झारखंड के पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना, बोले अंबेडकर को अपमानित करने वाली कांग्रेस आदिवासियों के भी है खिलाफ

झारखंड के पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान निर्माता डॉभीमराव अंबेडकर का अपमान किया है साथ ही सोरेन ने कांग्रेस को झारखंड विरोधी और आदिवासी विरोधी भी बताया.भाजपा नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कांग्रेस को झारखंड विरोधी औरआदिवासी विरोधी करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर का अपमान किया है. भाजपा केअनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सोरेन ने कहा कि कांग्रेस नेता आंबेडकर से अपनी निकटता दिखाने के लिएसंविधान की किताब को जेब में रखते हैं. लेकिन उनकी पार्टी ने ही आंबेडकर को दो बार लोकसभा चुनाव में हरवाया था.अपने संबोधन में पूर्व सीएम नेआगे कहा कि उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने दोनों बार आंबेडकर के खिलाफ चुनावी अभियान चलाया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेआंबेडकर को कभी सम्मान नहीं दिया. भाजपा संविधान को जेब में नहीं दिल में रखती हैउन्हें 1990 में मरणोपरांत भारत रत्न तब मिला जब भाजपा समर्थित सरकार सत्ता में थी. सोरेन ने आगे कहा कि भाजपा संविधान को जेब में नहीं दिलमें रखती है. सोरेन ने अपने भाषण में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने 1961 में आदिवासियों की सरना धर्म संहिता को रद्द कर दिया औरझारखंड आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर गोलियां चलवाईं.इसके साथ ही बिना किसी पार्टी का नाम लिए चंपई सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करती है वह आदिवासियों के हित में काम नहीं कर सकती. उन्होंने कहाकि भाजपा सरकार के समय खासकर अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में झारखंड राज्य का गठन हुआ. अगर वाजपेयी जी की सरकार नहीं होती तोझारखंड कभी नहीं बनता.चंपई सोरेन ने अपने संबोधन के अंत में संताल परगना क्षेत्र में आदिवासियों के धर्मांतरण और बांग्लादेशियों की घुसपैठ कोलेकर चिंता जताई. हेमंत सरकार को ठहराया जिम्मेदारदरअसल इसके साथ ही इसके लिए उन्होंने हेमंत सरकार को जिम्मेदार ठहराया सोरेन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभी नहीं जागे. तो हमारे सरनास्थलों पर पूजा करने के लिए कोई आदिवासी नहीं बचेगा.पूर्व मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को एक अर्थशास्त्री, शिक्षाविद्, विधिवेत्ता और महान समाज सुधारक थे. वह महिलाओं और वंचित वर्गों के आर्थिक और सामाजिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वालाबताया. कांग्रेस के आदिवासी विरोधी रवैये का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आदिवासी धर्म कोडको 1961 में हटा दिया. झारखंड आंदोलन के दौरान कई बार आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसा कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया। उसपार्टी के साथ गठबंधन कर के कोई भी आदिवासियों समेत किसी भी झारखंड के नागरिक का भला नहीं होने वाला है.
करीब 1800 पाकिस्तानी खुद कर रहे यूपी से वापसी, डीजीपी ने दिए निर्देश “जानें क्या है मामला”

उत्तर- प्रदेश में करीब 1800 पाकिस्तानी नागरिक निवास कर रहे हैं. जिन्हें अब वापस जाना होगा पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी नागरिकों कोदेश छोड़ने के फैसले ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लोग फिलहाल खुद ही लौटने लगे हैं वापस जाने की मियाद खत्म होने के बाद उनके खिलाफकानूनी कार्रवाई होगी. डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने की कार्रवाई कीजाएगी. यूपी में करीब 1800 पाकिस्तानी नागरिक रहे हैं जो पिछले कुछ वर्ष में वीजा लेकर आए लेकिन वापस नहीं गए. उन्होंने सीएए के तहतनागरिकता के लिए आवेदन भी नहीं किया है इनमें पाकिस्तान से आए हिंदू शामिल नहीं हैं.बता दें कि पाकिस्तान से बड़ी संख्या में आए हिंदुओं नेनागरिकता के लिए आवेदन किया है. यहां बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों का शार्ट टर्म और लॉन्ग टर्म वीजा पर आना-जाना होता है जिसकाकच्चा चिट्ठा केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और गृह विभाग रखता है. नियमों के मुताबिक पाकिस्तान से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जिले के एसपी केपास अपना रजिस्ट्रेशन कराना होता है. फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस करता है संकलितवहीं आईबी के अधीन आने वाला फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) इसे संकलित करता है. केंद्र सरकार के हालिया फैसले के बादसभी जिलों में निवास कर रहे पाकिस्तानी नागरिकों का लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ब्योरा जुटा रही है. जिससे आगे की कार्यवाही को अमल में अमल मेंलाया जा सके उदाहरण के तौर पर बरेली में 35, बुलंदशहर में 18, वाराणसी में 10 और रामपुर में 30 पाकिस्तानी नागरिक हैं.