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NEWS अब तक

प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, बिहार का अगला मुख्यमंत्री पीएम मोदी और अमित शाह तय करेंगे

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया है। भागलपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा अंततः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही तय करेंगे। इस दौरान किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कारणों […]

लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का बयान

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वह पूरी तरह से एक छलावा साबित हो रहे हैं। इस फैसले से आम जनता को कोई वास्तविक राहत मिलने वाली नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ पेट्रोल पंप मालिकों और तेल कंपनियों को ही पहुंचेगा।सरकार बार-बार यह […]

पश्चिम एशिया संकट पर पीएम Narendra Modi की सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से अहम बातचीत, सुरक्षित शिपिंग और शांति पर जोर

पश्चिम एशिया संकट में गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सह प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की। दोनों के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘मैंने ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों […]

POCSO केस में अग्रिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बढ़ी कानूनी घेराबंदी

इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम मामले में अग्रिम जमानत दिए जाने के कुछ दिनों बाद, इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। यह अपील मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दायर की है। उन्होंने उच्च न्यायालय के 25 मार्च के […]

Narendra Modi की अहम बैठक: पश्चिम एशिया संकट, तेल-एलपीजी आपूर्ति और भारतीयों की सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में बदलते हालात की समीक्षा की जाएगी और इसके भारत पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाएगा, खासकर तरल प्राकृतिक गैस (एलपीजी) और तेल आपूर्ति से मुद्दों पर […]

30,640 करोड़ की बड़ी मंजूरी उड़ान योजना, हाई-टेक इमिग्रेशन और क्लाइमेट कमिटमेंट पर सरकार का बड़ा फैसला

भारत सरकार ने देश के विमानन ढांचे, इमिग्रेशन सिस्टम और वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 30,640 करोड़ रुपये के की परियोजनाओं और नीतिगत फैसलों को अपनी मंजूरी दे दी है। इन अहम फैसलों में क्षेत्रीयकनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाली ‘मॉडिफाइड उड़ान योजना’ और ‘आईवीएफआरटी 3.0′ के विस्तार के साथ-साथ पेरिस समझौते के तहत भारत केराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय शामिल है। कैबिनेट की बैठक में सबसे बड़ा वित्तीय आवंटनविमानन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए किया गया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में हवाई संपर्क को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने’मॉडिफाइड उड़ान योजना’ को 28,840 करोड़ रुपये की भारी-भरकम मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश भर में 100 नए हवाई अड्डों और 200 हेलीपैड विकसित करने की योजनाओं के साथ क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। विकास से जुड़ी कॉर्पोरेट रणनीतियों को एक नई दिशा देगाकैबिनेट ने विदेशियों के भारत आने, उनके वीजा और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है।सरकार ने ‘इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग’ (आईवीएफआरटी 3.0) योजना को अगले पांच वर्षों यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है, जिसके लिए 1,800 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आम लोगों और यात्रियों के नजरिए से इसकासीधा मतलब यह है कि अब इमिग्रेशन और वीजा सेवाएं पूरी तरह से हाई-टेक और सुरक्षित नेटवर्क से जुड़ी रहेंगी, जिससे सही विदेशी यात्रियों कोभारत आने में कोई परेशानी नहीं होगी और साथ ही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा भी पहले से ज्यादा मजबूत होगी। वित्तीय मंजूरियों के अलावा, कैबिनेट नेवैश्विक पर्यावरण से जुड़ा एक प्रमुख नीतिगत फैसला भी लिया है। सरकार ने पेरिस समझौते के तहत भारत के ‘नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन’ कोऔपचारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला वैश्विक मंच पर भारत की कार्बन उत्सर्जन कम करने की प्रतिबद्धताओं को स्पष्ट करता है और भविष्य में ग्रीनएनर्जी तथा सतत विकास से जुड़ी कॉर्पोरेट रणनीतियों को एक नई दिशा देगा।

Narendra Modi–Donald Trump की बातचीत, Hormuz Strait को सुरक्षित और खुला रखने पर जोर, पश्चिम एशिया में शांति की अपील

