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चित्तापुर रूट मार्च पर मंत्री प्रियांक खरगे का वार, अब तो आरएसएस भी ले रहा कानूनी अनुमति “जानें और क्या कुछ कहा”

कलबुर्गी में कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने रविवार को आरएसएस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि संगठन ‘100 साल में पहली बार’ नियमों का पालनकरते हुए रूट मार्च कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार चित्तापुर में होने वाले मार्च के लिए आरएसएस ने कानूनी और संवैधानिक अनुमति ली है, जोपहले नहीं देखा गया था। चित्तापुर विधानसभा क्षेत्र, जहां से प्रियांक खरगे विधायक हैं, में आरएसएस ने रूट मार्च निकालने की योजना बनाई थी।शुरुआत में जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद संगठन अदालत पहुंचा और वहीं से इजाजत मिली। प्रियांक खरगे ने कहा कि वे मार्च केखिलाफ नहीं हैं, बस नियमों के पालन पर जोर है।सीसीटीवी कैमरे लगाए गएउन्होंने कहा, ‘मैंने कभी रूट मार्च का विरोध नहीं किया। मैंने बस इतना कहा कि अनुमति लेनी चाहिए। उनके यहां नियमों का पालन करने की आदतकम है, लेकिन अब कर रहे हैं, अच्छी बात है।’ उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन ने कड़े नियम और शर्तें लगाई हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर शर्तें नहीं मानीगईं, तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। इसमें समस्या ही क्या है?।’ उनका दावा है कि यह ‘पहली बार है जब आरएसएस कानून और संविधान केअनुसार चल रहा है।’ आरएसएस के मार्च शुरू होने से पहले बजाज कल्याण मंटप के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरलिया है। इस कड़ी में बम निरोधक दस्ता और स्निफर डॉग्स ने जगह-जगह जांच की है। इसमें पेड़ों से लेकर इमारतों की छतों तक पर नजर रखी जारही है। भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे रास्ते पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गईराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का रूट मार्च शाम 3.30 बजे बाजाज कल्याण मंटप से शुरू होगा, लगभग 1.2 किमी चलेगा और फिर उसी इलाके में समाप्तहोगा। यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक बयानबाजी, प्रशासनिक सख्ती और सुरक्षा तैयारियों के बीच इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस नेताऔर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर करारा हमला बोला है और कहा कि आरएसएस 100 साल में पहली बारनियमों का पालन कर रहा है। बता दें कि आरएसएस के मार्च शुरू होने से पहले बजाज कल्याण मंटप के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

रोहिणी के आरोपों पर तेज प्रताप का गुस्सा, ‘बहन का अपमान हुआ तो सुदर्शन चक्र चलेगा “जिसने बहन को दुख दिया, बचेगा नहीं”

रोहिणी आचार्या के घर और पार्टी छोड़ने के बयान के बाद अब तेज प्रताप यादव का बयान सामने आया है, जिसमें वह गुस्से में नजर आ रहे हैं। उन्होंनेकहा कि हमारी बहन का जो अपमान करेगा उस पर कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलेगा। तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि रोहिणी दीदी जो बात कह रहीहै, वह अपनी जगह बिल्कुल सही कह रही हैं। एक मां होने के नाते, एक महिला होने के नाते, एक बहन होने के नाते उन्होंने जो सराहनीय काम उन्होंनेकिया है, वह शायद ही कोई बेटी या कोई बहन या कोई मां कर सकती है। यह हमारे लिए और सभी महिलाओं के लिए ये पूरे तरीके से ये पूजनीय हैंऔर सदैव इनकी चर्चा कि जाएगी। यह एक इतिहास रहेगा और इतिहास के पन्नों में मेरी बहन का नाम सुनहरे पन्नों में रहेगा। अपमानित किया जातारोहिणी आचार्या ने सबसे पहले कल एयरपोर्ट पर अपने अपमान की बात कही थी। उन्होंने अपनी बातों में कहा कि मैंने अपना मायका और राजद पार्टीसे अलग हो गई हूं। पूछने पर उन्होंने दो नाम लिया और कहा कि यह बात अब आपलोग खुद को चाणक्य कहने वाले संजय यादव और रफीज सेपूछिये, तेजस्वी यादव से पूछिये। अब तो स्थिति यह हो गई है कि इनका नाम लेने पर चप्पल से मारा जाता है, अपमानित किया जाता है और घर सेनिकाला जाता है। पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गयारोहिणी आचार्या ने फिर आज सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जिसके बाद आज हर जगह इसकी चर्चा हो रही है। उन्होंने लिखा कि, “कल मुझेगालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूँ और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी , करोड़ों रूपए लिए , टिकट लिया तब लगवाई गंदीकिडनी .. सभी बेटी – बहन , जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा – भाई हो , तो भूल कर भी अपने भगवान रूपीपिता को नहीं बचाएं , अपने भाई , उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे ” .. सभी बहन – बेटियां अपना घर – परिवार देखें, अपने माता – पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे , अपना काम, अपना ससुराल देखें , सिर्फ अपने बारे में सोचें .. मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा , किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमतिली .. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया .. आप सब मेरे जैसी गलती , कभी , ना करे किसीघर रोहिणी जैसी बेटी ना हो।”

