पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी ने रद्द की सऊदी अरब की यात्रा,तत्काल की भारत वापसी

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़ दी .उन्होंने तत्काल भारतवापसी की. भारत वापसी के दौरान पीएम मोदी के विमान का मार्ग बदल दिया गया यह विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा. विमानअरब सागर के ऊपर भारतीय प्रायद्वीप से गुजरात के रास्ते दिल्ली पहुंचा. जबकि सऊदी अरब जाते वक्त विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब गए थे मंगलवार को पहलगाम में आतंकी हमले की सूचना मिलने के बाद पीएम मोदी ने दुखजताया. इसके बाद दौरा बीच में छोड़कर उन्होंने भारत वापसी की. पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत के बाद रात्रि भोजमें हिस्सा नहीं लिया. पीएम मोदी ने की बैठकप्रधानमंत्री आधी रात के बाद करीब दो बजे भारत के लिए रवाना हुए. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पीएम मोदी खाड़ी देश की दो दिवसीययात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को स्वदेश लौटने वाले थे.पीएम नरेंद्र मोदी का विमान जब स्वदेश लौट रहा था तो उसने रास्ता बदल लिया. फ्लाइटट्रैकिंग वेबसाइट के मुताबिक प्रधानमंत्री के भारतीय वायुसेना के बोइंग 777-300 विमान ने मंगलवार सुबह रियाद जाते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्रको पार किया था. लेकिन वापस आते समय बड़ा चक्कर लगाया. वापसी में यह अरब सागर के ऊपर से सीधा उड़ान भरकर भारतीय प्रायद्वीप को पारकरता हुआ गुजरात से प्रवेश करता हुआ वापस दिल्ली पहुंचा. इस मार्ग से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से बचा गया माना जा रहा है कि आतंकी हमले केबाद सुरक्षा के लिहाज से विमान का मार्ग बदला गया. नई दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर विमान उतरने के बाद पीएम मोदी ने विदेश मंत्री एसजयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की. इससे पहले पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर जरूरीकदम उठाने और कश्मीर पहुंचाने के निर्देश दिए.पीएम मोदी ने पहलगाम हमले को लेकर सोशल मीडिया पर किया पोस्टपीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में लिखा मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. जिन लोगों ने अपनेप्रियजनों को खो दिया है उनके प्रति मेरी संवेदनाएं मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं. प्रभावित लोगों को हर संभवसहायता प्रदान की जा रही है. इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. उनका नापाकएजेंडा कभी सफल नहीं होगा आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा.जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवारको आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी. सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम कीबायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी. 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं जबकिदो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं.
भारत के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली ने जताया आतंकी हमले पर शोक,पाकिस्तान से खेल संबंध समाप्त करने कीमांग

भारतीय खेल जगत ने भी पहलगाम आतंकी हमले पर शोक जताया है. वहीं भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने पाकिस्तान के साथ खेलसंबंध पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है. मंगलवार को हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है जिसमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. यह2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला है. पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन चीड़ के पेड़ों के घनेजंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश व दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है. पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधितआतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है.भारतीय टीम के पूर्वबल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ने भी इस हमले पर दुख जताया और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी है. सचिन ने लिखा पीड़ित परिवारअकल्पनीय कष्ट से गुजर रहे होंगे. भारत और दुनिया भर में लोग इस कठिन समय में उनके साथ हैं. हम इस हमले में जान गंवाने वाले लोगों कोश्रद्धांजलि देते हैं और न्याय की प्रार्थन करते हैं.IPL 2025 में हिस्सा ले रहे विराट कोहलीआईपीएल 2025 में हिस्सा ले रहे दिग्गज भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने इंस्टाग्राम पर लिखा पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना. जिन परिवारके लोगों ने इस कायरतापूर्ण हमले में अपनी जान गंवाई है. उनके लिए प्रार्थना करता हूं और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले ऐसीप्रार्थना करता हूं. इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान के साथ सभी प्रकार के खेल संबंधसमाप्त करने की मांग कर डाली है. गोस्वामी ने लिखा इसलिए मैं कहता हूं कि आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलें. ना सिर्फ अभी, बल्कि कभीनहीं. जब बीसीसीआई या सरकार ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम को पाकिस्तान भेजने से इन्कार किया था तो कुछ लोगों ने कहा था कि खेलको राजनीति से ऊपर रखना चाहिए कि निर्दोष भारतीयों की हत्या करना पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बना गया है और भारत को जीरो टोलेरेंस के तहतजवाब देना चाहिए ना कि बल्ले और गेंद से.मालूम हो कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2012-13 से ही द्विपक्षीय सीरीज बंद है.गोस्वामी ने किया था पहलगाम का दौराबीसीसीआई ने फरवरी-मार्च में हुए चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत की टीम भेजने से मना कर दिया था और भारतीय टीम ने फाइनल सहित अपने सभीमैच दुबई में खेले थे. गोस्वामी ने हाल ही में पहलगाम का दौरा किया था गोस्वामी ने कहा कि उन्होंने घाटी में आशा और शांति लौटती हुई महसूस कीथी. गोस्वामी ने कहा और अब फिर खूनखराबा हुआ. यह आपके अंदर कुछ तोड़ देता है. यह आपको यह सवाल करने पर मजबूर करता है कि हमसेऔर कितनी बार यह अपेक्षा की जाएगी कि हम चुप रहें. खेलते रहें. जबकि हमारे लोग मर रहे हैं। अब और नहीं। इस बार बिल्कुल नहीं.
