राहुल गांधीवहीं मीडिया से भी दूरी बनाई रखी गई. राहुल गांधी एक्सप्रेसवे के रास्ते परी चौक, अल्फा चौक, एलजी चौक होते हुए फैक्टरी पहुंचे. उनके काफिलेके गुजरते समय कुछ देर के लिए ट्रैफिक को रोकना पड़ा, जिससे मार्ग पर हल्का जाम भी लगा.सुरक्षा के दृष्टिगत फैक्टरी के आसपास बड़ी संख्या मेंपुलिस बल तैनात रहा. कांग्रेस नेता के भाई की शादी में राहुल गांधी शामिल नहीं हो सके थे. इस कारण उन्होंने कंपनी पहुंचकर परिवार के लोगों सेमुलाकात की. दौरे के दौरान राहुल गांधी ने औद्योगिक क्षेत्र की जमीनी हकीकत को देखा. हालांकि कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को भी इसकी भनकतक नहीं लगी. उनके अचानक दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना रहा. वहीं राहुल गांधी के दौरे के मद्देनजरएडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा हृदेश कठेरिया और एसीपी बीएस वीर स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए. दौरे के दौरान रही कड़ी सुरक्षाकांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर नोएडा के सेक्टर-31 स्थित में अपने पारिवारिक डॉक्टर की क्लीनिक पर फिजियोथेरेपी के लिए आते रहते हैं. फिजियोथेरेपी के बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो जाते हैं. इसे पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है. उनकी मां और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी भीनोएडा आती रहती हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नोएडा की एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी का गोपनीय दौरा कर उत्पादन प्रक्रिया देखी और कर्मचारियों सेसंवाद किया. दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. स्थानीय नेताओं को भी जानकारी नहीं थी. एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा हृदेश कठेरिया औरएसीपी बीएस वीर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी खुद कर रहे थे। फैक्टरी परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती भी भारी रही. बतायाजा रहा है कि राहुल गांधी एक कांग्रेस नेता के परिवारिक समारोह में शामिल नहीं हो पाए थे. जिसकी भरपाई के लिए उन्होंने कंपनी में पहुंचकरमुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नोएडा के औद्योगिक विकास और ग्राउंड रियलिटी को भी देखा.

कपिल सिब्बल का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, बिहार में चल रही मतदाता समीक्षा प्रक्रिया को बताया असंवैधानिक

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग (ईसी) पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह संस्था अब मोदी सरकार कीकठपुतली बन चुकी है। उन्होंने बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया और दावा किया कि यह प्रक्रियाबहुसंख्यकवादी सरकारों को सत्ता में बनाए रखने का प्रयास है.पूर्व कानून मंत्री सिब्बल ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि चुनाव आयोगको नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी ब्लॉक स्तर के अधिकारी के माध्यम से यह तय करना कि कौन नागरिक है औरकौन नहीं संविधान का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया गरीब, दलित और आदिवासी वोटरों के नाम हटाकर बहुसंख्यक सरकार के पक्ष मेंचुनाव परिणाम तय करने का तरीका है. कपिल सिब्बल ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से चुनाव आयोग की निष्पक्षता खत्म होतीगई है. खुद इस मामले का है अधिवक्ताउनका कहना है कि हर नया चुनाव आयुक्त अपने पूर्ववर्ती से भी अधिक सरकार के अनुकूल काम करता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब से यह सरकारआई है आयोग की स्वतंत्रता पर विश्वास करना मुश्किल हो गया है जब उनसे सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम टिप्पणियों पर सवाल किया गया तो सिब्बल नेकोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि वे खुद इस मामले में अधिवक्ता हैं. इसलिए कोर्ट के निर्देशों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करनाउचित नहीं होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग कोर्ट की बातों को गंभीरता से लेगा और विवाद को आगे नहीं बढ़ने देगा। सुप्रीम कोर्ट नेआयोग से कहा है कि वह आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड को SIR में वैध दस्तावेजों के रूप में भी स्वीकार करे. हालांकि आयोग के वकीलों नेइसका विरोध किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वे आयोग को बाध्य नहीं कर रहे. लेकिन आयोग को उचित कारणों के साथ फैसला लेना होगा। कोर्ट नेयह भी कहा कि आयोग को वह सब करना चाहिए जो संवैधानिक रूप से उसके अधिकार में है लेकिन जो अधिकार नहीं है उसमें हस्तक्षेप नहीं होनाचाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दाखिल 10 याचिकाओं पर 28 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है. प्रमुख मुद्दों को किया गया चिन्हितकोर्ट ने आयोग को एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है. उसके बाद याचिकाकर्ता भी अपना जवाब देंगे. कोर्ट ने SIR की प्रक्रिया पर सवालउठाते हुए तीन प्रमुख मुद्दों को चिन्हित किया है – आयोग की शक्तियां, प्रक्रिया का तरीका और समय-सीमा। ये तीनों पहलू आने वाली सुनवाई मेंअहम होंगे. राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग को मोदी सरकार की कठपुतली बताया और बिहार में चल रही विशेष पुनरीक्षण प्रक्रियाको असंवैधानिक करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया गरीबों और अल्पसंख्यकों के वोट काटकर बहुसंख्यक सरकार को फायदा पहुंचानेके लिए हो रही है सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में आयोग से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। उन्होंने आरोप लगाया किब्लॉक स्तर के अधिकारी जिनके पास जांच का अधिकार नहीं होना चाहिए. वे अब नागरिकता तय करने का कार्य कर रहे हैं जो संविधान का घोरउल्लंघन है. सिब्बल ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम टिप्पणियां आयोग के अधिकारों की सीमा तय करने की दिशा में अहम हैं. कोर्ट नेचुनाव आयोग से कहा है कि वह आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने पर विचार करे.