वर्कशॉप की पूरी कमाई बाढ़ पीड़ितों को दान, CM भगवंत मान ने अमृतसर की बच्चियों की दिल से सराहना की

एक ऐसी उम्र जिसमें जहां बच्चे खिलौनों और मिठाइयों के सपने देखते है, अमृतसर की दो छोटी बच्चियों ने अलग सपने देखने का फैसला किया।सिर्फ 7 साल की मोक्ष सोई और 6 साल की श्रीनिका शर्मा ने जन्मदिन के तोहफे या नई गुड़िया नहीं मांगीं। इसके बजाय, उनके छोटे-छोटे हाथों नेक्रोशिया की सुइयों से अथक मेहनत की, धागे ही नहीं बल्कि उम्मीद बुनी। उनकी प्रदर्शनी का नाम था “क्रोशिए ऑफ काइंडनेस” (दयालुता कीबुनाई)। यह कला दिखाने के लिए नहीं थी, बल्कि इंसानियत दिखाने के लिए थी। उनके द्वारा बनाई गई हर रंगीन चीज में उनके मासूम दिलों कीगर्माहट थी। और जब प्रदर्शनी खत्म हुई, तो इन दोनों फरिश्तों ने कुछ ऐसा किया जो बड़ों को भी एहसास करवा गया के समाज को ऐसी संवेदना कीबहुत जरूरत है। उन्होंने पंजाब की बाढ़ पीड़ितों के लिए अपनी कमाई का एक-एक पैसा दान कर दिया। सब समझ लिया जो मायने रखतामुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन अद्भुत बच्चियों से मुलाकात की और उनकी आंखों में वो खुशी दिखी की जो वो अपने लोगों को समझाना चाहते है लोगउसे समझ रहे है। उन्होंने इनके निस्वार्थ कदम की सराहना करते हुए कहा कि ये पंजाब की असली भावना की दूत है। उन्होंने कहा, “जब इतने छोटेबच्चे दूसरों का दर्द समझते है और कुछ करते है, तो वे हमें सिखाते है कि इंसान होने का मतलब क्या है।” उन्होंने कहा और दोनों बच्चियों कोआशीर्वाद दिया। यह दिल छू लेने वाला काम मिशन चढ़दीकला का हिस्सा है। पंजाब का फिर से उठने का संकल्प, भयंकर बाढ़ के बाद जिसने हजारोंलोगों को बेघर और दुखी कर दिया। जब बड़े लोग बहस और देरी में लगे थे, मोक्ष और श्रीनिका ने बस काम किया। उन्होंने दुख देखा और प्यार सेजवाब दिया। जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे नुकसान को समझ भी नहीं पाते, इन दोनों ने वह सब समझ लिया जो मायने रखता है।

बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचण्ड जीत, पीएम मोदी की विकास नीतियों पर जनता का अटूट विश्वास बोले भूपेंद्र सिंह चौधरी

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन की प्रचण्ड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने इसऐतिहासिक परिणाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी उत्कृष्ट विकास नीतियों की साफ-सुथरी सफलता बताया है। भूपेंद्र सिंह चौधरी नेकहा कि बिहार की जनता ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि प्रधानमंत्री मोदी के अंत्योदय, गरीब कल्याण योजनाएँ और विकसित भारत केसंकल्प ने देश के हर वर्ग के मन में विश्वास जगाया है। उनका कहना था कि यह जीत बिहार की देवतुल्य जनता द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्वपर व्यक्त किए गए अटूट भरोसे का प्रमाण है। पार्टी के कर्मठ पदाधिकारियों और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं का हृदय से आभारप्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह परिणाम साबित करता है कि एनडीए सरकार की जनसेवा, गरीब केंद्रित नीतियाँ, और विकास के प्रति समर्पण नेजनता के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने इस विशाल जनादेश को “जनकल्याण की प्रभावशाली नीतियों की विजय” बताया। भूपेंद्र सिंह चौधरीने इस ऐतिहासिक जीत के लिए बिहार की देवतुल्य जनता-जनार्दन, पार्टी के कर्मठ पदाधिकारियों और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार औरअभिनंदन व्यक्त किया।

एनडीए की जीत पर लोकदल का बयान सुनील सिंह बोले, अब असली परीक्षा जनता के वादों पर खरा उतरने की

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन की बड़ी जीत के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी क्रम में लोकदल केराष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने एनडीए को बधाई तो दी, लेकिन साथ ही आने वाले समय में सरकार के सामने खड़ी चुनौतियों और जनता की अपेक्षाओंको भी साफ-साफ रेखांकित किया। सुनील सिंह ने कहा कि चुनाव परिणाम लोकतंत्र की शक्ति और जनता के निर्णय का सम्मान है, लेकिन यह जीतकेवल जश्न का विषय नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने कहा जनता ने एनडीए को जनादेश जरूर दियाहै, पर अब उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।” इन मुद्दों पर काम करतीउन्होंने कहा कि अब जनता इन्हीं वादों के आधार पर सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करेगी और भविष्य में उसके प्रति अपना समर्थन या असंतोषदर्ज कराएगी। सुनील सिंह ने यह भी कहा कि भले ही चुनावी मैदान में सुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दे प्रधान रहे, लेकिन वास्तविकचुनौती है—इन सभी वादों को ज़मीनी स्तर पर उतारकर दिखाना। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषणों और नारों से आगे बढ़कर अब कामों की असलीपरीक्षा होगी। जनता केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि बदलाव चाहती है। आने वाले वर्षों में यह देखा जाएगा कि सरकार कितनी गंभीरता से इन मुद्दों परकाम करती है।