यूपी के हजारों मुस्लिमपरिवारों की पाकिस्तानी नागरिकों के साथ रिश्तेदारी है। ऐसे में वीजा अवधि खत्म होने पर छिप जाते हैं. अथवा पहचान बदल लेते है। बीते दिनोंबरेली में मां-बेटी को पाकिस्तानी नागरिक होने की वजह से सरकारी शिक्षक की नौकरी से बर्खास्त करने के साथ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था. वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद वापस नहीं जाने पर पुलिस कार्रवाई करती है लेकिन लोग कानूनी दांव-पेच की वजह से बचते रहते हैं. पाकिस्तानी करते है नेपाल रुट का इस्तेमालबिना वीजा के भारत में प्रवेश करने के लिए अधिकांश पाकिस्तानी नेपाल रूट का इस्तेमाल करते हैं. बीते दिनों नेपाल के रास्ते नोएडा आई सीमा हैदरभी इनमें शामिल है. हालांकि अधिकारियों का मानना है कि बांग्लादेशी नागरिकों के मुकाबले इनकी संख्या अधिक नहीं है. तमाम घुसपैठियों द्वाराभारतीय नागरिकता के दस्तावेज बनवा लेने से उनकी पहचान कर पाना आसान नहीं होता है. इनमें से कुछ जासूसी करने के मंसूबे के साथ आते हैं.वरिष्ठपुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उत्तर प्रदेश में बरेली, रामपुर, बुलंदशहर और वाराणसीसमेत कई जिलों में पाकिस्तानी नागरिकों की मौजूदगी दर्ज की गई है. बरेली में 35, रामपुर में 30, बुलंदशहर में 18 और वाराणसी में 10 पाकिस्तानीनागरिकों की पहचान की गई है। ये सभी विभिन्न प्रकार के वीजा पर भारत में रह रहे थे.
इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच की गई एक नई घोषणा, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के नेतृत्व में एक और उपराष्ट्रपति पद बनाने की उम्मीद

इस्राइल और हमास में जारी संघर्ष के बीच फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन (पीएलओ) ने गुरुवार को 89 वर्षीय फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास केनेतृत्व में एक उप राष्ट्रपति पद बनाने की घोषणा की. हालांकि अब्बास ने इस पद के लिए अपने उत्तराधिकारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. फलस्तीन का यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अब्बास गाजा पट्टी के युद्ध के बाद की योजना में अपनी भूमिका और प्रासंगिकता को बढ़ानाचाहते हैं क्योंकि उन्हें इस्राइल-हमास युद्ध में काफी हद तक दरकिनार कर दिया गया है.बता दें कि पीएलओ केंद्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक केबाद, परिषद ने पीएलओ कार्यकारी समिति के उपाध्यक्ष का पद बनाने के लिए मतदान किया. फिलिस्तीनी राज्य के उपराष्ट्रपति के रुप में किया जाएगा संदर्भितदरअसल इसेफिलिस्तीनी राज्य के उपराष्ट्रपति के रूप में भी संदर्भित किया जाएगा. साथ ही इससे फलीस्तीनियों को उम्मीद है कि एक दिन यह पदपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करेगा. हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह पद कब या कैसे भरा जाएगा. वहीं अब्बास को पीएलओ की कार्यकारीसमिति के 15 अन्य सदस्य में से अपना उपाध्यक्ष चुनना होगा. यह उम्मीद की जा रही है कि जो भी इस पद को संभालेगा वह अब्बास का उत्तराधिकारीबनने की दौड़ में सबसे आगे होगा.हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि यह पद कब या कैसे भरा जाएगा. वहीं अब्बास को पीएलओ की कार्यकारीसमिति के 15 अन्य सदस्य में से अपना उपाध्यक्ष चुनना होगा. यह उम्मीद की जा रही है कि जो भी इस पद को संभालेगा वह अब्बास का उत्तराधिकारीबनने की दौड़ में सबसे आगे होगा. पीएलओ है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्तअब बात अगर पीएलओ की करें तो ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि है और पश्चिमी समर्थित फिलिस्तीनी प्राधिकरण की देखरेख करताहै जो इस्राइल के कब्जे वाले पश्चिमी तट के आधे से कम हिस्से में सीमित स्वायत्तता का प्रयोग करता है. अब्बास ने इन दोनों संस्थाओं का दो दशकोंसे नेतृत्व किया है. गौरतलब है कि हमास ने 2007 में अब्बास की सेना से गाजा पर नियंत्रण ले लिया. इसके बाद दोनों के बीच सुलह के प्रयास बार-बार विफल रहे हैं. अब्बास ने फिलीस्तीनी एकता की वकालत करते हुए PLO के बैनर तले सभी राजनीतिक गुटों को एकजुट होने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि अगर हमास हथियार छोड़ता है और राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होता है. तो फिलीस्तीन की आज़ादी का रास्ता साफ हो सकता है. इजरायल सरकार ने अब्बास की टिप्पणियों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है हालांकि, उसने “गाजा में आत्मरक्षा” का दावा दोहराया औरकहा कि उसका मुख्य लक्ष्य हमास को खत्म करना है.