पूर्वी दिल्ली में कांवड़ ट्रैक पर बिछाए गए शीशे के टुकड़े, भाजपा ने बताई सोची-समझी साजिश

Dellhi Latest Updeate:शीशे के छोटे बड़े टुकड़ों का इतने लम्बे कांवड़ ट्रैक पर डाला जाना साफ दर्शाता है की यह आसामाजिक तत्वों की शांतिभंग करने की सोची समझी साजिश हैकुछ राजनीतिक दल एक धर्म विशेष के लोगों के तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैं और उनकी इस पर चुप्पीउनकी भूमिका को भी संदिग्ध बना रही है. दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की दिल्ली की श्रीमती रेखा गुप्ता सरकार कांवड़यात्रियों के दिल्ली प्रवास के लिए पिछले वर्षो से बेहतर व्यवस्था कर रही है. कांवड़ समितियों को सीधा बैंक फंड देकर उन्हे भी व्यवस्थाएं सुधारने मेंसहयोग दिया है. दिल्ली में हर तरफ कांवड़ियों के चलने के लिए विशेष ट्रैक बनाये जा रहे हैं राह में उनकी यात्रा में असुविधा ना हो इस पर विशेषध्यान दे रही हैं और उनको मैड़िकल कैम्प तक लगाये जा रहे हैं. वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कल रात पूर्वी दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में कांवड़ियों के लिएबनाए विशेष ट्रैक पर लगभग एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में शीशे के टुकड़े डले पाये गये जो एक गम्भीर चिंता का विषय है. दिल्ली पुलिस इसकीजांच कर रही है और शीघ्र सच्चाई सामने आयेगी और ऐसा कुकृत्य करने वाले पकड़े जायेंगे. शांति भंग करने की सोची समझी साजिशवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की शीशे के छोटे बड़े टुकड़ों का इतने लम्बे कांवड़ ट्रैक पर डाला जाना साफ दर्शाता है की यह आसामाजिक तत्वों की शांतिभंग करने की सोची समझी साजिश है. सचदेवा ने कहा है की कुछ राजनीतिक दल एक धर्म विशेष के लोगों के तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैंऔर उनकी इस पर चुप्पी उनकी भूमिका को भी संदिग्ध बना रही है. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की भगवान का शुक्र है की कांवड़ का अभीप्रारंभिक दौर है तो कल रात उस कांच बिखरे प्रभावित कांवड़ ट्रैक पर कांवड़ियों की चाल नही थी अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था अथवा उत्पात कीस्थिती भी उत्पन्न हो सकती थी.सचदेवा ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि फिलहाल कांवड़ यात्रा अपने प्रारंभिक चरण में है और जिस ट्रैक पर कांचके टुकड़े बिखरे मिले वहाँ उस समय कोई कांवड़ यात्री मौजूद नहीं था. अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था या उत्पात की स्थिति बन सकतीथी.घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि शीघ्र ही दोषियों को पकड़ लियाजाएगा और सच्चाई सामने लाई जाएगी. भाजपा अध्यक्ष ने पुलिस से इस साजिश के पीछे छिपे तत्वों का जल्द पर्दाफाश करने की अपील की है.