श्रीनगर धमाका – AAP ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

श्रीनगर के पुलिस स्टेशन में देर रात हुआ बम धमाका पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन गया है। इससे पहले दिल्ली में धमाका हुआ था और अभीउसकी जांच चल ही रही थी कि श्रीनगर में हुई इस नई घटना ने लोगों में डर और बेचैनी बढ़ा दी है। आम आदमी पार्टी ने इसे सुरक्षा तंत्र की बड़ीनाकामी बताया है और केंद्र सरकार से सख्त सवाल पूछे हैं। अरविंद केजरीवाल का बयान देश में आखिर हो क्या रहा है?AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि श्रीनगर का धमाका बेहद दुखद और चिंता बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में धमाकेकी गूँज अभी थमी भी नहीं थी और देश को एक और दर्दनाक खबर सुननी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में लगातार धमाके कैसे हो रहे हैं औरसुरक्षा एजेंसियाँ क्या कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे होने दी गई। केजरीवाल ने शहीदपुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मनीष सिसोदिया की तीखी प्रतिक्रिया सुरक्षित भारत का नारा खोखला साबित हो गयाAAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने श्रीनगर धमाके को सुरक्षा तंत्र की सीधी विफलता बताया। उन्होंने कहा कि पहलगाम की पीड़ा अभी खत्म भीनहीं हुई थी कि दिल्ली और फिर श्रीनगर में धमाकों ने पूरे देश में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार सुरक्षित भारत का दावाकरती है, लेकिन लगातार हो रहे धमाके साबित करते हैं कि यह दावा बिल्कुल झूठा है। सिसोदिया ने कहा कि यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्किसुरक्षा एजेंसियों की गहरी लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति शोक व्यक्त किया और घायलों के लिए प्रार्थना की। अनुराग ढांडा का सीधा आरोप गृहमंत्री और प्रधानमंत्री को पद छोड़ देना चाहिएAAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि जब देश की सुरक्षा बार-बार टूट रही है और निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, तब गृहमंत्री औरप्रधानमंत्री दोनों के लिए पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में नैतिकता की कोई जगह नहीं रह गईहै और लगातार हो रही घटनाएँ इसका सबूत हैं। ढांडा ने कहा कि देश के नागरिक लगातार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सरकार की जिम्मेदारी हैकि वह इस स्थिति को तुरंत सुधारे। अंकुश नारंग की प्रतिक्रिया यह हमला कायराना और बेहद दुखदएमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने श्रीनगर धमाके को बेहद कायराना बताया। उन्होंने कहा कि इस हमले में कई बहादुर पुलिसकर्मी शहीद हुए हैंऔर कई घायल हैं, जो अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि ईश्वर घायलों को जल्दठीक करे। AAP का आरोप सुरक्षा तंत्र में गंभीर खामियाँ सामने आईंआम आदमी पार्टी ने कहा है कि दिल्ली और श्रीनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में लगातार धमाके होना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहींन कहीं बड़ी खामी है। खुफिया एजेंसियों की तरफ से पहले कोई चेतावनी नहीं मिलना, सुरक्षा एजेंसियों का सतर्क न होना और लगातार हो रहीघटनाओं पर सरकार का स्पष्ट जवाब न देना ये सभी बातें देश में गहरी चिंता पैदा करती हैं। पार्टी का कहना है कि इन धमाकों से साफ है कि सरकारदेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल साबित हो रही है। लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब राजधानी तक सुरक्षित नहीं है, तो देश केबाकी हिस्सों की सुरक्षा का भरोसा कैसे किया जाए।

दिल्ली में धूल और प्रदूषण पर बड़ी कार्रवाई शुरू-मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का ज़मीनी निरीक्षण