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अमेरिका के बीच उच्च स्तर पर अहम बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपतिट्रंप से फोन पर बात कर क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की जरूरत पर दोनों नेताओं नेगंभीरता से विचार किया, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है. अमेरिकी राजदूत की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत में पश्चिम एशिया के हालात और समुद्री सुरक्षा पर फोकस रहा। दोनों नेताओं ने माना किहोर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना जरूरी है ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब इस्राइल-ईरानतनाव के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। सिर्फ उसका जवाब दे रहाबातचीत के दौरान भारत ने तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुजजलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुगम बने रहना पूरी दुनिया के लिए बेहद जरूरी है। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति के प्रयासों कोलेकर संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत के एक दिन पहले दावा किया था कि अमेरिका औरईरान के बीच बातचीत हो रही है और कई मुद्दों पर सहमति बनने की स्थिति है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष समझौता चाहते हैं और अगर बातचीत सहीदिशा में आगे बढ़ी तो कुछ ही दिनों में समाधान निकल सकता है। ट्रंप का यह भी कहना है कि बातचीत की पहल ईरान की तरफ से हुई है औरअमेरिका सिर्फ उसका जवाब दे रहा है।

राहुल गांधी का बड़ा बयान मोदी सरकार पर ट्रंप के दबाव और किसानों-आदिवासियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप

सरिता साहनीनई दिल्ली, 23 मार्चलोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कई गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने अमेरिका के साथ संबंध, व्यापार समझौता, किसानों की स्थिति और आदिवासी अधिकारों जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। ट्रंप के दबाव में हैं प्रधानमंत्री मोदीराहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ अंतरराष्ट्रीयमामलों और उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े मामलों के कारण प्रधानमंत्री खुलकर अमेरिका के खिलाफ कुछ नहीं बोल पाते। उन्होंने यह भी कहा किसंसद में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने अमेरिका के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा, जो इस बात का संकेत है कि वे पूरी तरह से दबाव में हैं। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों के लिए खतराराहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के छोटे और मध्यमकिसानों को बड़ा नुकसान होगा। उनके मुताबिक, अमेरिका में आधुनिक मशीनों से खेती होती है, जबकि भारत में छोटे स्तर पर खेती की जाती है। ऐसेमें भारतीय किसान इस प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे और उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है। छोटे उद्योगों और देश की अर्थव्यवस्था पर असरराहुल गांधी ने कहा कि इस समझौते के तहत भारत को हर साल अमेरिका से भारी मात्रा में सामान खरीदना पड़ेगा। इससे देश के लघु और मध्यमउद्योग कमजोर हो जाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस समझौते से अमेरिका को ज्यादा फायदा हुआ है, जबकि भारत को कोई खास लाभनहीं मिला है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। डेटा और तेल खरीद पर भी उठाए सवालराहुल गांधी ने कहा कि भारत का महत्वपूर्ण डेटा अमेरिका के साथ साझा किया जा रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यहभी कहा कि अब भारत को रूस और ईरान से तेल खरीदने के लिए भी अमेरिका की अनुमति लेनी पड़ सकती है। अडानी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोपराहुल गांधी ने कहा कि देश की बड़ी परियोजनाएं—जैसे पोर्ट, एयरपोर्ट, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम—एक ही उद्योगपति गौतम अडानी कीकंपनियों को दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और अडानी के बीच गहरा संबंध है, और यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसमुद्दे को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। विदेश नीति और सेना के सम्मान पर सवालराहुल गांधी ने कहा कि जब डोनाल्ड ट्रंप भारत या भारतीय सेना को लेकर बयान देते हैं, तब प्रधानमंत्री की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यहदेश के सम्मान से जुड़ा मामला है और इस पर खुलकर बोलना चाहिए। आदिवासी अधिकारों को लेकर भाजपा पर निशानाराहुल गांधी ने अपने भाषण में आदिवासी समाज के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और उनकाजल, जंगल और जमीन पर अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस “वनवासी” शब्द का उपयोग करके आदिवासियों केअधिकारों को कमजोर करने की कोशिश करते हैं।बिरसा मुंडा की विरासत का जिक्रराहुल गांधी ने कहा कि जब आदिवासियों के अधिकार छीने जाते हैं, तो यह महान आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की विरासत पर भी हमला होता है।उन्होंने कहा कि आदिवासियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है। कांग्रेस सरकार की योजनाओं का किया जिक्रराहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने आदिवासियों और गरीब वर्गों के हित में कई महत्वपूर्ण कानून बनाए थे। इनका उद्देश्य उन्हें अधिकार औरसम्मान देना था। उन्होंने कहा कि आज भी इन योजनाओं को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि समाज के कमजोर वर्ग आगे बढ़ सकें। जाति जनगणना और आरक्षण पर जोरराहुल गांधी ने जाति जनगणना की मांग दोहराई और कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि अलग-अलग वर्गों की कितनी हिस्सेदारी है।उन्होंने कहा कि निजीकरण के कारण वंचित वर्गों के लिए नौकरी के अवसर कम हो रहे हैं, जबकि पहले सरकारी क्षेत्र में उन्हें आरक्षण का लाभ मिलताथा। राहुल गांधी के इस बयान ने एक बार फिर देश की राजनीति में कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने किसानों, उद्योगों और आदिवासियों सेजुड़े मुद्दों को उठाकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और आगे इस परक्या राजनीतिक बहस होती है। 

शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस पर भाजपा ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि – वीरेन्द्र सचदेवा

सरिता साहनीनई दिल्ली, 23 मार्चदेश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस के अवसर पर दिल्ली भाजपा ने एक सादगीपूर्ण लेकिन भावनात्मककार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को यादकिया। भाजपा कार्यालय में सादगी से हुआ कार्यक्रमदिल्ली भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथमिलकर शहीदों को पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम का माहौल बेहद शांत और भावुक था, जहां हर किसी के चेहरे पर देशभक्ति की भावना साफ दिखाईदे रही थी। इस कार्यक्रम में सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, मीडिया रिलेशन प्रमुख विक्रम मित्तल, प्रवक्ता यासिरजिलानी और कई अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। मालवीय नगर में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रमइसके साथ ही दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक सतीश उपाध्याय ने मालवीय नगर स्थित भगत सिंह पार्क में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथमिलकर भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां भी लोगों ने पूरे सम्मान के साथ शहीदों को नमन किया और उनके बलिदान को याद किया। देश के लिए हंसते-हंसते दी थी जानकार्यक्रम को संबोधित करते हुए वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ऐसे वीर थे, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपनी जानकी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि इन तीनों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने बताया कि 23 मार्च 1931 कोलाहौर जेल में इन तीनों को फांसी दी गई थी। इस दिन को आज पूरा देश “शहीद दिवस” के रूप में मनाता है और इन महान क्रांतिकारियों को यादकरता है। इंकलाब जिंदाबाद” से हिला दी थी अंग्रेजों की नींववीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि भगत सिंह और उनके साथियों ने “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा देकर अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी। उनके साहस औरनिडरता ने पूरे देश में आज़ादी की भावना को और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि उस समय के युवा इन क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेते थे और आज भीउनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं। आज के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणाअपने संबोधन में वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि इन शहीदों का जीवन सिर्फ इतिहास की कहानी नहीं है, बल्कि आज के युवाओं के लिए एक बड़ी सीखहै। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की सोच, उनका साहस और देश के प्रति उनका समर्पण आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है। उन्होंने युवाओं सेअपील की कि वे इन महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपनाएं और देश के विकास में अपना योगदान दें। हमेशा याद रखा जाएगा शहीदों का बलिदानकार्यक्रम के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ यह संकल्प लिया कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान कभी भुलाया नहींजाएगा।सभी ने कहा कि इन महान सपूतों का त्याग और संघर्ष हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा और आने वाली पीढ़ियां भी उनसे देशभक्ति की सीखलेती रहेंगी। देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है ऐसा आयोजनइस तरह का आयोजन केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह देशभक्ति की भावना को और मजबूत करता है। यह लोगों को याददिलाता है कि आज जो आज़ादी हम जी रहे हैं, वह इन महान शहीदों के बलिदान की देन है। दिल्ली भाजपा का यह कार्यक्रम एक बार फिर यह संदेशदेने में सफल रहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को हमेशा सम्मान और याद किया जाना चाहिए।

