आप सांसद राघव चड्ढा का राज्यसभा में 10 मिनट डिलीवरी सेवाओं पर विरोध, गिग वर्करों की सुरक्षा की चिंता

आम आदमी पार्टी (आप) सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में ‘शून्यकाल’ के दौरान तेजी से बढ़ रही 10 मिनट डिलीवरी सेवाओं पर कड़ा विरोध जतायाऔर कहा कि इस प्रथा को तुरंत बंद किया जाना चाहिए क्योंकि इससे गिग वर्करों की जान पर बन आती है। उन्होंने कहा कि ये डिलीवरी बॉय कोईमशीन नहीं, बल्कि किसी के पिता, पति, भाई या बेटे हैं। राघव चड्ढा ने कहा- ‘हम 10 मिनट में खाना आने की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन क्या हम उनलोगों की सुरक्षा के बारे में सोचते हैं जो यह डिलीवरी करते हैं?’ राघव चड्ढा ने कहा कि जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, जेप्टो, ओला-उबर जैसी कंपनियों मेंकाम करने वाले डिलीवरी और सवारी सेवा कर्मी देश की अर्थव्यवस्था को चलाने वाले अदृश्य पहिए हैं। वे रोज मोबाइल एप के लिए बटन दबाते ही’ऑर्डर आ गया है’, ‘सवारी आ गई है’ जैसे नोटिफिकेशन देकर लोगों की सुविधा सुनिश्चित करते हैं। लेकिन लोग इन सेवाओं के पीछे काम करने वालेव्यक्ति की हालत और संघर्ष को नहीं देखते। क-स्टार रेटिंग जैसी स्थितियां बन जातीउन्होंने कहा कि 10-मिनट डिलीवरी का दबाव इतना ज्यादा है कि डिलीवरी कर्मियों को ओवरस्पीड, लाल सिग्नल पार, और ट्रैफिक नियम तोड़ने परमजबूर होना पड़ता है। राघव चड्ढा के अनुसार यदि वे कुछ मिनट लेट हो जाएं तो रेटिंग गिर जाती है, इंसेंटिव कट जाता है, एप लॉग आउट कर दियाजाता है। आईडी ब्लॉक होने का डर रहता है राघव चड्ढा ने आगे कहा- सिर्फ पांच से सात मिनट की देरी पर गाली-गलौज, धमकी, एक-स्टार रेटिंगजैसी स्थितियां बन जाती हैं, जिससे पूरे महीने की कमाई प्रभावित होती है। सुरक्षित कामकाजी माहौल और सम्मानजनक वेतन की व्यवस्थाआप सांसद ने कहा कि गिग वर्कर 12-14 घंटे की ड्यूटी करते हैं, बारिश, सर्दी, गर्मी, हर मौसम में काम करते हैं। इस दौरान उनके पास सुरक्षात्मककपड़े नहीं होते हैं। उनके लिए कोई बोनस या जोखिम भत्ता नहीं भी नहीं होता है। राघव चड्ढा ने कहा कि फैक्ट्री कर्मियों की तुलना में, गिग वर्करों केपास, स्थायी नौकरी, सुरक्षित कार्य वातावरण, स्वास्थ्य या दुर्घटना बीमा, किसी भी तरह की सुरक्षा मौजूद नहीं है। राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार और सदनसे मांग की कि- 10 मिनट डिलीवरी सेवा को बंद किया जाए, गिग वर्करों के अधिकार सुरक्षित किए जाएं। उनके लिए स्वास्थ्य लाभ, बीमा, सुरक्षितकामकाजी माहौल और सम्मानजनक वेतन की व्यवस्था की जाए।
PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के रिश्ते कई ऐतिहासिक पड़ावों पर पहुँच रहे हैं.. पिछले 10 सालों मेंदुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और इन सबके बीच, भारत-रूस के रिश्ते समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं- PM मोदी भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं,चाहे पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला हो याक्रोकस सिटी हॉल पर हुआ कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है- PM मुझे पूरा भरोसा है कि यह प्लेटफॉर्म हमारे बिज़नेस संबंधों को नई मजबूती देगा। यह एक्सपोर्ट, को-प्रोडक्शन और को-इनोवेशन के लिए भी नएदरवाज़े खोलेगा, हाल ही में रूस में दो नए भारतीय कॉन्सुलेट खोले गए हैं। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और हमारीआपसी नज़दीकी और मज़बूत होगी – PM मैं रूसी डेलीगेशन के गर्मजोशी और मेहमाननवाज़ी भरे स्वागत के लिए भारत की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और हमारे सभी भारतीय साथियों को दिल सेधन्यवाद देता हूँ- पुतिन हम सबसे बड़ा भारतीय न्यूक्लियर पावर प्लांट , कुडनकुलम बनाने के लिए एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट भी चला रहे हैं,6 में से दो रिएक्टर यूनिट पहले हीएनर्जी नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं, और चार अभी बन रही हैं- पुतिन रूसी कंपनियां प्रधानमंत्री मोदी फ्लैगशिप प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया के तहत इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन शुरू करेंगी- पुतिन !!