दिल्ली को साफ और सुरक्षित बनाने की कोशिशदिल्ली में हर साल सर्दियों के समय धूल और प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है। हवा भारी हो जाती है और लोगों को साँस लेने में भी परेशानी होती है। इसीसमस्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने समय रहते सफाई और धूल नियंत्रण के काम को तेज़ कर दिया है। इस काम को और प्रभावी बनाने के लिएपर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वसंत कुंज और महिपालपुर के कई इलाकों का दौरा किया और स्थिति को खुद अपनी आँखों से देखा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की निगरानी में तेज़ तैयारीदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि धूल और ट्रैफिक वाली समस्याओं को तुरंत और तेज़ी से हल किया जाए। सरकार ने ऐसे 62 स्थान चुने हैं जहाँ बहुत ज़्यादा धूल उड़ती है या जहाँ ट्रैफिक की वजह से कचरा और मिट्टी जमा हो जाती है। इन्हीं जगहों पर सफाई और नियंत्रण केकाम सबसे ज़्यादा किए जा रहे हैं ताकि सर्दियों में प्रदूषण न बढ़े। मंत्री का अचानक निरीक्षण–साफ देखने का वास्तविक प्रयासपर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा बिना किसी सूचना के वसंत कुंज और महिपालपुर के कई स्थानों पर पहुँचे। उन्होंने सड़क की हालत, सफाई कास्तर, धूल की मात्रा और कचरे की स्थिति को बहुत ध्यान से देखा। वह अपने साथ उन जगहों की पहले खींची गई तस्वीरें लेकर आए थे ताकि वे सीधेतुलना करके समझ सकें कि सफाई का काम ठीक हुआ है या नहीं। उन्होंने सबसे पहले वसंत कुंज के Bhatnagar School वाली सड़क, मसूदपुरडेयरी वाला क्षेत्र, एमएम रोड, Ryan International School के पास का हिस्सा और महिपालपुर से वसंत वैली स्कूल तक का पूरा रास्ता देखा।ये सभी इलाके लंबे समय से धूल और कचरे की समस्या के लिए जाने जाते रहे हैं। कमियों को मौके पर ही चिन्हित किया गयानिरीक्षण के दौरान मंत्री ने कई जगहों पर स्टाफ की कमी, मशीनों की कम उपलब्धता और सफाई के गलत समय जैसे मुद्दों को पहचाना। उन्होंनेअधिकारियों को वहीं खड़े-खड़े सुधार के आदेश दिए, ताकि अगली बार जब निरीक्षण हो, तो कोई कमी न मिले। उन्होंने कहा कि सड़क पर जमा धूलसमय के साथ स्मॉग बनाती है, और यही स्मॉग दिल्ली की हवा को गंभीर रूप से खराब करता है। इसलिए धूल को हटाना सरकार की सबसे बड़ीप्राथमिकता है। धूल नियंत्रण के लिए लगातार सफाई और पानी का छिड़कावमंत्री सिरसा ने आदेश दिया कि जिन सड़कों पर धूल ज़्यादा उड़ती है वहाँ रोज़ साफ़-सफाई होगी। जहाँ ज़रूरत पड़ेगी वहाँ पानी का छिड़काव भी होगा, ताकि धूल उड़कर हवा में न जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक दिन सफाई कर देने से दिल्ली साफ नहीं होगी, बल्कि रोज़, समय पर और सही तरीके सेसफाई करते रहना बहुत ज़रूरी है। सरकार यह भी चाहती है कि हर ज़ोन में स्प्रिंकलर मशीनें, सफाई वाहन और स्टाफ उचित संख्या में उपलब्ध रहें। नागरिकों की शिकायतों पर तुरंत कार्यवाहीनिरीक्षण के दौरान मंत्री सिरसा को सोशल मीडिया पर एक शिकायत मिली कि Ryan International School वाले क्षेत्र में सफाई कमजोर है।उन्होंने उसी समय उस क्षेत्र का जायज़ा लिया और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि तुरंत सफाई बेहतर की जाए। उन्होंने कहा कि हर नागरिक कीशिकायत बहुत महत्वपूर्ण है। Green Delhi App या सोशल मीडिया पर यदि कोई समस्या बताई जाए, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। औद्योगिक प्रदूषण पर भी नज़रमंत्री सिरसा ने यह भी बताया कि दिल्ली की सीमा के पास कई उद्योग हैं जिनसे भी प्रदूषण होता है। दिल्ली सरकार उनके बारे में पास के राज्यों सेलगातार बातचीत कर रही है। सरकार चाहती है कि इन उद्योगों में प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों को नियंत्रित किया जाए, ताकि दिल्ली की हवा औरखराब न हो। सरकार का लक्ष्य – दिल्ली की हवा को हमेशा के लिए बेहतर बनानानिरीक्षण के बाद मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ रोज़ की सफाई नहीं है। यह एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। सरकार चाहती है कि दिल्ली की धूल, कचरेऔर गंदगी से जुड़ी समस्याएँ हमेशा के लिए खत्म हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में लोगों को इस काम का असर बिल्कुल साफदिखाई देगा सड़कें साफ होंगी, धूल कम होगी और हवा हल्की और सांस लेने लायक होगी।