अनंगपुर गांव की विरासत बचाने को ‘आप’ का आह्वान, सौरभ भारद्वाज बोले सरकार को झुकना होगा

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अनंगपुर गांव को बचाने के लिए रविवार को आयोजित महापंचायत में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंदकेजरीवाल के निर्देश पर पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल शामिल हुआ. प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सभी को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि 1300 साल पुरानी अनंगपुर गांव की विरासत को मिटाने की साज़िश के खिलाफ अब गांव-देहात एकजुट हैं. जब सब साथ होंगे तो बीजेपी सरकार को झुकना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि तीन काले कानूनों के खिलाफ किसानों ने एकजुटता दिखाई तो केंद्र […]

बिहार की वोटर लिस्ट की जांच पर हंगामा: डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में रखी बड़ी बातें 

बिहार में इस समय वोटर लिस्ट की जांच की प्रक्रिया चल रही है। यानी यह देखा जा रहा है कि वोटर लिस्ट में जो नाम हैं, क्या वे लोग सही में भारतके नागरिक हैं या नहीं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया पर अब बड़ा सवाल उठ गया है। INDIA गठबंधन की तरफ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अभिषेक मनुसिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह जांच तरीका बहुत गलत और खतरनाक है। इससे करोड़ों लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है। उन्होंने इसमुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में 6 ज़रूरी और गंभीर बातें रखीं, जो हम यहां सरल भाषा में समझा रहे हैं। *2003 के बाद जिनका नाम जोड़ा गया, उन्हें संदिग्ध माना जा रहा है*चुनाव आयोग ने कहा है कि साल 2003 से पहले जिनका नाम वोटर लिस्ट में था, उन्हें नहीं हटाया जाएगा। लेकिन 2003 के बाद जो लोग वोटर बनेहैं, उनका नाम अब संदिग्ध मान लिया गया है।उनसे पूछा जा रहा है कि तुम भारत के नागरिक हो या नहीं, यह साबित करो। अगर वह व्यक्ति यह साबित नहीं कर पाया, तो उसका नाम वोटर लिस्टसे हटा दिया जाएगा, चाहे वह पिछले 15 साल से भी वोट दे रहा हो। *नागरिकता साबित करने के लिए मांग रहे हैं मुश्किल और पुराने दस्तावेज*2003 के बाद वोटर बने लोगों को अब तीन अलग-अलग तरीकों से दस्तावेज लाने को कहा जा रहा है.कुछ लोगों को अपना जन्म प्रमाणपत्र लाने को कहा गया है।कुछ लोगों को माता या पिता का जन्म प्रमाणपत्र लाना होगा।कुछ लोगों को खुद का और माता-पिता दोनों का जन्म प्रमाणपत्र देना होगा।अब सवाल यह है कि क्या हर किसी के पास ये कागज हैं? गांवों, गरीब परिवारों, मजदूरों, बुजुर्गों और महिलाओं के पास ये प्रमाणपत्र नहीं होते। *कानून बदले बिना ही यह प्रक्रिया चलाई जा रही है*डॉ. सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग यह जांच बिना संसद में कोई नया कानून बनाए कर रहा है।इस तरह की जांच के लिए पहले कानून में बदलाव किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।एक अधिकारी के आदेश पर यह बड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।यह सही तरीका नहीं है। *सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज किया गया*सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह कह चुका है कि जो लोग कई साल से वोटर लिस्ट में शामिल हैं, उन्हें कोई भी अधिकारी सीधे लिस्ट से नहीं हटा सकता।उन्हें हटाने के लिए पहले मुकदमा होना चाहिए, सुनवाई होनी चाहिए। लेकिन बिहार में ऐसा कुछ नहीं हो रहा। लोगों को बिना किसी सुनवाई के हीबाहर कर दिया जा रहा है। *करोड़ों लोगों का वोटर अधिकार खतरे में*बिहार में लगभग 8 करोड़ मतदाता हैं। चुनाव आयोग ने इनमें से 5 करोड़ लोगों को संदिग्ध श्रेणी में रख दिया है। अगर इनमें से भी 2 करोड़ लोगों कोवोट देने से रोका गया, तो यह लोकतंत्र को बहुत बड़ा नुकसान होगा। वोट देना हर नागरिक का अधिकार है। यह प्रक्रिया गरीब, पिछड़े, मजदूर औरअल्पसंख्यक वर्ग को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। *आधार, राशन कार्ड, वोटर कार्ड – कोई भी दस्तावेज मान्य नहीं!*आज आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड हर जगह मान्य हैंरेलवे स्टेशन, अस्पताल, स्कूल, हवाई जहाज – हर जगह यही कार्ड चलते हैं। यहां तक कि खुद चुनाव आयोग जो वोटर कार्ड देता है – उसे भी अबमानने से मना किया जा रहा है। अब कहा जा रहा है कि सिर्फ जन्म प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। जहां आधार बन रहा है सबका सहारा, वहां चुनावआयोग ने कर लिया है किनारा! *बाढ़ और पलायन के समय यह प्रक्रिया क्यों शुरू की गई?*डॉ. सिंघवी ने यह भी कहा कि बिहार में अभी बाढ़ और मजदूरों के पलायन का समय है। जुलाई और अगस्त में लाखों लोग अपना घर छोड़कर दूसरेराज्यों में काम करने जाते हैं। उत्तर बिहार में जब बाढ़ आती है, तो लोग अपने घर भी नहीं पहचान पाते। *अब सवाल उठता है*गरीब लोग अपनी जान बचाएं या दस्तावेज़ ढूंढने जाएं?क्या एक मजदूर, किसान या दिहाड़ी मज़दूर के लिए यह सब करना आसान है?अगर यह प्रक्रिया ऐसे ही चली, तो बिहार में लाखों-करोड़ों लोगों कानाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। उन्हें वोट डालने से रोका जाएगा। और ये वही लोग होंगे जो समाज के सबसे कमजोर वर्ग से आते हैं – गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, महिलाएं, बुजुर्ग। डॉ. सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस प्रक्रिया को रोका जाएऔर सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। ‎