8931 दिनों की जनसेवा यात्रा नरेन्द्र मोदी के कामकाज को वीरेन्द्र सचदेवा ने बताया देश के लिए प्रेरणा

सरिता साहनी नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन को लेकर एक विस्तृत बयानदिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 8931 दिनों तक लगातार देश की सेवा कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सचदेवा के अनुसार, यह सिर्फसमय का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति जिम्मेदारी की मिसाल है। 8931 दिनों की यात्रा क्या बताती हैवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि 24 फरवरी 2002 को जब नरेन्द्र मोदी पहली बार गुजरात में विधायक बने, तब से लेकर आज 22 मार्च 2026 तकउन्होंने लगातार जनता के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक सक्रिय रहना और लगातार जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं होता।यह यात्रा दिखाती है कि प्रधानमंत्री ने हमेशा देश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है और हर समय नई सोच के साथ काम किया है। गुजरात से शुरू हुआ विकास का मॉडलसचदेवा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन में सबसे पहले गुजरात में विकास का मॉडल तैयार किया। उन्होंने वहां बुनियादी सुविधाओं, उद्योग, सड़क, बिजली और पानी जैसे क्षेत्रों में काम किया। इसके बाद जब वे 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने इसी विकास मॉडल को पूरेभारत में लागू करने की कोशिश की। पूरे देश को विकास की राह पर लाने का प्रयासवीरेन्द्र सचदेवा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने देश को एक नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के जरिए गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं तक विकास पहुंचाने की कोशिश की गई है। उनका मानना है कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया में अपनी अलगपहचान बना रहा है। जनता का भरोसा और लगातार जीतसचदेवा ने यह भी कहा कि नरेन्द्र मोदी को बार-बार जनता ने चुनकर उनके काम पर भरोसा जताया है। चार बार गुजरात से विधायक और तीन बार उत्तरप्रदेश से सांसद चुना जाना यह दिखाता है कि लोगों का विश्वास लगातार उनके साथ बना रहा।उन्होंने कहा कि यह किसी भी नेता के लिए बहुत बड़ी बात होती है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदमवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में नई योजनाएं, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। साथ ही भारत अब दुनिया में भी मजबूत स्थिति में खड़ा है और कई मामलों में नेतृत्व कर रहा है। नाम बदलने के पीछे की सोचसचदेवा ने प्रधानमंत्री के कुछ फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि राजपथ का नाम कर्तव्यपथ करना, प्रधानमंत्री आवास का पता लोक कल्याण मार्गकरना और राजभवनों को लोकभवन कहना सिर्फ नाम बदलना नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक सोच है, जो लोगों को यह बताती है कि सत्ताका मतलब सेवा और जिम्मेदारी है। यह कदम लोगों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित करते हैं। सेवा और समर्पण की राजनीतिसचदेवा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की राजनीति का मुख्य उद्देश्य हमेशा सेवा और समर्पण रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने हर फैसले मेंदेशहित को सबसे ऊपर रखा है। इसी वजह से वे इतने लंबे समय तक लोगों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं। देश को वैश्विक पहचान दिलाने का दावावीरेन्द्र सचदेवा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से आज भारत की पहचान दुनिया में और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत बड़ेदेशों के साथ बराबरी से खड़ा है और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात मजबूती से रखता है। यह देश के लिए गर्व की बात हैवीरेन्द्र सचदेवा के बयान से यह साफ होता है कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 8931 दिनों की जनसेवा यात्रा को एक बड़ी उपलब्धि मानती है।यह यात्रा केवल एक नेता के राजनीतिक जीवन की कहानी नहीं है, बल्कि देश के विकास, बदलाव और नई सोच की भी कहानी है। आने वाले समयमें भी इस तरह की सोच और काम देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।