पोप के डॉक्टरों ने बताई अंतिम सासों से पहले की पूरी कहानी, जानें कब क्या हुआ

पोप फ्रांसिस के डॉक्टर ने बताया कि सोमवार सुबह जब उन्हें वेटिकन बुलाया गया. तो उन्होंने पोप की आंखे खुली देखीं और उन्हें सामान्य रूप से सांसलेते हुए पाया. हालांकि वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे. उन्होंने यह जानकारी गुरुवार को इटली के एक अखबार कोरिएरे डेला सेरा को दी. डॉक्टरसर्जियो अल्फिएरी ने पोप फ्रांस का पांच हफ्तों तक अस्पताल में दोहरे निमोनिया का उपचार किया था और जब 23 मार्च को पोप वेटिकन लौटे तोउनके स्वस्थ होने तक उनकी देखभाल करते रहे. पोप के स्वास्थ्य सहायक मासिमिलियानो स्ट्रापेट्टी ने सोमवार की सुबह साढ़े पांच बजे डॉक्टरअल्फिएरी को फोन किया और बताया कि पोप की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उन्हें अस्पताल ले जाना होगा. डॉक्टर ने कहा कि वह बीसमिनट बाद उनके पास पहुंचे. डॉक्टरों ने बताई मौत से पहले की कहानीडॉक्टर ने कहा जब मैं उनके कमरे में गया, तो उनकी आंखें खुली थीं. मुझे लगा कि उन्हें सांस लेने में कोई दिक्कत है इसलिए मैंने उन्हें आवाज दीलेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. मैंने उन्हें दर्द देकर भी जगाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उसी पल मुझे समझ में आगया कि अब कुछ नहीं किया जा सकता वह कोमा में थे.अल्फिएरी ने बताया कि उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाना बहुत जोखिम भरा था. क्योंकि वहांउनका पहले भी गंभीर श्वसन संक्रमण का उपचार हुआ था जिससे वो दो बार मरते-मरते बचे थे. उन्होंने कहा पोप जतब जेमेली अस्पताल में थे तोहमेशा कहते थे कि वह घर पर ही मरना चाहते हैं. पोप को स्ट्रोक आया और दो घंटे बाद उनकी मौत हो गई. पोप के पार्थिव शरीर के पास की गई रोजरी की प्रार्थनाकार्डिनल पिएत्रो पेरोलिन पहुंचे और पोप के पार्थिव शरीर के पास रोजरी की प्राथना की. जिसमें पोप के घर के कर्मचारी भी शामिल थे. डॉक्टर नेबताया मैंने उन्हें आखिरी विदाई के तौर पर एक हल्का सा स्पर्श दिया. वेटिकन न्यूज के अनुसार जब पोप बीमार हुए तब उन्होंने अपने सहायक स्ट्रापेट्टीको विदाई के लिए इशारा किया और जो लोग उनके पास थे. उन्होंने बताया कि उन्हें कोई दर्द महसूस नहीं हो रहा था. पोप का अंतिम संस्कार शनिवारको होगा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की सहित दुनियाभर के नेता शामिल होंगे.