भाजपा की बुलडोज़र राजनीति चुनाव से पहले झुग्गियों में रोटी, चुनाव के बाद उजाड़ी ज़िंदगी – आतिशी

दिल्ली की ज़मीन पर एक बार फिर गरीबों के आशियानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। चुनाव से पहले झुग्गीवासियों के बीच जाकर उनके साथखाना खाने और रात्रि प्रवास करने वाली भाजपा, अब उन्हीं झुग्गियों को जमींदोज़ करने पर आमादा है।मटियाला विधानसभा के नंगली डेयरी इलाके में बसे हज़ारों गरीब परिवारों को अब अपना घर छिनने का डर सता रहा है, क्योंकि भाजपा सरकार वहांझुग्गियों को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है। झुग्गियों पर तोड़फोड़ के नोटिस लगाए जा चुके हैं, और प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो चुकी है। *चुनाव से पहले दिखावटी हमदर्दी, चुनाव के बाद बुलडोज़र की साज़िश*चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने नंगली कैंप, मद्रासी कैंप और वज़ीरपुर जैसी बस्तियों में झुग्गीवासियों के घरों में जाकर खाना खाया, बच्चों के साथखेल खेला, ज़मीन पर सोने की तस्वीरें खिंचवाईं और गरीबों की झोपड़ियों को मंदिर बताकर प्रचार किया। लेकिन अब वही भाजपा सत्ता में लौटते हीइन बस्तियों पर बुलडोज़र चलवाने की तैयारी कर रही है। यह दोहरापन केवल धोखा नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन पर सीधा हमला है। *भाजपा की नीति साफ़ जहाँ झुग्गी है, वहाँ मैदान बनेगा*भाजपा ने यह तय कर लिया है कि दिल्ली से हर झुग्गी को हटाना है। चाहे वहां लोग 20-30 सालों से रह रहे हों, चाहे वहां बच्चे पढ़ते हों, चाहे वहांDUSIB (दिल्ली शहरी आश्रय सुधार मंडल) ने काम कर रखे हों – भाजपा को गरीबों का वजूद ही मंज़ूर नहीं। मद्रासी कैंप और वज़ीरपुर की झुग्गियोंको उजाड़ने के बाद अब नंगली कैंप भाजपा की रडार पर है। यह केवल जमीन से झुग्गी हटाने की बात नहीं है, यह उन परिवारों के सपनों को रौंदने कीकोशिश है जिन्होंने सालों की मेहनत से अपने घर बनाए थे। *DUSIB के विकास कार्यों के बावजूद झुग्गीवासी असुरक्षित*दिल्ली सरकार के तहत आने वाले डीयूएसआईबी (DUSIB) द्वारा नंगली कैंप की बस्तियों में शौचालय, पानी, सड़क, बिजली जैसी मूलभूतसुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। यह साबित करता है कि ये झुग्गियाँ अस्थायी नहीं, बल्कि वर्षों से बसी हुई और अधिकृत हैं। इसके बावजूद भाजपासरकार उन्हें उखाड़ फेंकने पर तुली है। सवाल यह उठता है कि जब सरकार का ही एक विभाग इन बस्तियों में विकास कर रहा है, तो दूसरी तरफ़सरकार ही उन्हें क्यों उजाड़ रही है? *भाजपा गरीबों से करती है नफ़रत – आतिशी*दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता श्रीमती आतिशी ने इस पूरे मामले पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा भाजपा को सिर्फ़ अमीरोंसे लगाव है। वह गरीबों को केवल वोट के वक़्त याद करती है। चुनाव से पहले कैमरे के सामने खाना खाती है और चुनाव के बाद उनके आशियानों परबुलडोज़र चलवाती है। लेकिन आम आदमी पार्टी इस ज़ुल्म को चुपचाप देखने वाली नहीं है। हम हर झुग्गीवासी के साथ खड़े हैं और भाजपा कीनफ़रत की राजनीति का डटकर विरोध करेंगे। *झुग्गी तोड़ने नहीं देंगे, गरीबों को बेघर नहीं होने देंगे – आतिशी का संकल्प*आतिशी ने साफ़ किया कि आम आदमी पार्टी गरीबों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ ज़मीन की लड़ाई नहीं है, यह सम्मान, सुरक्षा और इंसानियत की लड़ाई है।भाजपा चाहे जितने नोटिस चिपका ले, हम एक भी झुग्गी टूटने नहीं देंगे। दिल्ली को सिर्फ़ अमीरों का शहर नहीं बनने देंगे। यह गरीबों का भी उतना हीहक़ है जितना किसी और का। यह लड़ाई सिर्फ झुग्गियों की नहीं है, यह दिल्ली के चरित्र की लड़ाई है,क्या दिल्ली सिर्फ अमीरों की होगी या गरीबोंका भी हक़ यहाँ बना रहेगा? आम आदमी पार्टी इस सवाल के साथ, हर ज़रूरतमंद के साथ, हर झुग्गीवासी के साथ खड़ी है, और आख़िरी सांस तकउनका साथ नहीं छोड़ेगी।

बिना पर्ची, बिना खर्चा’ रोजगार मेले में युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, पीएम मोदी ने बांटे नियुक्ति पत्र”