रुपया गिरावट पर चौधरी सुनील सिंह का हमला, सरकार प्रचार में व्यस्त, अर्थव्यवस्था संकट में

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने भारतीय रुपये की गिरती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ़ सरकार विश्वपटल पर भारत को “विश्व गुरु” बताने में लगी है, जबकि दूसरी तरफ़ अर्थव्यवस्था लगातार गिरावट की ओर बढ़ रही है। चौधरी सुनील सिंह ने कहा किरुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच चुका है और वर्तमान स्थिति ऐसी है जैसे भारतीय रुपया “डॉलर के सामने भीख माँगता” दिखाई देता है। उनकेअनुसार, सरकार का ध्यान केवल प्रचार, इवेंट और शो-ऑफ़ पर केंद्रित है, जबकि आर्थिक चुनौतियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। महंगाई बढ़ती हैउन्होंने कहा जब रुपया कमजोर होता है तो महंगाई बढ़ती है, आयात महंगा होता है और उसका सीधा असर आम जनता, किसान, व्यवसायी औरनौजवान पर पड़ता है। लेकिन सरकार इस पर मौन है। हर मुद्दे पर फ़ोटोशूट और भाषण होते हैं, मगर आर्थिक बदहाली पर कोई जवाब नहीं। लोकदलअध्यक्ष के इन बयानों ने मौजूदा आर्थिक स्थिति पर सरकार की नीतियों को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकारसमय रहते कदम नहीं उठाती, तो आने वाले दिनों में ये स्थिति आम लोगों के लिए और भी मुश्किलें बढ़ा सकती है।
पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल को भावपूर्ण विदाई बांसुरी स्वराज को पितृ शोक, दिल्ली में उमड़ा श्रद्धांजलियों का सैलाब

सरिता साहनी04 दिसंबर 2025, नई दिल्लीस्वराज कौशल के निधन से गम का माहौलदेश के प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल के अचानक निधन की खबर ने पूरे देश को दुखी कर दिया। दोपहर मेंउनके घर पर हृदय आघात आने से उनकी हालत बिगड़ गई। परिवार ने उन्हें तुरंत एम्स अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने सभी प्रयासों के बाद उन्हेंमृत घोषित कर दिया। उनके निधन से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा देश शोक में डूब गया है। सुषमा स्वराज के जीवनसाथी और बांसुरी स्वराज के पितास्वराज कौशल, भारत की पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे। परिवार के लिए यह क्षति बहुत गहरी है, खासकर उनकी बेटी सांसदबांसुरी स्वराज के लिए, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। अंतिम संस्कार से लेकर पूरी प्रक्रिया के दौरान बांसुरी स्वराज भावुक नजर आईं।उन्होंने अपने पिता के संस्कार सनातन परंपरा के अनुसार सूर्यास्त से पहले पूरा किया। अस्पताल से घर और फिर अंतिम यात्रा की शुरुआतएम्स अस्पताल से डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद स्वराज कौशल का पार्थिव शरीर उनकी बेटी के आवास 10 तालकटोरा रोड लाया गया।वहां परिवार, रिश्तेदार, करीबी लोग और उनके सम्मान में पहुंचे नेता लगातार उन्हें श्रद्धांजलि देने आते रहे। इसके बाद सभी धार्मिक और पारंपरिक रस्मेंपूरी की गईं और पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के लिए लोधी रोड श्मशान घाट ले जाया गया। बड़े नेताओं की मौजूदगी और श्रद्धांजलिबांसुरी स्वराज के आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गजेन्द्र सिंह शेखावत, किरण रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, सांसद कमलजीतसहरावत, सुप्रिया शुले, निशिकांत दूबे, विपल देव, संगीता देवी, मालविका देवी, स्वाति मालीवाल समेत कई नेताओं ने पहुंचकर उनके पार्थिव शरीरपर पुष्पांजलि अर्पित की। लोधी रोड श्मशान घाट पर जनसागरअंतिम संस्कार के समय लोधी रोड श्मशान घाट पर हजारों लोग मौजूद थे।केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्लीविधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, आरएसएस के वरिष्ठ सदस्य इंद्रेश कुमार, अनिल गुप्ता, भारत अरोड़ा, दयानंद, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्रसचदेवा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी, डॉ. संबित पात्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, आदेश गुप्ता, मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह, महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, दिनेश प्रताप सिंह और कई विधायकों, निगम पार्षदों, वरिष्ठकानूनविदों, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने भी अंतिम दर्शन करके श्रद्धांजलि दी। वीरेन्द्र सचदेवा का भावुक वक्तव्यदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए कहा कि श्री स्वराज कौशल का निधन सिर्फ बांसुरी स्वराज केलिए निजी क्षति नहीं है, बल्कि देश ने एक बेहद कुशल अधिवक्ता और सच्चे स्टेट्समैन को खो दिया है। उन्होंने कहा कि कानून और संविधान के प्रतिस्वराज कौशल की समझ अद्भुत थी, जिसे हमेशा याद किया जाएगा। दिल्ली पुलिस की अंतिम सलामीअंतिम संस्कार से पहले दिल्ली पुलिस की एक टुकड़ी ने स्वराज कौशल को सम्मानपूर्वक अंतिम सलामी दी। यह सलामी उनके लंबे सार्वजनिक जीवनऔर देश सेवा के प्रति उनके योगदान की पहचान थी। इस सम्मान को देखकर मौजूद लोगों की आँखें नम हो गईं। बांसुरी स्वराज द्वारा अंतिम संस्कार की विधि पूरीसनातन परंपरा के अनुसार सूर्यास्त से पहले बांसुरी स्वराज ने अपने पिता की चिता को अग्नि दी। इस भावुक क्षण में पूरे श्मशान घाट में शांति औरगंभीरता का वातावरण छाया रहा। हर व्यक्ति के चेहरे पर सम्मान, दुख और संवेदना साफ दिखाई दे रही थी। देश ने खोया एक ज्ञानी, सरल और सम्मानित व्यक्तित्वस्वराज कौशल न सिर्फ एक अनुभवी वकील थे, बल्कि जनसेवा में गहरी आस्था रखने वाले सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे। वह मिजोरम केराज्यपाल रह चुके थे और अपनी सादगी, विद्वता और सौम्य व्यवहार के लिए देशभर में सम्मानित थे। उनके निधन ने एक युग का अंत जैसा दर्द पैदाकिया है। शोक और संवेदनाओं की लहरउनके निधन के बाद राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी जगत से लगातार श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी है। हर कोई उन्हें एक कुशल सलाहकार, समर्पित जनसेवक और सरल स्वभाव वाले इंसान के रूप में याद कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनकी स्मृतियों को साझा किया जा रहा है औरलोग अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं।स्वराज कौशल की विरासत सदैव याद रहेगीस्वराज कौशल की स्मृतियाँ केवल उनके परिवार या राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं। उनका जीवन, कार्य और उनके द्वारा निभाए गए दायित्वआने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उनका जाना एक गहरी रिक्तता छोड़ गया है, लेकिन उनका सम्मान, उनकी सरलता और देश के प्रतिउनकी निष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी। पुतिन के भारत दौरे से पहले राहुल गांधी का बड़ा आरोप, सरकार विदेशी नेता
दिल्ली को स्वच्छ बनाने की बड़ी पहल शहरी विकास मंत्री आशीष सूद का वार्ड 99 में निरीक्षण

सरिता साहनी04 दिसंबर 2025, नई दिल्लीहरि नगर विधानसभा में सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायज़ादिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने हरि नगर विधानसभा के वार्ड संख्या 99 में कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा कर कूड़ा प्रबंधन औरस्वच्छता व्यवस्था की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने FCTS प्वाइंट, सब्ज़ी मंडी के पास, नांगल राया, मंगल पांडे मार्ग, माया एन्क्लेव केसामने, पीली कोठी और JJ क्लस्टर जैसे गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स की वास्तविक स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुछ ढलावपॉइंट्स की हालत चिंताजनक है और वहाँ कॉम्पैक्ट ट्रांसफर स्टेशन जैसे प्रबंधों की आवश्यकता है। FCTS प्वाइंट पर जर्जर सब स्टेशन को लेकर त्वरित कार्रवाई के निर्देशसब्ज़ी मंडी के पास स्थित FCTS प्वाइंट पर निरीक्षण के समय मंत्री ने देखा कि कूड़ा घर के बिल्कुल पास BSES का सब स्टेशन बेहद खराबस्थिति में है। यह स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। इस पर उन्होंने BSES और MCD अधिकारियों को तुरंत सब स्टेशनकी मरम्मत कराने और कूड़ा घर के आसपास गड्ढों को भरने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कूड़ा घर के बाहर कचरा फैलने से रोकने के लिएउसके चारों ओर दीवार बनाई जाए। रात में कूड़ा फेंकने