पहलगाम आतंकी हमले में गई 26 लोगों की जान, दो विदेशी नागरिक भी थे शामिल

Pahalgam attack:पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई. इनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे. इस हमले की दुनियाभरमें निंदा हो रही है. हालांकि पाकिस्तानी राजनायिक या पाकिस्तानी क्रिकेटर की ओर से इस हमले की निंदा को लेकर कोई पोस्ट नहीं आया है. इसीकड़ी में पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने अपने ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर सवाल दागे हैं. उन्होंने कहा है कि अगर पहलगामआतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ नहीं है तो शहबाज ने अब तक इसकी निंदा क्यों नहीं की है. दानिश कनेरिया पाकिस्तान टीम में शामिल चुनिंदाहिंदू खिलाड़ियों में से एक रहे. उन्होंने हिंदू होने की वजह से टीम में भेदभाव और धमकियों के बारे में खुलकर बात की थी. अब उन्होंने पहलगामआतंकी हमले को लेकर कई ट्वीट किए हैं. दरअसल 22 अप्रैल को अपने ट्वीट में कनेरिया ने कहा था. पहलगाम में एक और क्रूर हमला बांग्लादेश सेलेकर बंगाल और कश्मीर तक, एक ही मानसिकता हिंदुओं को निशाना बनाती है. लेकिन ‘धर्मनिरपेक्ष’ और न्यायपालिका इस बात पर जोर देते हैं किहमलावर ‘उत्पीड़ित अल्पसंख्यक’ हैं. पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए. इसके बाद किसी देवान सचल नाम के एक्स यूजर के पोस्ट पर उन्होंने जवाबदिया था. भारतीय RAW टीम कर्मा से ले सकती है सीखसचल ने लिखा था भारत पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करता है. शायद भारतीय RAW टीम कर्मा से सीख ले सकती है. इसके जवाब में कनेरिया ने लिखा, ‘बलूच लोगों की पीड़ा के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ खड़े होने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए. भारत केखिलाफ झूठे आरोप फैलाने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए. आप हमारे समुदाय के मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. किसी भी रूप मेंआतंकवाद का बचाव करना अपमानजनक है. फिर कनेरिया ने एक और पोस्ट करते हुए लिखा ऐसा क्यों है कि आतंकी कभी स्थानीय कश्मीरियों कोनिशाना नहीं बनाते, बल्कि लगातार हिंदुओं पर हमला करते हैं. चाहे वे कश्मीरी पंडित हों या पूरे भारत से आए हिंदू पर्यटक क्योंकि आतंकवाद एकविचारधारा का पालन करता है और पूरी दुनिया इसकी कीमत चुका रही है. कनेरिया ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीनेटर बिल हैगर्टी के ट्वीट कोरीट्वीट भी किया है. इसके बाद बुधवार को एक और पोस्ट में कनेरिया ने लिखा अगर पाकिस्तान की पहलगाम आतंकी हमले में कोई भूमिका नहीं है. कनेरिया ने बुधवार को फिर एक पोस्ट में लिखा, ‘जब भी मैं कुछ ट्वीट करता हूं. वाकई में उत्सुक हूं बस पूछ रहा हूं इसके बाद तजल नूर नाम के एक्सयूजर ने लिखा, ‘मुझे समझ नहीं आता कि तुम कहां से हो. तुम पाकिस्तान में खाते हो पाकिस्तान के लिए खेलते हो पाकिस्तान क्रिकेट से मशहूर होगए हो. और अब पाकिस्तान के खिलाफ बोल रहे हो. शर्म आनी चाहिए तुम्हें इस पर जवाब देते हुए कनेरिया ने लिखा ‘मैं पाकिस्तान या उसके लोगोंके खिलाफ नहीं बोल रहा हूं. पाकिस्तान का आतंकवादपाकिस्तान की आवाम ने आतंकवाद के हाथों सबसे ज्यादा नुकसान उठाया है. वे ऐसे नेतृत्व के हकदार हैं जो शांति के लिए खड़ा हो न कि ऐसा जोआतंकवादियों को पनाह दे या जब निर्दोषों की हत्या हो तो चुप रहे. कनेरिया ने बुधवार को फिर एक पोस्ट में लिखा जब भी मैं कुछ ट्वीट करता हूं. इसके बाद तजल नूर नाम के एक्स यूजर ने लिखा ‘मुझे समझ नहीं आता कि तुम कहां से हो. तुम पाकिस्तान में खाते हो, पाकिस्तान के लिए खेलते होपाकिस्तान क्रिकेट से मशहूर हो गए हो. और अब पाकिस्तान के खिलाफ बोल रहे हो शर्म आनी चाहिए तुम्हें इस पर जवाब देते हुए कनेरिया ने लिखा’मैं पाकिस्तान या उसके लोगों के खिलाफ नहीं बोल रहा हूं. पाकिस्तान की आवाम ने आतंकवाद के हाथों सबसे ज्यादा नुकसान उठाया है. वे ऐसेनेतृत्व के हकदार हैं जो शांति के लिए खड़ा हो न कि ऐसा जो आतंकवादियों को पनाह दे या जब निर्दोषों की हत्या हो तो चुप रहे.