देशभर के 47 शहरों में शनिवार को रोजगार मेले का आयोजन हुआ. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं को एक बड़ी सौगात देते हुए51,000 से ज्यादा नियुक्ति पत्र बांटे. साथ ही पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि सरकार काउद्देश्य पारदर्शी और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है. पीएम मोदी ने कहा कि देश के लाखों युवाओं को ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम सेनौकरी मिली है और वे आज राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारा मंत्र है.. ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’. युवाओं के संबोधन के दौरानपीएम मोदी ने कहा कि अलग-अलग विभागों में नियुक्त हो रहे ये युवा आने वाले समय में देश के विकास की रफ्तार को तेज करेंगे. विकास में योगदान देंगेंउन्होंने कहा कि कुछ देश की रक्षा करेंगे. कुछ ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सच्चे सिपाही बनेंगे. कुछ वित्तीय समावेशन मिशन को मजबूत करेंगे. तो कुछ उद्योगों के विकास में योगदान देंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भले ही नियुक्ति पाने वाले युवाओं के विभाग अलग-अलग हैंलेकिन उनका उद्देश्य एक ही है राष्ट्र सेवा. उन्होंने कहा कि आपके विभाग अलग हो सकते हैं लेकिन आप सब एक ही शरीर के अंग हैं और वह है देशकी सेवा। बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि रोजगार मेले के अभियान ने यह विश्वास जगाया है कि सरकारीनौकरी अब सिफारिश या रिश्वत के बिना भी मिल सकती है केवल काबिलियत के आधार पर।गौरतलब है कि केंद्र सरकार की तरफ से आयोजितरोजगार मेला एक विशेष अभियान है. जिसका उद्देश्य युवाओं को तेज और पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियों में नियुक्त करना है. इसके तहत अबतक लाखों युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में रोजगार मिल चुका है. अभियान ने जगाया आत्मविश्वासप्रधानमंत्री मोदी के अनुसार इस अभियान ने यह विश्वास जगाया है कि सरकारी नौकरी अब सिफारिश या रिश्वत के बिना भी मिल सकती है केवलकाबिलियत के आधार पर। युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को अहम करने के लिए आज देशभर के 47 शहरों मेंरोजगार मेले का आयोजन हुआ. इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए 51 हजार से ज्यादा नियुक्ति पत्र बांटे. साथ ही उन्होंनेवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्हें संबोधित भी किया. केंद्र सरकार के इस रोजगार अभियान के अंतर्गत अब तक लाखों युवाओं को सरकारी विभागोंमें तेजी और पारदर्शिता के साथ नियुक्त किया जा चुका है। पीएम मोदी ने बताया कि यह अभियान न सिर्फ युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है. बल्किदेश के विकास में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित कर रहा है। यह रोजगार मेला केवल नौकरी देने का माध्यम नहीं है. बल्कि यह युवाओं में भरोसा जगानेऔर राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच है. केंद्र सरकार का यह अभियान युवाओं को सक्षम बनाने की दिशा में एकमहत्वपूर्ण कदम है.

NSA डोभाल का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बड़ा खुलासा, पाकिस्तान में मची कूटनीतिक “खलबली 23 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने तबाह”