भाजपा की जीत का असली मंत्र मजबूत त्रिदेव, मजबूत संगठन – वीरेंद्र सचदेवा

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने द्वारका बी वार्ड में आयोजित त्रिदेव सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा संगठन की असली ताकत कोबेहद सरल और साफ शब्दों में रखा। सम्मेलन में सांसद कमलजीत सहरावत और भाजपा प्रत्याशी मनीषा सहरावत की उपस्थिति ने कार्यक्रम को औरऊर्जा से भर दिया। पूरा माहौल कार्यकर्ताओं के उत्साह, जोश और समर्पण से सराबोर रहा। त्रिदेव–भाजपा संगठन का सबसे मजबूत आधारवीरेंद्र सचदेवा ने मंच से बोलते हुए कहा कि भाजपा अपनी पहचान बड़े-बड़े पदों से नहीं, बल्कि अपने समर्पित कार्यकर्ताओं से बनाती है। उन्होंने कहाकि पार्टी के त्रिदेव बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रमुख और मंडल अध्यक्ष संगठन की सबसे मजबूत रीढ़ हैं। ये तीनों जिम्मेदारियां संभालने वाले कार्यकर्ताही वह शक्ति हैं, जो भाजपा को हर घर तक पहुंचाती हैं और जनता के भरोसे को मजबूत बनाती हैं। उनके अनुसार, संगठन तब तक मजबूत नहीं होसकता जब तक त्रिदेव एकजुट और सक्रिय न हों। कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही भाजपा हर जगह सफलअपने संबोधन में सचदेवा ने यह बात स्पष्ट कही कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव या अभियान की सफलता काअसली श्रेय बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को जाता है। ये कार्यकर्ता न केवल भाजपा की नीतियों को जनता तक पहुंचाते हैं, बल्कि लोगोंकी समस्याओं को भी पार्टी तक लाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत हमेशा कार्यकर्ताओं के पसीने और मेहनत की बदौलत ही होती है। प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को लोगों तक पहुँचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारीवीरेंद्र सचदेवा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन की मजबूती तभी संभव है जब हर त्रिदेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं और नीतियों कोईमानदारी से जनता तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि देशभर में विकास, गरीबों की सहायता, युवाओं के अवसर और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लोग तभी समझपाएंगे जब कार्यकर्ता उन्हें सरल भाषा में बताने का काम करेंगे। सचदेवा ने इसे भाजपा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। द्वारका में उमड़ा कार्यकर्ताओं का जोशद्वारका बी वार्ड में आयोजित यह सम्मेलन भाजपा की संगठनात्मक ताकत और एकता को दिखाता है। सम्मेलन में उपस्थित त्रिदेव कार्यकर्ताओं नेअपनी भूमिका को पूरी गंभीरता से निभाने का वादा किया।उन्होंने आगामी चुनावों और अभियानों के लिए अपनी तैयारियों को और तेज करने कासंकल्प भी लिया। इस बैठक में सभी कार्यकर्ताओं का उत्साह लगातार दिखाई देता रहा और संगठन की मजबूती साफ तौर पर महसूस की गई। जय भाजपा, तय भाजपा–एकता और विश्वास का संदेशकार्यक्रम के अंत में वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा के लिए सेवा ही सबसे बड़ी राजनीति है। उन्होंने कहा कि अगर त्रिदेव पूरी ईमानदारी और लगनसे अपना काम करते रहें, तो भाजपा के लिए जीत हमेशा सुनिश्चित रहेगी। उन्होंने मंच से कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए यह नारा दिया जयभाजपा, तय भाजपा। यह नारा कार्यकर्ताओं के दिलों में नई ऊर्जा भरने वाला साबित हुआ।