पहलगाम हमले के बाद भारत ने उठाए कड़े कदम, सरकार के नए एक्शन को लेकर बौखलाया पाकिस्तान

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. हमले के बाद भारत के एक्शन से पाकिस्तान भी घबरा उठाहै पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर कराची तट पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने केलिए अधिसूचना जारी की है. भारतीय एजेंसियां सभी घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ेफैसले लिए हैं. सिंधु जल समझौता समेत अन्य फैसलों को लेकर पाकिस्तान की घबराहट बढ़ गई है. पाकिस्तान को लग रहा है कि भारत हमला करसकता है इसलिए पाकिस्तान ने मिसाइलों का परीक्षण शुरू कर दिया है.पाकिस्तान ने अरब सागर के लिए नोटम (वायुसैनिकों/नौसैनिकों को नोटिस) जारी किया है. साथ ही सैन्य प्रतिक्रिया की आशंका के मद्देनजर अपनी सेना को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है. भारत में रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रोंने बताया कि पाकिस्तान की नौसेना ने अभ्यास शुरू किया है. पाकिस्तान ने अपनी वायु रक्षा को अलर्ट पर रखा है और एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोलसिस्टम भारतीय विमानों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से उड़ान भर रहे हैं.पहलगाम के दोषियों को जल्द ही लाया जाएगा कटघरे मेंवहीं भारत ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि पहलगाम हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा तथा उनके प्रायोजकों को जवाबदेहठहराया जाएगा. पाकिस्तान में हो रहीं गतिविधियों पर भारतीय एजेंसियों की कड़ी नजर है. पाकिस्तानी सेना की तैयारियों की निगरानी की जा रही है. पहलगाम हमले के बाद भारत में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में बड़े फैसले लिए गए. इसमें कहा गया कि आतंकीहमले के सीमा पार संबंधों की बात सामने आई. पहलगाम हमले से पाकिस्तान का संबंध सामने आया भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि कोतत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है. जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंदनहीं कर देता. हालांकि इस कदम का तत्काल कोई प्रभाव नहीं होगा. लेकिन पाकिस्तान जानता है कि उसे दीर्घावधि में इसका दर्द महसूस होगा. अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट को भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीज़ा छूट योजना (एसवीईएस) केतहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए किसी भी एसवीईएस वीज़ा को रद्द मानाजाता है. ऐसे वीज़ा के तहत भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे हैं.
टेक्सास में महिला की गला घोंटने से लेकर चाकू मारकर हत्या करने वाले युवक को दी गई मौत की सजा, पीड़िता को मिला 20 साल बाद न्याय

टेक्सास में महिला की गला घोंटने और चाकू मारकर हत्या करने वाले युवक को मौत की सजा दी गई. करीब 20 साल बाद पीड़िता को न्याय मिलसका. पीड़िता के रिश्तेदारों की मौजूदगी में अभियुक्त मोइसेस सैंडोवाल मेंडोजा को हंट्सविले के राज्य सुधार गृह में जानलेवा इंजेक्शन दिया गया. दोषी ने मार्च 2004 में 20 वर्षीय महिला रेचेल ओ नील टॉलसन की हत्या की थी.सजा से पहले दोषी मेंडोजा के लिए आध्यात्मिक सलाहकार नेलगभग दो मिनट तक प्रार्थना की. इसके बाद मेंडोजा ने पीड़िता के माता-पिता और रिश्तेदारों से बार-बार माफी मांगी उसने कहा कि मुझे आपसे रेचेलकी जिंदगी छीनने का अफसोस है. मैंने एक बेटी से उसकी मां को छीन लिया है मुझे इसके लिए खेद है मुझे पता है कि मैं जो कुछ भी कह सकता हूंया कर सकता हूं वह कभी भी इसकी भरपाई नहीं कर सकता मैं चाहता हूं कि आप जान लें कि मैं ईमानदार हूं. मैं क्षमा चाहता हूं.