की समस्या को खत्म करने की तैयारीमंगल पांडे मार्ग और माया एन्क्लेव के सामने स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि बंद किए जा चुके कूड़ा घर में फिर भी लोग रात के समय कचरा डालदेते हैं। इस जानकारी पर मंत्री ने MCD अधिकारियों को आदेश दिया कि रात में यहाँ सिविल डिफेंस कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कोई भीव्यक्ति अंधेरे में कचरा न फेंक सके। पीली कोठी और JJ क्लस्टर में सफाई की कमजोर स्थिति से नाराज़गीपीली कोठी के पास JJ क्लस्टर में निरीक्षण के दौरान निवासियों ने बताया कि यहाँ नियमित रूप से सफाई नहीं होती। कूड़ा इकट्ठा हो जाता है औरउसके सही प्रबंधन की व्यवस्था भी नहीं है। MCD अधिकारियों ने बताया कि इस इलाके में नौ टिप्पर कचरा उठाने में लगे हैं। इसके बावजूद सफाईठीक से नहीं हो रही थी, जिस पर मंत्री महोदय ने नाराज़गी जताते हुए सभी टिप्परों के नंबर, ड्राइवर के नाम और रूट प्लान तत्काल उपलब्ध कराने कोकहा। उन्होंने साफ कहा कि सफाई कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कीजाएगी। दिल्ली सरकार का मिशन स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल राजधानीनिरीक्षण के बाद आशीष सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सभी मंत्री और विधायक लगातार दिल्ली के ऐसे इलाकों का दौरा कर रहे हैं जहाँस्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन को मज़बूत करने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि हर गार्बेज वल्नरेबल पॉइंटपर ऐसी सुविधाएँ विकसित हों जहाँ कचरा सही तरीके से डाला, इकट्ठा और अलग किया जा सके, ताकि शहर अधिक स्वच्छ और पर्यावरण केअनुकूल बन सके। नगर निगम और राज्य सरकार में सहयोग की नई संस्कृतिसूद ने कहा कि दिल्ली सरकार अब टकराव नहीं बल्कि समन्वय और समाधान की नीति पर काम कर रही है। पिछली सरकारों में नगर निगम और राज्यसरकार के बीच खींचतान रहती थी, लेकिन अब दोनों मिलकर दिल्ली की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। शहरी विकास विभाग जरूरत पड़ने परMCD को आर्थिक और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा, ताकि सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। 10 दिनों बाद दोबारा निरीक्षण का ऐलानमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि अगले 10 दिनों में इन सभी स्थलों पर साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन की स्थिति में स्पष्ट सुधारदिखना चाहिए।उन्होंने घोषणा की कि वे 10 दिन बाद इन स्थानों का पुनः निरीक्षण करेंगे। स्थानीय निवासियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकारयुद्धस्तर पर काम कर रही है और शहर को स्वच्छ, आधुनिक और रहने योग्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दिल्ली में कैंसर का बढ़ता खतरा सरकार की लापरवाही ने बिगाड़ा स्वास्थ्य ढांचा – देवेंद्र यादव

सरिता साहनी04 दिसंबर 2025, नई दिल्ली कैंसर के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई दिल्ली की चिंताआईसीएमआर–नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की ताज़ा रिपोर्ट ने दिल्ली में कैंसर की भयावह स्थिति को उजागर कर दिया है। कांग्रेस नेता देवेंद्र यादवके अनुसार दिल्ली में हर वर्ष कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो यह दिखाती है कि राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था बड़े संकट की ओर बढ़रही है। साल 2024 में 28,387 मरीज सामने आए, जबकि 2023 में 27,561 और 2022 में 26,735 मामलों का खुलासा हुआ। यह बढ़तेआंकड़े चिंता पैदा करते हैं और दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते हैं। दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोरियाँ खुलकर सामनेदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करने के लिए अस्पतालों में संसाधन बेहद सीमित हैं। आधुनिक मशीनें, विशेषज्ञ डॉक्टर और कैंसर केंद्रों की पर्याप्त संख्या न होने के कारण मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा किदिल्ली में न तो पर्याप्त कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधाएँ हैं और न ही ऐसे अस्पताल