जब दिल्ली दुख में डूबी थी, मोदी जश्न मना रहे थे-देवेंद्र यादव का बड़ा आरोप

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने लाल किला धमाके पर केंद्र सरकार की चुप्पी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रवैये को बेहदअसंवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के लोग हादसे के बाद सदमे और डर में थे, तब प्रधानमंत्री बिहार चुनाव में मिली जीत का जश्नमनाने में व्यस्त थे। यह जनता की पीड़ा के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। दिल्ली में धमाका, शहर में मातम–लेकिन केंद्र की चुप्पीलाल किला कार धमाके ने दिल्ली को झकझोर दिया। इस विस्फोट में 13 लोगों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।दिल्ली के कई परिवारों में मातम छा गया, लोग डर और असुरक्षा में थे। शहर के लोग उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री पीड़ितों के लिए कुछ शब्दकहेंगे, उनके परिवारों से संवेदना व्यक्त करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार की इस चुप्पी ने लोगों के दुख को और बढ़ा दिया। मोदी का जश्न, दिल्ली का दर्ददेवेंद्र यादव ने कहा कि धमाके के तुरंत बाद प्रधानमंत्री भूटान से लौटे और सीधे भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहाँ बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जीतका बड़ा जश्न मनाया गया। इस जश्न के दौरान भी लाल किला विस्फोट में मारे गए 13 लोगों या घायल नागरिकों का कोई ज़िक्र नहीं किया गया।देवेंद्र यादव का आरोप है कि जब दिल्ली पीड़ा में थी, प्रधानमंत्री केवल राजनीतिक जीत का प्रदर्शन करने में लगे थे। पीड़ितों को मिली मामूली सहायता–मुख्यमंत्री पर भी उठे सवालदेवेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मुआवजा घोषणा को बेहद कम और असंवेदनशील बताया। मृतकों को 10 लाख रुपये, स्थायीविकलांगता वाले लोगों को 5 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 2 लाख रुपये देने का निर्णय पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय, नमक छिड़कने जैसा बताया गया। उनका कहना है कि इतने बड़े हादसे और इतने बड़े नुकसान के बाद सरकार को और गंभीर, संवेदनशील और उदारकदम उठाने चाहिए थे। प्रधानमंत्री की यात्रा से घंटों जाम, लोगों की परेशानी बढ़ीदेवेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री के जश्न में शामिल होने के कारण ITO और आसपास के क्षेत्रों में भारीट्रैफिक जाम लग गया। हजारों लोग कई घंटों तक बसों और गाड़ियों में फंसे रहे। शहर में पहले ही धमाके के कारण डर और बेचैनी थी, उस पर जाम नेलोगों की परेशानी और बढ़ा दी। देवेंद्र यादव ने कहा कि पहले किसी प्रधानमंत्री के दौर में दिल्ली में इतना बड़ा जाम केवल एक कार्यक्रम के कारणनहीं लगता था, लेकिन अब VIP मूवमेंट के कारण आम जनता को भारी तनाव झेलना पड़ता है। अंत में–पीड़ितों के प्रति संवेदना सबसे पहले होनी चाहिएलेख के अंत में देवेंद्र यादव ने कहा कि लाल किला धमाका केवल एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों के जीवन को हमेशा के लिए बदल देने वालीत्रासदी है। ऐसे समय में केंद्र सरकार का कर्तव्य था कि वे पहले पीड़ितों को सांत्वना देते, उनके परिवारों को सहारा देते, लेकिन उनकी प्राथमिकताजश्न रही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का दर्द और सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए।देवेंद्र यादव ने सरकार से आग्रह किया कि वह पीड़ितों केलिए उचित मुआवजा, बेहतर चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर तुरंत कदम उठाए।

कला की उड़ान, क्रिएटिव भारत की पहचान-शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कॉलेज ऑफ आर्ट्स के दीक्षांत समारोह में भरी नई ऊर्जा