दोषी ने अपनी पत्नीअपनी बहन और दो दोस्तों से कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूं मैं तुम्हारे साथ हूं मैं ठीक हूं और शांति में हूं. आप जानते हैं कि मैं ठीक हूं और सब प्यारहै. इसके बाद दोषी युवक को जानलेवा इंजेक्शन लगाया गया. इसके बाद उसने जोर से हांफना शुरू कर दिया. इसके बाद उसकी सभी गतिविधियांबंद हो गईं और 19 मिनट बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया. अभियोजकों ने कहा कि 41 वर्षीय मेंडोजा ने अपनी छह महीने की बेटी को अकेलाछोड़कर टॉलसन को उसके उत्तरी टेक्सास के घर से ले लिया. टॉलसन का शव एक नाले के पास एक खेत में पड़ा मिला. टॉलसन के शरीर को था जलायामेंडोजा ने अपनी अंगुलियों के निशान छिपाने के लिए टॉलसन के शरीर को जला दिया था. जांचकर्ताओं के मुताबिक टॉलसन की पहचान के लिएडेंटल रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया था.इससे पहले बुधवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मेंडोजो के वकीलों द्वारा उसकी फांसी रोकने के अनुरोध कोअस्वीकार कर दिया था. निचली अदालतों ने भी उसकी याचिकाओं को खारिज कर दिया था. टेक्सास बोर्ड ऑफ पार्डन्स एंड पैरोल ने सोमवार कोमेंडोजा के इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया कि उसकी मौत की सजा को कम सजा में बदला जाए.अधिकारियों ने बताया कि हत्या से पहले केदिनों में मेंडोजा डलास से लगभग 72 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित फार्मर्सविले में टॉलसन के घर पर एक पार्टी में शामिल हुआ था. जिस दिन उसकाशव मिला उस दिन मेंडोजा ने एक दोस्त को हत्या के बारे में बताया. दोस्त ने पुलिस को बुलाया और मेंडोजा को गिरफ्तार कर लिया गया.अफसरों नेबताया कि मेंडोजा ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया लेकिन वह हत्या का कारण नहीं बता सका. उसने जांचकर्ताओं को बतायाकि उसने बार-बार टॉलसन का गला घोंटा उसका यौन उत्पीड़न किया और उसके शव को एक खेत में घसीटा जहां उसने फिर से उसका गला घोंटा औरफिर उसके गले में चाकू घोंप दिया. बाद में उसने उसके शव को एक अधिक दूरस्थ स्थान पर ले जाकर जला दिया.
मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जीत का चौका लगाने के बाद जाहिर की खुशी, कहा सही दिशा में जा रही हमारी टीम

IPL 2025:हार्दिक ने मैच के बाद कहा जीतकर अच्छा लग रहा है खुशी है कि टीम सही दिशा में जा रही है। मुझे लगता है कि जब सभी खिलाड़ीफॉर्म में रहेंगे तो हमारा दबदबा होगा. आईपीएल 2025 में लगातार चार जीत हासिल करने के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या बेहद खुशहैं. बुधवार को मुंबई की टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से हरा दिया. इस जीत के बाद हार्दिक ने कहा कि उन्हें खुशी है कि टीम सहीदिशा में जा रही है. ट्रेंट बोल्ट के चार विकेट के दम पर सनराइजर्स को आठ विकेट पर 143 रन पर रोकने के बाद मुंबई ने रोहित शर्मा के लगातार दूसरेअर्धशतक के दम पर तीन विकेट के नुकसान पर जीत दर्ज की.हार्दिक ने मैच के बाद कहा जीतकर अच्छा लग रहा है. खुशी है कि टीम सही दिशा मेंजा रही है मुझे लगता है कि जब सभी खिलाड़ी फॉर्म में रहेंगे तो हमारा दबदबा होगा. दीपक और बोल्ट ने गेंदबाजी में काम किया जबकि रोहित औरसूर्यकुमार ने बल्लेबाजी में यह शानदार जीत रही.दीपक चाहर से लगातार चार ओवर फिंकवाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कई बार कप्तानी मेंहालात के अनुरूप फैसले लेने होते हैं. कई चीजें पहले से निर्धारित नहीं हो सकती. जब वह पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी कर रहा था तो उसका चौथाओवर रोकने का कोई कारण नहीं था. विग्नेश पुथुर से गेंदबाजी कराने को लेकर हार्दिक ने कहा उस समय हम चाहते थे कि वह रिस्क लें और हमें एकविकेट दिलाएं. खिलाड़ी के लिए था यह कठिन कामएक युवा खिलाड़ी के लिए यह कठिन था हम सभी विभागों में बेहतर हो सकते हैं. हमने बहुत ही क्लिनिकल और बहुत स्मार्ट होने के बारे में चर्चा कीहम इसे गेम दर गेम आगे बढ़ाएंगे. हम इस जीत से बहुत संतुष्ट हैं.