रुस यूक्रेन संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका समेत कई देश कर रहे प्रयास,रक्षा प्रमुख शांति समझौते को लेकर करेंगें बैठक

रूस-यूक्रेन संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका समेत कई देश प्रयास कर रहे हैं. लंदन में ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोपीय देशों और यूक्रेन के राजनयिक और रक्षाप्रमुख शांति समझौते को लेकर बैठक करेंगे. ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि विदेश मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में युद्धविराम कैसा हो सकता है और दीर्घ अवधि में शांति कैसे सुनिश्चित की जा सकती है इस पर चर्चा होगी. बैठक में यूक्रेन और रूस के लिए राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप के दूत सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग भी शामिल होंगे. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि पेरिस वार्ता में शामिल होने वालेविदेश मंत्री मार्को रुबियो शेड्यूल संबंधी समस्या के कारण बैठक में नहीं आ पाएंगे. ब्रिटेन ने कहा कि रूस द्वारा अपने पड़ोसी पर पूर्ण पैमाने परआक्रमण के बाद से तीन साल से अधिक समय से चल रही लड़ाई को रोकने के लिए राजनयिक प्रयासों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है.ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि वार्ता अपने चरम पर पहुंच रही है और अगर दोनों पक्षों में से कोई भी शांति की ओर नहीं बढ़ता है तो अमेरिका इसेछोड़ सकता है. पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के इस सप्ताह फिर से मास्कोआने की उम्मीद है. शांति वार्ता को समाप्त करने की जल्दी नहींपश्चिमी विश्लेषकों का कहना है कि रूस शांति वार्ता को समाप्त करने की जल्दी में नहीं है क्योंकि उसके पास युद्ध के मैदान की गति है और वह अधिकयूक्रेनी भूमि पर कब्जा करना चाहता है. यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के प्रवक्ता डेव पेरेस ने कहा कि गेंद रूस के पाले में है. अब समय आ गया है किरूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिखाएं कि वह शांति के बारे में गंभीर हैं. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि ब्रिटेन जाने वाले यूक्रेनके प्रतिनिधिमंडल को रूस के साथ केवल बिना शर्त या आंशिक युद्धविराम पर चर्चा करने का अधिकार है. युद्धविराम के बाद हम किसी भी प्रारूप मेंबातचीत के लिए बैठने के लिए तैयार हैं. वहीं क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने चेतावनी दी कि समझौते का मुद्दा इतना जटिल है कि इस पर कुछसख्त सीमाएं लगाना और किसी समझौते के लिए छोटी समय-सीमा निर्धारित करने का प्रयास करना गलत होगा.पिछले दिनों रूस और यूक्रेन केप्रतिनिधिमंडलों ने सऊदी अरब में अमेरिकी अधिकारियों के साथ अलग-अलग वार्ता की है. रूस ने दूरगामी शर्तें लगाकर लड़ाई में तत्काल और पूरे 30 दिन की रोक के अमेरिकी प्रस्ताव को प्रभावी रूप से खारिज कर दिया है. पुतिन ने शनिवार को 30 घंटे के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की लेकिनयूक्रेन और ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा कि कथित रोक के दौरान रूसी हमले जारी रहे.