जो बड़ी संख्या में मरीजों का समय पर इलाज कर सकें। इन कमियों केकारण मरीजों को या तो निजी अस्पतालों की ओर जाना पड़ता है या इलाज में देरी होने के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। दिल्ली की जहरीली हवा कैंसर के खतरे को और बढ़ा रही हैदिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता कई वर्षों से गंभीर समस्या बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा में मौजूद धूल, रसायन, धुआँ और प्रदूषक तत्वफेफड़ों व अन्य प्रकार के कैंसर के बड़े कारण बन रहे हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी की हवा में मौजूद खतरनाक ज़हरीले तत्व लोगों के स्वास्थ्य को अत्यधिक नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने यह भीबताया कि प्रदूषण, तनाव, मिलावटी खान-पान और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली मिलकर कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी कर रहे हैं। कैंसर इलाज में सरकार की नाकामी स्पष्टदेवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार कैंसर मरीजों के लिए दवाइयों, परीक्षणों और इलाज की सुविधाओं को बढ़ाने में बिल्कुल नाकामरही है।उन्होंने बताया कि दिल्ली में नकली दवाइयों का धंधा खुलेआम चल रहा है, जिससे मरीज बीमारी से लड़ने के बजाय गलत दवाइयों के कारण अपनीजान गंवा रहे हैं। यह सरकार की गंभीर लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की कमजोर कार्यप्रणाली को दर्शाता है। दूसरी ओर, गरीब मरीज महंगे निजीअस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर सकते, और सरकारी अस्पतालों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। दिल्ली में कैंसर की बढ़ती संभावनाएँ चौंकाने वालीआईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में हर 6 पुरुषों में से 1 और हर 7 महिलाओं में से 1 व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने कीसंभावना है। पुरुषों में कैंसर के निदान की औसत आयु 58 वर्ष और महिलाओं में 55 वर्ष बताई गई है। इस औसत के अनुसार दिल्ली देश के उनराज्यों में शामिल हो गया है जहां कैंसर का खतरा सर्वाधिक है, और इसका सीधा कारण दिल्ली का खतरनाक वातावरण माना जा रहा है। आवश्यक उपाय जागरूकता, स्क्रीनिंग और बेहतर सुविधाएँदेवेंद्र यादव ने कहा कि कैंसर के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए दिल्ली सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को पूरे शहर में कैंसरजागरूकता अभियान चलाना चाहिए, अस्पतालों में स्क्रीनिंग सुविधाएँ बढ़ानी चाहिए और आधुनिक कैंसर उपचार केंद्र स्थापित करने चाहिए। इसकेसाथ ही जरूरतमंद मरीजों के लिए मुफ्त दवाइयों और उपचार की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को बचाने के लिए येकदम अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन गए हैं। जनता की सुरक्षा में विफल रही सरकारदिल्ली में बढ़ते कैंसर मामलों की भयावह स्थिति साफ बताती है कि प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और दवाइयों की निगरानी मेंसरकार बुरी तरह विफल रही है। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में बढ़ती बीमारी और बिगड़ते स्वास्थ्य ढांचे के लिए मौजूदा सरकार पूरी तरह जिम्मेदारहै। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी राजधानी के लिए और भी बड़ा संकट बनसकती है।
2009 से अब तक अमेरिका ने 18,822 भारतीयों को निर्वासित किया, 2025 में अकेले 3,258 भारतीयों को भेजा वापस राज्यसभा में विदेशमंत्री एस जयशंकर की जानकारी

केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि 2009 से अब तक अमेरिका ने 18,822 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया है। वहीं जनवरी2025 से अब तक 3,258 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया है। यह जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में एक पूरक प्रश्न केजवाब में दी है। राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि राज्य सरकारों और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने भी मानव तस्करीके मामलों की जांच की है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मानव तस्करी के सबसे अधिक मामले पंजाब से देखने को मिले हैं।विदेश मंत्री ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया, 2009 से अब तक कुल 18,822 भारतीय नागरिकों को भारत डिपोर्ट कियागया है। दो अक्टूबर को दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कियाउन्होंने कहा कि 2023 में 617 भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया था और 2024 में 1,368 लोगों को वापस भेजा गया था। लेकिन2025 में इस आंकड़े में बड़ा उछाल देखने को मिला। जनवरी 2025 से अभी तक कुल 3,258 भारतीय नागरिकों को अमेरिका ने वापस भेजा है।इनमें से 2032 लोगों (लगभग 62.3 प्रतिशत) को सामान्य उड़ानों के जरिए वापस भारत भेजा, जबकि बाकी 1,226 (37.6 प्रतिशत) अमेरिकीआव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) या सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा(सीबीपी) द्वारा संचालित चार्टर उड़ानों से लौटे हैं। लिखित सवालों काजवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि एनआईए ने कुछ साल पहले एक मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ बनाया था। जिसे मानव तस्करी के मामलों कीजांच का प्राधिकार प्राप्त है। राज्यों ने भी इस प्रकार के मामलों में जांच शुरू की है। एनआईए ने मानव तस्करी के 27 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करजांच की है, जिनमें 169 गिरफ्तारियां हुई हैं और 132 व्यक्तियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए हैं। एनआईए ने हरियाणा और पंजाब में सातअगस्त को दो प्रमुख तस्करों को और हिमाचल प्रदेश में दो अक्टूबर को दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन हिरासत में उनके साथ दुर्व्यवहार हुआविदेश मंत्री ने कहा कि राज्यों में पंजाब में मानव तस्करी के सर्वाधिक मामले हैं। पंजाब सरकार ने एसआईटी और एसआईटी गठित की है। पंजाबसरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, 58 अवैध ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ 25 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं और 16 आरोपियों को गिरफ्तार कियागया है। वहीं हरियाणा राज्य में 2,325 मामले और 44 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। इन मामलों में 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात राज्य नेभी एक महत्वपूर्ण तस्कर को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय, अमेरिकी आईसीई/सीबीपी की निर्वासन प्रक्रिया के दौरान भारतीयनागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु अमेरिकी पक्ष के साथ निरंतर बातचीत कर रहा है।उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए हथकड़ी-बेड़ियों के उपयोग को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति अमेरिकी अधिकारियोंके समक्ष दर्ज कराई है। जयशंकर ने कहा पांच फरवरी की निर्वासन उड़ान के बाद से महिलाओं और बच्चों को बेड़ियां पहनाने की कोई घटना मंत्रालयके संज्ञान में नहीं आई है। हरजीत कौर के मामले पर उन्होंने कहा, हमारे आव्रजन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें हथकड़ी नहीं लगाई गई थी, लेकिन हिरासत में उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ।
सोनिया गांधी और विपक्षी सांसदों ने संसद में किया वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन, सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग

विपक्षी नेताओं ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसविरोध प्रदर्शन में सोनिया गांधी भी शामिल हुईं। सोनिया गांधी ने शहर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार से तुरंत एक्शन लेने की मांग की।हाथ में प्लेकार्ड लिए, कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार के बाहर नारे लगाए और प्रधानमंत्री से बयान देना बंद करनेऔर एक्शन लेने को कहा। वायु प्रदूषण की समस्या की गंभीरत को दिखाने के लिए कुछ सांसदों ने विरोध स्वरूप मास्क भी लगाए हुए थे। विरोधप्रदर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, ‘यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह कुछ करे क्योंकि बच्चे मर रहे हैं। मेरे जैसे बूढ़ेलोगों को भी मुश्किल हो रही है।’ प्रर्दशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा किवायु प्रदूषण का मुद्दा राजनीतिक नहीं है और वे इस मुद्दे पर चर्चा और ठोस एक्शन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘वायु प्रदूषण कोई राजनीतिकमुद्दा नहीं है। सरकार को ठोस एक्शन लेना चाहिए, हम सब इसमें साथ हैं। लोग परेशान हैं।’ गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानीक्षेत्र इन दिनों खराब वायु गुणवत्ता की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार से ठोस कदम उठाने की मांगप्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘बाहर के हालात तो देखिए। जैसा सोनिया जी ने कहा, बच्चे सांस नहीं ले पा रहे हैं। उन्हें अस्थमा है, और उनके जैसे वरिष्ठनागरिकों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालात साल दर साल खराब होते जा रहे हैं। हर साल सिर्फ बयान दिए जाते हैं, कोई ठोस एक्शन नहींलिया जाता। हम सबने कहा है कि सरकार को एक्शन लेना होगा और हम सब उनके साथ खड़े हैं। यह कोई पॉलिटिकल मुद्दा नहीं है कि हम एक-दूसरेपर उंगली उठाएं।’ कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ‘मैंने आज काम रोको प्रस्ताव दिया है। दिल्ली में AQI 400 है, लोगों का बुरा हाल है। बच्चोंको सांस लेने में दिक्कत हो रही है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बड़ा संकट है। इसपर सदन में चर्चा होनी चाहिए।’ विपक्षी सांसदों ने आज वायुप्रदूषण की समस्या को लेकर संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने कहा कि वायु प्रदूषण राजनीतिक मुद्दा नहीं है औरइसके चलते बच्चों और बूढ़ों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
पुतिन के भारत दौरे से पहले राहुल गांधी का बड़ा आरोप, सरकार विदेशी नेताओं को विपक्ष से मिलने नहीं देती

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार अपनी ‘असुरक्षा’ के कारण विदेश से आने वाले गणमान्य व्यक्तियों को कहती है किवे विपक्ष के नेता (एलओपी) से न मिलें। राहुल गांधी का यह बयान तब सामने आया है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ ही घंटे बाद दो दिनके भारत दौरे पर आने वाले हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, अब तक परंपरा रही है कि विदेश से आने वाले नेता विपक्ष के नेता सेभी मिलते थे। यह (पूर्व प्रधानमंत्री) अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के समय में भी होता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेशमंत्रालय इस परंपरा का पालन नहीं कर रहे हैं। राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, आम तौर पर परंपरा है कि विदेश से आने वाले नेताविपक्ष के नेता से भी मिलते हैं। यह वाजपेयी जी के समय होता था, मनमोहन सिंह जी के समय भी। लेकिन इन दिनों सरकार विदेशियों से कहती हैकि वे मुझसे न मिलें। विदेश जाते समय भी यही होता है। हमें संदेश मिलता है कि सरकार ने कहा है कि ‘आपसे न मिलें’। भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखनाउन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता भी भारत का प्रतिनिधित्व करता है और इन बैठकों से विदेशी नेताओं को एक अलग नजरिया मिलता है। लेकिनसरकार नहीं चाहती कि विदेशी नेता विपक्ष से मिलें। उन्होंने कहा, यह परंपरा है, लेकिन मोदी जी और विदेश मंत्रालय इस परंपरा का पालन नहींकरते। जब पूछा गया कि सरकार ऐसा क्यों करती है, तो उन्होंने कहा, यह उनकी असुरक्षा के कारण है। पुतिन आज शाम भारत पहुंचेंगे और शुक्रवारको प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर बैठक करेंगे। इस बैठक में रक्षा संबंधों को मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखनाऔर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दुनिया में लोकतंत्र की छवि धूमिल हुईराहुल गांधी के इस आरोप पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, यह बहुत अजीब है। एक प्रोटोकॉल होता है और सभी आने वाले गणमान्य व्यक्तिनेता प्रतिपक्ष से मिलते हैं। सरकार इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रही