रोहित शर्मा (70) के लगातार दूसरे अर्धशतक की मदद से मुंबई इंडियंस ने बुधवारको आईपीएल के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से हराया. मुंबई इंडियंस की यह लगातार चौथी जीत है जिसके बाद टीम अंकतालिकामें छठे से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है. सनराइजर्स हैदराबाद के आठ विकेट पर 143 रन के जवाब में मुंबई ने 15.4 ओवर में तीन विकेट पर 146 रनबनाए. रोहित ने 46 गेंद में आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 70 रन की पारी खेली.सूर्यकुमार यादव ने 19 गेंद में नाबाद 40 रन बनाए इसमेंपांच चौके और दो छक्के शामिल थे. रोहित ने तीसरे ओवर में पैट कमिंस की आफ कटर पर डीप स्कवेयर लेग के ऊपर से छक्का और फिर चौकालगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे. इंपैक्ट सब्स्टीट्यूट के रूप में खेल रहे रोहित ने हालात को बखूबी पढा और उसके अनुसार खेला. उन्होंने जयदेवउनादकट को कवर के ऊपर दूसरा छक्का लगाया. मुंबई का अगला मैच 27 अप्रैल को लखनऊ से वानखेड़े में है.वहीं हैदराबाद की टीम अब 25 अप्रैल को चेपॉक में चेन्नई से भिड़ेगी.
सरकार की तरफ से दिए गए निर्देश,श्री नगर के लिए न बढ़ाया जाए किराया “एयरलाइंस को सख्त निर्देश”

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार सुरक्षा और पीड़ित पर्यटकों की मदद के लिए अलर्ट मोड पर है. इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय नेएयरलाइंस को श्रीनगर हवाई मार्ग पर किराया न बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. वहीं इंडिगो और एयर इंडिया ने श्रीनगर से मुंबई और दिल्ली के लिए चारअतिरिक्त उड़ाने संचालित करने का एलान किया है. इसके साथ ही एयरलाइंस ने टिकट रिशेड्यूलिंग और टिकट कैंसिलेशन चार्ज भी माफ कर दियाहै. पहलगाम में आतंकी हमले के बाद दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ आपात बैठक की. इसदौरान उन्होंने सभी एयरलाइंस को श्रीनगर मार्ग पर हवाई किराये में इजाफा न करने के सख्त निर्देश दिए. एयरलाइंस को नियमित किराया बनाए रखनेका निर्देश दिया गया है ताकि इस मुश्किल समय में किसी भी यात्री पर बोझ न पड़े.इसके अलावा तत्काल राहत उपायों के तहत श्रीनगर से चार विशेषउड़ानें दो दिल्ली और दो मुंबई के लिए चलाने का एलान किया गया है. साथ ही कई अतिरिक्त उड़ानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है. नागरिक उड्डयनमंत्री ने सभी एयरलाइनों को राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाते हुए मृतकों को उनके संबंधित गृह राज्यों में ले जाने केलिए पूर्ण सहयोग देने का भी निर्देश दिया है. मंत्रालय ने जारी किया हाई अलर्टमंत्रालय हाई अलर्ट पर है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडूने कहा कि दुखद आतंकी हमले के मद्देनजर हम श्रीनगर से पर्यटकों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. एयरलाइनकंपनियों को किराये में बढ़ोतरी से बचने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं किराये पर नजर रखी जा रही है और उन्हें उचित स्तर पर रखा जा रहाहै.अकासा एयर ने कहा कि जो यात्री अपनी बुकिंग रद्द करना चाहते हैं उन्हें 23 से 29 अप्रैल के बीच श्रीनगर जाने वाली सभी उड़ानों के लिए बिनाकिसी अतिरिक्त शुल्क के पूरा रिफंड दिया जाएगा. ग्राहक अपनी मूल तिथि से 7 दिनों के भीतर यात्रा के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनापहला शेड्यूल बदल सकते हैं जिसमें जुर्माना या किराये के अंतर की छूट भी शामिल है. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि पहलगाम में मौजूदा स्थितिको देखते हुए वह श्रीनगर से आने-जाने वाले अपने यात्रियों का सहयोग कर रही है. एयरलाइन ने कहा कि 30 अप्रैल 2025 तक श्रीनगर से या श्रीनगरके लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में यात्रा करने के लिए बुक किए गए टिकटों की तिथि परिवर्तन शुल्क और किराये के अंतर की पूरी छूट केसाथ अपनी यात्रा को रिशेड्यूल करने की सुविधा दी जा रही है. यात्री अपनी बुकिंग रद्द करने और पूर्ण धनवापसी प्राप्त करने का विकल्प भी चुनसकते हैं.
जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में गई 26 लोगों की जान 17 लोग घायल, सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किए तीन आतंकवादियों केस्कैच

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार दोपहर को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए हैं और 17 लोग घायल हैं. सुरक्षाएजेंसियों ने तीन आतंकियों के स्कैच जारी किए हैं. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ की जम्मू कश्मीर मेंसक्रिय प्रॉक्सी विंग ‘द रजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली है. जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के विश्वस्त सूत्रों का कहना है. भले ही घाटी में आतंकीसंगठनों को दहशतगर्दों की संख्या बढ़ाने के लिए नई भर्ती का अवसर नहीं मिल रहा. लेकिन वहां मौजूद विदेशी एवं लोकल आतंकियों ने बड़ी संख्यामें अपने ‘स्लीपर सेल’ तैयार कर लिए हैं. ये सेल आतंकियों को सैन्य मूवमेंट की जानकारी मुहैया कराते हैं. पहलगाम सहित जम्मू कश्मीर के अधिकांशइलाकों में चाय बेचने वाले पंक्चर लगाने वाले, ढाबा संचालक और ‘खच्चर-घोड़े व पोटर्स दिखाई पड़ते हैं. कहीं न कहीं इन्हें संदेह के दायरे से दूररखना इंटेलिजेंस चूक बन रहा है. इन्हीं में ही आतंकियों के ‘स्लीपर सेल’ शामिल रहते हैं. लिहाजा ये लोग स्थानीय होते हैं. आतंकियों को कहीं न कहीं मिल रहा लोकर सपोर्टऐसे में सुरक्षा बल भी इन पर ज्यादा शक नहीं करते हैं.जम्मू कश्मीर के सुरक्षा से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर (रिटायर्ड) कहते हैं. इसबात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि घाटी और दूसरे क्षेत्रों में आतंकियों के ‘स्लीपर सेल’ मौजूद हैं. उन्हें कहीं न कहीं बड़े स्तर पर लोकल स्पोर्टमिल रही है. चाय बेचने वाले पंक्चर मेकेनिक, ढाबा संचालक और ‘खच्चर-घोड़े व पोटर्स वाले पहले भी शक के दायरे में रहे हैं. लेकिन ये सब स्थानीयहोते हैं इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इनके साथ ज्यादा सख्ती से पेश नहीं आती. इनकी मौजूदगी हर इलाके में रहती है. घने जंगल में भी ये लोग रहते हैंअनंतनाग से पहलगाम की ओर मुख्य सड़क के आसपास ऐसी बहुत सी जगहें हैं. जहां पर्यटकों के छोटे-छोटे समूह प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने केलिए पैदल यात्रा करते हैं. यहां तक पहुंचने के लिए घोड़ों एवं खच्चरों की भी मदद ली जाती है इस कड़ी में ढाबा व चाय वाले भी मिल जाते हैं.हमले के दौरान नहीं हुआ कोई क्रोस फायरसुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने पहलगाम में जिस जगह पर हमला किया है. उसकी संरचना के बारे में निश्चित रूप से आतंकियोंके पास सभी तरह की जानकारी थी आतंकियों को सुरक्षा बलों एवं लोकल पुलिस की मूवमेंट के बारे भी पुख्ता सूचना रही होगी. उन्हें पुलिस गश्त कीटाइमिंग का भी पता होगा. आतंकियों को यह जानकारी भी रही होगी कि बैसरन घाटी में गश्त का शेड्यूल क्या रहता है जिस वक्त हमला हुआ वहांपर सुरक्षा बलों की मौजूदगी नहीं थी. हमले के दौरान कोई क्रॉस फायर भी नहीं हुआ. घास के मैदानों में भी खाने-पीने की दुकानें हैं वहां स्थानीय लोगोंद्वारा काम धंधा किया जाता है. इन ढाबों के आसपास कई पर्यटक मारे गए हैं बताया जा रहा है कि कोई ढाबा संचालक और वहां काम करने वाले, आतंकियों का निशाना नहीं बनें. हमले के काफी देर बाद सुरक्षा बल वहां पहुंचे थे तब तक सभी आतंकी जंगलों की तरफ भाग चुके थे.