AAP का आरोप, भाजपा सरकार में निराश्रित महिलाओं की पेंशन हुई बंद, घर चलाना हो रहा मुश्किल बोले सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राजधानी में हजारों निराश्रित महिलाओंकी पेंशन पिछले दो महीने से बंद है। AAP के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने प्रेसवार्ता में कहा कि पेंशन बंद होने से विधवा, तलाकशुदाऔर बेसहारा महिलाएं भारी संकट का सामना कर रही हैं और कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। “पेंशन न मिलने से महिलाएं हो रहीं परेशान”: सौरभ भारद्वाजभारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में दिल्ली की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर असर पड़ा है। “निराश्रित महिलाएं समाज का सबसेअसुरक्षित वर्ग हैं। उनके लिए मिलने वाली पेंशन उनके जीवन यापन का एकमात्र सहारा है। अब वह दो महीने से इसे पाने के लिए दर-दर भटक रहीहैं,” उन्होंने कहा। “सरकार पेंशन काटने की तैयारी में”: AAP का दावाAAP नेता ने दावा किया कि दिल्ली की भाजपा सरकार कई हजार निराश्रित महिलाओं की पेंशन बंद करने की योजना बना रही है। उन्होंने चेताया कियदि ऐसा होता है, तो इससे महिलाओं का घर चलाना और जीवन निर्वाह करना बेहद कठिन हो जाएगा।AAP ने की तत्काल कार्रवाई की मांगसौरभ भारद्वाज ने सरकार से अपीलकी कि वह तुरंत सभी निराश्रित महिलाओं की रुकी हुई पेंशन जारी करे और किसी भी जरूरतमंद महिला की पेंशन न काटे। उन्होंने कहा कि यह एकबेहद संवेदनशील मामला है और सरकार को मानवीय दृष्टिकोण से निर्णय लेना चाहिए।
राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले पर जताया शोक, सरकार से जवाबदेही की मांग

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। इस हमले में कई पर्यटकों की मौतऔर अनेक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। कांग्रेस नेता ने इस घटना को “कायराना और दिल दहलाने वाला” बताया है। राहुल गांधी ने शोकग्रस्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने अपने बयान में कहा, “पूरादेश आतंक के खिलाफ एकजुट है, लेकिन यह आवश्यक है कि केंद्र सरकार केवल हालात सामान्य होने के खोखले दावे न करे, बल्कि अब इससंवेदनशील क्षेत्र में जवाबदेही लेते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाए।” कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि ऐसी बर्बर घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं ताकि निर्दोष नागरिकों की जान की हानि न हो। हमले की पृष्ठभूमियह आतंकी हमला जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में हुआ, जहां पर पर्यटकों से भरी एक बस को निशाना बनाया गया। प्रारंभिकरिपोर्टों के अनुसार, हमले में अब तक 3 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और सर्चऑपरेशन जारी है। सरकारी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षाअब निगाहें केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर हैं कि वे इस हमले के बाद किस तरह की रणनीतिक कार्रवाई करते हैं, और राहुल गांधी द्वारा उठाई गईजवाबदेही की मांग पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।
दिल्ली भाजपा ने डॉ. अंबेडकर की विरासत को समर्पित संगोष्ठियों की शुरुआत की, तीन स्थानों पर हुए कार्यक्रम

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति में 22 से 25 अप्रैल तक विशेष कार्यक्रमोंकी श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में आज दिल्ली के तीन अलग-अलग स्थानों पर “डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान संगोष्ठी” काआयोजन हुआ। वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रमों को किया संबोधितकार्यक्रमों के संयोजक और दिल्ली भाजपा महामंत्री तथा सांसद योगेन्द्र चंदोलिया ने जानकारी दी कि आज जिन तीन स्थलों पर कार्यक्रम आयोजितहुए, उनमें सीमापुरी के गौरी शंकर मंदिर में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, आदर्श नगर विधानसभा के आजादपुर में सांसद नरेश बंसल और सांसदप्रवीण खंडेलवाल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पूर्व सांसद रंजीता कोहली, विधायक गजेन्द्र यादव और रविकांत ने भी संगोष्ठियों में भाग लिया।