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर दिए गए बयान से पाकिस्तान तिलमिलाउठा है. डोभाल ने शुक्रवार को पहली बार पाकिस्तान की बखिया उधेड़ते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान के भीतर मौजूद नौ आतंकी ठिकानों कोबेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया और इस दौरान एक भी चूक नहीं हुई. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन मात्र 23 मिनट में पूरा हुआ और इसका आधारपूरी तरह खुफिया जानकारी थी. अब पाकिस्तान के हुक्मरान भारतीय एनएसए के इस खुलासे पर बौखला गए हैं दरअसल डोभाल ने विदेशी मीडियाको चुनौती देते हुए कहा था कि अगर भारत को नुकसान पहुंचा है तो एक भी फोटो एक भी सैटेलाइट इमेज दिखा दें. पाकिस्तान में मच गई खलबलीयहां तक कि एक शीशा भी टूटा हो तो बताएं हम जानते थे कौन कहां है और हमने उसी जगह को निशाना बनाया. हमसे कोई चूक नहीं हुई. डोभाल केइस बयान के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डोभाल के बयान को ‘तोड़फोड़ औरझूठ से भरा हुआ’ करार दिया। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत पर संप्रभुता के उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाने का आरोपलगाया. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा, डोभाल का बयान एक जानबूझकर किया गया झूठा प्रचार है यहजिम्मेदार कूटनीति के सभी मानकों का उल्लंघन है. भारत का इस तरह सैन्य हमले पर घमंड करना संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है साथ ही यहभी आरोप लगाया गया कि भारत ने जिन लक्ष्यों को आतंकी ठिकाने बताया, वो असल में आम नागरिकों के इलाके थे और वहां नागरिकों की मौतें हुईं. शफकत अली खान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब इसे गंभीरता से लेना होगा अगर लगाम नहीं लगाई गई. निशाना बनाने के दौरान भी हुई चूकतो हम इसके परिणाम देख चुके हैं एनएसए अजित डोभाल ने शुक्रवार को पाकिस्तान की बखिया उधेड़ते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान के भीतरमौजूद नौ आतंकी ठिकानों को बेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया और इस दौरान एक भी चूक नहीं हुई. NSA डोभाल के इस तीखे और तथ्यों परआधारित बयान से पाकिस्तान में कूटनीतिक खलबली मच गई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डोभाल के बयान को”झूठा और भड़काऊ” करार दिया. प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा: पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि भारतके इस “आक्रामक रुख” को गंभीरता से लिया जाए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई. तो इसके गंभीर परिणाम होसकते हैं. हालांकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पूरी रणनीतिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, यह ऑपरेशन प्रीसिजन स्ट्राइकपर आधारित था और इसमें खुफिया जानकारी की बड़ी भूमिका थी. यह ऑपरेशन आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के उद्देश्य से अंजाम दिया गयाथा.भारत की ओर से इस तरह का खुला और सटीक दावा पहली बार सामने आया है जिससे यह संदेश स्पष्ट है कि भारत अब आतंकवाद को उसकीजड़ में खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है. दूसरी ओर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया उसकी रक्षात्मक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव की ओरभी इशारा करती है.