दीक्षांत समारोह में शिक्षा मंत्री आशीष सूद की विशेष मौजूदगीदिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद 15 नवम्बर 2025 को कॉलेज ऑफ आर्ट्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।समारोह में शिक्षा सचिव, कॉलेज के प्रिंसिपल, संकाय सदस्य और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। यह अवसर केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्किरचनात्मकता और मेहनत का उत्सव बन गया। यह Convocation नहीं, आपकी Creativity का जश्न हैसूद ने अपने संबोधन में कहा कि यह समारोह केवल पारंपरिक दीक्षांत नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति, जज़्बे और मेहनत का उत्सव है।उन्होंने कहा कि छात्रों ने यह सिद्ध किया है कि समर्पण और निरंतर प्रयास हमेशा सफलता की ओर ले जाता है। उनके अनुसार, यह उपलब्धि भविष्यकी रचनात्मक दुनिया में एक मज़बूत कदम है। रचनात्मकता है सभ्यता की ऑक्सीजनशिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि क्रिएटिविटी सभ्यता की ऑक्सीजन है और किसी भी देश के विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बताए गए Content, Creativity और Culture के तीन स्तंभों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह Orange Economy भारत की नई शक्ति बन रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में कलाकार, डिज़ाइनर और क्रिएटिव प्रोफेशनल भारत की वैश्विकपहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। कला के पाँच आधार और रचनात्मक अभ्यास की गहराईआशीष सूद ने कला की बुनियाद समझाते हुए बताया कि कोई भी क्रिएटिव प्रैक्टिस पाँच मुख्य तत्वों—Material, Process, Function, Aesthetic और Concept—पर आधारित होती है। उनके अनुसार, कला केवल एक कृति नहीं, बल्कि किसी भावना, परंपरा, स्मृति और शहर कीपहचान तक पहुँचने का माध्यम है। कला एक क्षण का निर्णय नहीं, बल्कि जीवन भर चलने वाली यात्रा है। कॉलेज ऑफ आर्ट्स की ऐतिहासिक भूमिकाशिक्षा मंत्री ने 1942 में स्थापित कॉलेज ऑफ आर्ट्स की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान ने दशकों से भारतीय कला को दिशा देने का कार्यकिया है। बीएफए, एमएफए और पीएचडी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह कॉलेज केवल शिक्षा नहीं, बल्कि एक सशक्त इमैजिनेशन इकोसिस्टमतैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान भारत की कला संस्कृति को और भी सशक्त बनाएगा। डिजिटल दौर में कला का महत्वतेज़ी से बदलते डिजिटल युग में, जहाँ ध्यान भटकना आसान है, कला हमें फिर से केंद्रित, संवेदनशील और गहराई से सोचने की क्षमता देती है। सूद नेकहा कि भारतीय कला लंबे समय तक वैश्विक बाज़ारों से दूर रही, लेकिन अब यह दूरी कम हो रही है और भारतीय कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नईपहचान बना रहे हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारतीय कलाकार विश्व संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विकसित भारत 2047 और क्रिएटिव इकॉनमी की शक्तिअपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि भारत जब 2047 के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, उस यात्रा में क्रिएटिव इकॉनमी देश की सबसेबड़ी ताकत बन रही है। आत्मनिर्भर भारत मिशन में कलाकारों, स्कल्प्टर्स, डिज़ाइनरों और क्रिएटिव युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंनेकहा कि रचनात्मक सोच और कल्पनाशीलता भारत को आर्थिक, सांस्कृतिक और वैश्विक स्तर पर नई दिशा देगी। आपकी Creative Confidence ही भारत की Cultural Confidence हैआशीष सूद ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं का आत्मविश्वास भारत की सांस्कृतिक शक्ति बनेगा। उनकी कल्पनाशक्ति भारत की Soft Power को मजबूत करेगी, और उनके विचार भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊँचाई देंगे। उन्होंने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे अपनेकौशल और रचनात्मक क्षमता के साथ भारत को आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ। रचनात्मक शिक्षा को आगे बढ़ाने का संकल्पसमारोह में मंत्री ने कॉलेज प्रिंसिपल, संकाय और पूरी टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कला, संस्कृतिऔर क्रिएटिव शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी और संस्थानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। दीक्षांत समारोह में 277 छात्रों को डिग्री प्रदानसमारोह के दौरान बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स कार्यक्रम के 227 छात्रों और मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स के 47 छात्रों को डिग्री दी गई। इसके अलावातीन विशेष बच्चों को भी उनकी उपलब्धियों के अनुसार डिग्री प्रदान की गई। इस विशेष अवसर ने सभी छात्रों के लिए एक नई शुरुआत और भविष्यकी रचनात्मक यात्रा का मार्ग प्रशस्त किया।