मोदी सरकार ने दिया बाबा साहेब को वास्तविक सम्मानश्री चंदोलिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने डॉ. अंबेडकर को सच्चा सम्मान दिया है। विशेष रूप से ओबीसी, अनुसूचितजाति और जनजातियों के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में भी कई ऐतिहासिक कार्य हुएहैं जिनमें अलीपुर रोड स्थित अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक और जनपथ पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का निर्माण शामिल है। लगातार चलेंगे सम्मान कार्यक्रमदिल्ली भाजपा द्वारा 25 अप्रैल तक अंबेडकर सम्मान को लेकर कई अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता औरकार्यकर्ता जनजागरण के माध्यम से बाबा साहेब की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
उपराष्ट्रपति धनखड़ बोले: संसद सर्वोच्च, संविधान पर अंतिम फैसला निर्वाचित प्रतिनिधियों का अधिकार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘कर्तव्यम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संविधान और लोकतंत्र को लेकर महत्वपूर्ण विचाररखे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संविधान को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए और इसका अंतिम स्वरूप केवल निर्वाचितप्रतिनिधियों द्वारा ही तय किया जाएगा। उनके अनुसार, संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और इससे ऊपर कोई भी प्राधिकरण नहीं हो सकता। उन्होंनेयह भी कहा कि संवैधानिक पदों की प्रकृति औपचारिक या प्रतीकात्मक हो सकती है, लेकिन एक नागरिक लोकतंत्र में सर्वोच्च होता है और हर किसीकी अपनी भूमिका होती है। धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के दो प्रमुख निर्णयों — गोलकनाथ और केशवानंद भारती मामलों का हवाला देते हुए संविधान की प्रस्तावना पर न्यायपालिकाकी असंगत व्याख्याओं पर सवाल उठाए। गोलकनाथ केस में संसद को मौलिक अधिकारों में संशोधन का अधिकार नहीं दिया गया था, जबकिकेशवानंद भारती केस में संसद को संविधान संशोधित करने की अनुमति दी गई, बशर्ते वह संविधान की मूल संरचना को प्रभावित न करे। उन्होंने कहाकि यह असंगति संविधान की व्याख्या को लेकर भ्रम पैदा करती है। उन्होंने 25 जून 1975 को आपातकाल को लोकतंत्र का काला दिन बताते हुए कहा कि उस समय देश की सर्वोच्च अदालत ने नौ उच्च न्यायालयों कीसलाह की अवहेलना की थी और जनता के अधिकारों का हनन हुआ था। आपातकाल के दौरान लोगों ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया औरबलिदान दिया, लेकिन कभी समझौता नहीं किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र अभिव्यक्ति और संवाद से ही फलता-फूलता है और जबअभिव्यक्ति का गला घोंटा जाता है तो लोकतंत्र का अस्तित्व संकट में आ जाता है। धनखड़ ने संविधान की मूल संरचना और उसमें निहित सिद्धांतों जैसे लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, न्यायिक समीक्षा और मौलिक अधिकारों पर भी प्रकाशडाला। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारियों का होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि42वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 51A के तहत मौलिक कर्तव्यों को संविधान में जोड़ा गया और 86वें संशोधन से शिक्षा को भी एक कर्तव्य केरूप में शामिल किया गया। अंत में, उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारा संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता और मूल्यों का प्रतिनिधित्वकरता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रवाद में कोई मिलावट नहीं होनी चाहिए और लोकतंत्र की गुणवत्ता निष्पक्ष व समावेशी संवाद से सुनिश्चितहोती है। यदि संवाद पर पैसे वालों या विदेशी हितों का प्रभाव हो, तो लोकतंत्र कमजोर पड़ जाता है। इसलिए पक्षपात से ऊपर उठकर निष्पक्षता कोअपनाना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।
संसद में ‘बैग वार’: बांसुरी स्वराज ने ‘National Herald Ki Loot’ बैग के साथ दिया राजनीतिक संदेश