केरल निकाय चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा कदम, अमित शाह ने किया ‘मरार जी भवन’ का उद्घाटन

केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों में हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयार भी तेज करदी है. इसी सिलसिले में शनिवार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा के नए राज्य समिति कार्यालय ‘मरारजीभवन’ का भव्य उद्घाटन किया. इस दौरान अमित शाह ने पार्टी का झंडा फहराया, भवन के सामने पौधा लगाया, फीता काटकर कार्यालय के अंदरप्रवेश किया और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर नए कार्यालय का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया. उन्होंने भवन के केंद्रीय हॉल में स्थापित पूर्वभाजपा राज्य अध्यक्ष केजी मरार की कांस्य प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर सम्मानित किया.राजराजेश्वर मंदिर के करेगें दर्शनबता दें कि कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान भाजपा केरल इकाई के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे. अमितशाह ने नए कार्यालय का दौरा किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली.भाजपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उद्घाटन केबाद अमित शाह पुथरिकंडम मैदान में एक बड़े वार्ड स्तरीय नेतृत्व बैठक में हिस्सा लेंगे. इसके बाद दोपहर में भाजपा केरल नेतृत्व के साथ एक बंदबैठक होगी. जिसमें स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी. शाम को अमित शाह कन्नूर के लिए रवाना होंगे. जहां वे तलीपारंब मेंप्रसिद्ध राजराजेश्वर मंदिर का दर्शन करेंगे. इसके बाद वे दिल्ली वापस लौट जाएंगे. भाजपा ने कर दी अपनी तैयारी तेजजिला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कलेक्टर अरुण के विजयन के लगाया गया प्रतिबंध हवाईअड्डे के आसपास के पांचकिलोमीटर के दायरे में लागू होगा. ऐसी कोई भी गतिविधि, जिससे विमान के उतरने या उड़ान भरने में बाधा उत्पन्न हो. उसकी सूचना तुरंत नजदीकीपुलिस स्टेशन को देनी होगी. केरल में आगामी निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. इसी सिलसिले में शनिवार को केंद्रीयगृह मंत्री अमित शाह ने तिरुवनंतपुरम में भाजपा के नए कार्यालय ‘मरारजी भवन’ का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने भाजपा का झंडा फहराया, पौधारोपण किया और केजी मरार को श्रद्धांजलि भी दी. शाम को अमित शाह कन्नूर रवाना हुए जहां वे तलीपारंब स्थित प्रसिद्ध राजराजेश्वर मंदिर केदर्शन करेंगे इसके बाद वे दिल्ली लौटेंगे.इसी बीच, जिला कलेक्टर अरुण के विजयन ने हवाई अड्डे के पास के 5 किलोमीटर दायरे में सुरक्षा संबंधीप्रतिबंध जारी किए हैं. ताकि विमानों की उड़ान या लैंडिंग में कोई बाधा न आए. केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने मैदान मेंपूरी ताकत झोंक दी है. अमित शाह की यह यात्रा न केवल चुनावी रणनीति को मजबूती देती है, बल्कि भाजपा के स्थानीय विस्तार और संगठनात्मकसशक्तिकरण का संकेत भी देती है.