है और उनकी सभी नीतियां इसी पर आधारित हैं। वे नहीं चाहते हैं कि कोईअपनी आवाज उठाए। वे किसी और की राय नहीं सुनना चाहते हैं। उन्हें लोकतंत्र के प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। भगवान जाने उन्हें किस बातका डर है। लोकतंत्र में सभी को अपनी राय रखने का अधिकार होना चाहिए, चर्चा होनी चाहिए और उचित कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार असुरक्षित हैऔर यह फैसला उसी का प्रतिबिंब है। इसे प्रोटोकॉल को तोड़कर और पलटकर उन्हें क्या मिलेगा? यह उनकी असुरक्षा है। दुनिया में लोकतंत्र की छविधूमिल हुई है।
काशी में 19 साल के युवा ने हजारों मंत्रों का कंठस्थ पाठ कर सबको चौंकाया, प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ भी हुए देवव्रत की उपलब्धि के मुरीद

बिना किसी किताब को देखे, बिना रुके, लगातार 50 दिनों तक हजारों कठिन संस्कृत मंत्रों का शुद्ध उच्चारण करना आज के दौरान में किसी के लिएअसंभव सा लगता है, पर इसे 19 वर्ष के एक युवक ने इसे सच कर दिखाया। महाराष्ट्र के एक 19 वर्षीय युवा देवव्रत महेश रेखे ने वह कर दिखाया हैजो पिछले 200 वर्षों में किसी ने नहीं किया। उनकी इस कठिन ‘साधना’ ने न केवल काशी के विद्वानों को चौंका दिया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीऔर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी उनका मुरीद बना दिया। देवव्रत महेश रेखे मूल रूप से महाराष्ट्र के अहिल्या नगर के रहने वाले हैं। महज 19 वर्ष की आयु में उन्होंने वेदों के प्रति वह समर्पण दिखाया है जो बड़े-बड़े विद्वानों के लिए भी दुर्लभ है। देवव्रत वर्तमान में वाराणसी (काशी) के रामघाटस्थित वल्लभराम शालिग्राम सांगवेद विद्यालय के छात्र हैं। देवव्रत एक वैदिक परिवार से आते हैं। उनके पिता वेदब्रह्मश्री महेश चंद्रकांत रेखे स्वयं एकप्रतिष्ठित वैदिक विद्वान हैं और उन्होंने ही देवव्रत को इस कठिन मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया है। पांडुरंग पुराणिक ने बताया किदेवव्रत ने जिस उपलब्धि को हासिल किया है, उसे वैदिक शब्दावली में ‘दंडकर्म पारायण’ कहा जाता है। यह वेदों के पाठ की सबसे जटिल विधियों मेंसे एक है। यह पाठ शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा से संबंधित है। इसमें करीब 2,000 मंत्र शामिल हैं। इसके पाठ के नियम भी कठिन हैं।देवव्रत को बिना किसी ग्रंथ को देखे (कंठस्थ), पूरी शुद्धता और लय के साथ इन मंत्रों का उच्चारण करना था, और उन्होंने इसे कर दिखाया। यहअनुष्ठान लगातार 50 दिनों तक चला। उन्होंने 2 अक्तूबर से 30 नवंबर तक बिना किसी बाधा के इस उपलब्धि हो हासिल किया। 30 नवंबर कोदंडक्रम पारायण की पूर्णाहुति के बाद उन्हें शृंगेरी शंकराचार्य ने सम्मान स्वरूप सोने का कंगन और 1,01,116 रुपये दिया गया। दंडक्रम पारायणकर्ताअभिनंदन समिति के पदाधिकारियों चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद, चल्ला सुब्बाराव, अनिल किंजवडेकर, चंद्रशेखर द्रविड़ घनपाठी, प्रो. माधव जर्नादन रटाटेव पांडुरंग पुराणिक ने बताया कि नित्य साढ़े तीन से चार घंटे पाठ कर देवव्रत ने इसे पूरा किया। ये सफलता हमारी आने वाली पीढ़ियों की प्रेरणा बनने वादेवव्रत की उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका इतिहास है। ऐसा माना जाता है कि ‘दंडकर्म पारायण’ का यह कठिन स्वरूप पिछले 200 वर्षोंमें किसी ने पूर्ण नहीं किया था। इससे पहले, लगभग दो सदी पूर्व नासिक के वेदमूर्ति नारायण शास्त्री देव ने यह उपलब्धि हासिल की थी। आज केडिजिटल दौर में, जब याददाश्त पर तकनीक हावी है, एक 19 साल के युवा द्वारा हजारों मंत्रों को कंठस्थ करना और उन्हें त्रुटिहीन सुनाना एक चमत्कारजैसा है। देवव्रत की इस सिद्धि ने देश के शीर्ष नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर खींचा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देवव्रत की प्रशंसा करते हुए लिखा, “19 वर्ष के देवव्रत महेश रेखे जी ने जो उपलब्धिहासिल की है, वो जानकर मन प्रफुल्लित हो गया है। उनकी ये सफलता हमारी आने वाली पीढ़ियों की प्रेरणा बनने वाली है… काशी से सांसद होने केनाते मैं विशेष रूप से आनंदित हूं।”