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज संसद में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में भाग लेने पहुंचीं, लेकिन इस बारउनका बैग चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने जो बैग लिया था, उस पर बड़े अक्षरों में ‘National Herald Ki Loot’ लिखा हुआ था। यह वीडियोसोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसे राजनीतिक प्रतीकवाद के रूप में देखा जा रहा है। बांसुरी स्वराज ने गांधी परिवार पर लगाए गंभीर आरोपबांसुरी ने कहा कि यंग इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी, जिसमें गांधी परिवार का 76% स्वामित्व है, ने महज 50 लाख रुपये में करीब 2000 करोड़रुपये की संपत्ति हासिल की। उन्होंने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ – मीडिया – के साथ घोटाले की संज्ञा दी। चार्जशीट में सोनिया और राहुल गांधी का नामईडी की हालिया चार्जशीट में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी, सैम पित्रोदा सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं।25 अप्रैल को विशेष अदालत इस चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए सुनवाई करेगी। प्रियंका गांधी का तंज – ‘मुझे मजेदार लगा’कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ‘नेशनल हेराल्ड की लूट’ बैग मजेदार लगा। उन्होंने कहा कि “जनतासमझ रही है कि एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है।” साथ ही यह भी कहा कि 77 वर्षीय महिला (सोनिया गांधी) को घंटों बैठाना अनुचित है। ‘बैग वॉर’ बनाम राजनीतिक संदेशहाल ही में प्रियंका गांधी भी विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रतीकात्मक बैग के साथ संसद पहुंची थीं। अब बांसुरी स्वराज की ओर से यह प्रतिक्रिया आई है, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच ‘बैग वॉर’ शुरू हो गया है। ईडी की चार्जशीट और आगे की प्रक्रियाईडी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ 5000 करोड़ की कथित आपराधिक आय से संबंधित चार्जशीट दायर की है। इससे मुकदमेकी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। गांधी परिवार की ओर से आरोप खारिज करने के लिए कोर्ट का रुख किया गया था, लेकिन राहत नहीं मिली।दोनों नेता फिलहाल जमानत पर हैं। बांसुरी स्वराज का बयानबांसुरी स्वराज ने कहा, “यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है जहां सार्वजनिक संस्थानों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया गया। अब गांधीपरिवार को 25 अप्रैल को कोर्ट में जवाब देना चाहिए।”
पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकी हमला, एक पर्यटक की मौत, कई घायल

पर्यटकों पर लक्षित हमलाजम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में मंगलवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंधगोलीबारी की, जिसमें एक सैलानी की जान चली गई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए हैं। इनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। घायललोगों में तीन स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं। आतंकियों ने छद्मवेश में दिया घटना को अंजामहमले को अंजाम देने वाले आतंकी पुलिस या सेना की वर्दी में थे और घोड़ों पर सवार होकर आए थे। उन्होंने बैसरन के ऊपरी मैदानों में बने एक टूरिस्टरिसॉर्ट को निशाना बनाया। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। TRF ने ली हमले की जिम्मेदारीखुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी संगठन TRF (द रेसिस्टेंस फ्रंट) शामिल हो सकता है। बाद में TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली है। यह हमला गर्मियों के मौसम में पर्यटकों की बढ़ती आमद को रोकने के लिए किया गया माना जा रहा है। QAT और सुरक्षा बल पहुंचे मौके परहमले के तुरंत बाद घटनास्थल पर CRPF की क्विक रिएक्शन टीम (QAT) और अन्य सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। घायलों को इलाज के लिएअस्पताल भेजा गया है, जबकि इलाके में सुरक्षा को और अधिक मजबूत कर दिया गया है। पहलगाम तक पहुंचना आसान नहींबैसरन घाटी एक ऊंचाई पर स्थित क्षेत्र है, जहां केवल पैदल या घोड़े के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। यह इलाका आमतौर पर शांत और सुरक्षितमाना जाता है और पर्यटकों में खासा लोकप्रिय है। लेकिन इस हमले ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की सख्त प्रतिक्रियाघटना की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब से गृह मंत्री अमित शाह से बात की और तत्काल एक्शन के निर्देश दिए। अमितशाह ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और बाद में खुद पहलगाम रवाना हो गए। इस मीटिंग में सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीरपुलिस और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने की निंदाप्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले को “जघन्य” करार देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई और भी मजबूत होगी। उन्होंने मृतकों केपरिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हमले को “कायरतापूर्ण” बताया और कहा कि निर्दोष नागरिकों पर ऐसा हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछले हमलों की याद दिलाता हादसाइस हमले ने पिछले साल गांदरबल में हुए उस आतंकी हमले की याद ताजा कर दी, जिसमें एक डॉक्टर और छह मजदूर मारे गए थे। अब बैसरन मेंहुआ हमला दिखाता है कि आतंकी संगठन टूरिज्म को निशाना बनाकर घाटी में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।
कनाडा में जल्द होगें आम चुनाव, ट्रंप की बदौलत लिबरल पार्टी ने पल्टी बाजी जानें क्या है मामला

कनाडा में जल्द ही आम चुनाव होने हैं जिसके चलते कनाडा में चुनावी सरगर्मी तेज है और प्रचार जोरों पर है. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व मेंलिबरल पार्टी बढ़त बनाए हुए है. वहीं कुछ समय पहले तक बढ़त में दिख रही कंजर्वेटिव पार्टी अब पिछड़ती नजर आ रही है. लिबरल पार्टी कोडोनाल्ड ट्रंप के कनाडा पर टैरिफ लगाने के फैसले का फायदा मिलता दिख रहा है.एक हालिया सर्वे के मुताबिक लिबरल पार्टी को 43 प्रतिशत लोगसमर्थन कर रहे हैं. वहीं कंजर्वेटिव पार्टी को 38 प्रतिशत लोगों का साथ मिला है भारतीय मूल के जगमीत सिंह की पार्टी एनडीपी 8.3 प्रतिशत समर्थनके साथ बुरी तरह पिछड़ गई है. वहीं ब्लॉक क्युबेकोइस पार्टी को 5.4 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिल रहा है.कनाडा में आम चुनाव के लिए मतदान28 अप्रैल 2025 को होगा हालांकि लिबरल पार्टी की मौजूदा सरकार का कार्यकाल इस साल अक्तूबर तक था. लेकिन जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे केबाद कनाडा के प्रधानमंत्री बने मार्क कार्नी ने जल्द चुनाव का एलान कर दिया. जिसके चलते अब अप्रैल में ही आम चुनाव के लिए मतदान हो रहाहै.जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व में लिबरल पार्टी की सरकार कनाडा की सत्ता पर काबिज थी. कनाडा में बढ़ी महंगाई की कीमतेंलेकिन सरकार की नीतियों के चलते कनाडा में महंगाई और मकान की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गईं. साथ ही अप्रवासियों की बढ़ती तादाद को लेकरभी कनाडा के लोग जस्टिन ट्रूडो सरकार से नाराज थे. इसका असर ये हुआ कि लिबरल पार्टी में जस्टिन ट्रूडो को पद से हटाने की मांग उठने लगी औरआखिरकार बढ़ते दबाव के चलते बीते दिनों ट्रूडो ने पीएम पद से इस्तीफे का एलान कर दिया. ट्रूडो के इस्तीफे के बाद लिबरल पार्टी ने मार्क कार्नी कोअपना नया नेता चुना. कनाडा में सरकार का कार्यकाल पांच साल का होता है अगला चुनाव कराने की समयसीमा अक्तूबर तक थी लेकिन मार्क कार्नीने सत्ता संभालते ही चुनाव में जाने का एलान कर दिया और संसद भंग कर अप्रैल में ही चुनाव कराने का फैसला किया. लिबरल पार्टी का चेहरा मौजूदकनाडा के आम चुनाव में मुख्य मुकाबला लिबरल पार्टी और कंजर्वेटिव पार्टी के बीच है लिबरल पार्टी का चेहरा मौजूदा पीएम मार्क कार्नी हैं. वहींकंजर्वेटिव पार्टी का नेतृत्व पिएरे पोलिएवरे कर रहे हैं. न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी का चेहरा भारतीय मूल के जगमीत सिंह हैं वहीं ब्लॉक क्युबेकोइस पार्टी केनेता फ्रेंकोइस ब्लेंकेट हैं.कनाडा में भी भारत की तरह मतदाता सीधे प्रधानमंत्री के लिए मतदान नहीं करते हैं। कनाडा में भी मतदाता सांसदों का चुनावकरते हैं जिस पार्टी के सबसे ज्यादा सांसद होते हैं. उसका नेता प्रधानमंत्री चुना जाता है. कनाडा में 343 संघीय निर्वाचन क्षेत्र हैं जिन्हें कनाडा मेंइलेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट भी कहा जाता है. इन संघीय निर्वाचन क्षेत्रों से निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए सदस्य चुने जाते हैं. 172 सीटें पानेवाली पार्टी को बहुमत मिलता है और उसका नेता पीएम बनता है.