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एमटीएस कर्मचारियों ने समिति के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त की – महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह

महापौर ने दी जानकारी, कर्मचारियों की माँगों पर होगी कार्यवाहीदिल्ली नगर निगम के महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि एमटीएस (पीएच) अनुबंधित कर्मचारियों ने निगम की समिति से मिलेआश्वासन के बाद अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। ये कर्मचारी कई दिनों से अपनी विभिन्न माँगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन समिति केसाथ सकारात्मक वार्ता के बाद उन्होंने अपने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। महापौर ने कहा कि निगम कर्मचारियों की सभी वैध माँगों परनियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कार्यवाही करेगा। 10 सदस्यीय समिति ने की विस्तृत चर्चामहापौर राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि एमटीएस (पीएच) कर्मचारियों की माँगों को ध्यान में रखते हुए निगम ने दस सदस्यीय समिति का गठन कियाथा। इस समिति ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से विस्तृत बातचीत की और उनकी सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। समिति ने कर्मचारियों को यहभरोसा दिलाया कि उनकी उचित माँगों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी और उनका हित सर्वोपरि रहेगा। महापौर ने बताया कि समिति ने अपनीरिपोर्ट निगम प्रशासन को सौंप दी है और उसी के आधार पर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा किहड़ताल समाप्त होना संवाद और सहयोग की जीत है, जिससे निगम की सेवाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। निगम कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अपने प्रत्येक कर्मचारी के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। एमटीएस(पीएच) कर्मचारी डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं। इन कर्मचारियों की मेहनत सेही दिल्ली के नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलता है। महापौर ने कहा कि निगम प्रशासन उनके योगदान का सम्मान करता है और यहसुनिश्चित करेगा कि उनकी समस्याओं का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए। समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिकामहापौर ने बताया कि समिति में निगम के कई वरिष्ठ पार्षद और अध्यक्ष शामिल थे जिन्होंने हड़ताल समाप्त करवाने में प्रमुख भूमिका निभाई। इनमेंनेता सदन प्रवेश वाही, पर्यावरण प्रबंधन सेवाएँ समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर, स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष मनीष चड्ढा और मलेरिया समिति कीअध्यक्ष नीता बिष्ट शामिल थे। इन सभी ने कर्मचारियों से वार्ता कर उन्हें भरोसा दिलाया कि निगम उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीरऔर तत्पर है। महापौर ने समिति की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम किया। उनकेप्रयासों से निगम और कर्मचारियों के बीच आपसी विश्वास मजबूत हुआ है। संवाद और सहयोग से हल होंगी समस्याएँमहापौर राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि किसी भी संस्था में संवाद और सहयोग ही समाधान की कुंजी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम अपनेकर्मचारियों को परिवार का हिस्सा मानता है और उनके साथ मिलकर दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए कार्य करता रहेगा। उन्होंनेएमटीएस कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कार्यों में लगे रहें, क्योंकि उनकी मेहनत ही दिल्ली को सुरक्षितरखती है। महापौर ने कहा कि निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी भी मुद्दे को आंदोलन याहड़ताल तक पहुँचने की नौबत न आए। महापौर का आश्वासन और निष्कर्षमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि निगम कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। उन्होंने कहा किसमिति की सिफारिशों के अनुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी, जिससे एमटीएस (पीएच) कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।उन्होंने यह भी कहा कि निगम की सफलता उसके कर्मचारियों के समर्पण और परिश्रम पर निर्भर करती है, और निगम प्रशासन हमेशा उनके साथ खड़ारहेगा। महापौर ने विश्वास जताया कि सभी कर्मचारी निगम के साथ मिलकर दिल्ली को और अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित बनाने में अपनायोगदान जारी रखेंगे।

दिल्ली में व्यापार को सशक्त और सरल बनाना हमारी प्राथमिकता है – रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ARISE मिशन कार्यक्रम में दिया प्रेरणादायक संदेशराजधानी दिल्ली में आयोजित ARISE मिशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी में व्यापार कोसशक्त, सरल और सुगम बनाना है। यह कार्यक्रम चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रवीण खंडेलवाल द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमेंदेशभर से व्यापारिक संगठनों, उद्यमियों और रिटेल सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ARISE को बताया आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ARISE पहल रिटेल सेक्टर में आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्किलिंग को बढ़ावा देने का एक ऐतिहासिक कदम है।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल व्यापार को नई दिशा देगा बल्कि रोज़गार सृजन और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा। मुख्यमंत्री नेकहा ARISE भारत के लाखों छोटे व्यापारियों और रिटेलर्स को ब्रांडिंग, स्किलिंग और एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से नई पहचान देगा। यही आत्मनिर्भरभारत की सच्ची भावना है। वोकल फॉर लोकल के संकल्प को दी नई ऊर्जामुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में ARISE जैसी पहल देश के व्यापारको नई उड़ान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि अब भारत का व्यापारी वर्ग सिर्फ उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ब्रांड को वैश्विक स्तर परपहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे व्यापारी भाइयों की सफलता ही आत्मनिर्भर भारत और विश्वगुरु भारत की सबसेबड़ी पूंजी है। व्यापारियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” में तेजीरेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सरल और तेज़ बना रही है। उन्होंने कहा किदिल्ली के इतिहास में पहली बार केवल छह महीनों में 700 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी रिफंड जारी किया गया है। अब जीएसटी रिफंड कीपूरी प्रक्रिया फेसलेस और पारदर्शी बनाई जा रही है ताकि व्यापारियों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा व्यापारी समाज देश कीअर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए हमारा दायित्व है कि सभी नियम पारदर्शी, सरल और सुगम हों। ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्किल्स पर दिया जोरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज के युग में ब्रांडिंग और मार्केटिंग किसी भी व्यवसाय की सफलता की कुंजी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा किउद्यमियों को अब अपने उत्पादों को केवल वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि एक ब्रांड के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।उन्होंने कहामेड इन इंडिया को अब गुणवत्ता, गर्व और विश्वास का वैश्विक प्रतीक बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए युवाओं में नवाचार और उद्यमिता की नई ऊर्जामुख्यमंत्री ने कहा कि ARISE जैसी पहल न केवल व्यापार को सशक्त बनाएगी, बल्कि देश के युवाओं में उद्यमिता, आत्मविश्वास और नवाचार कीभावना को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि भारत का युवा वर्ग अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। यही आत्मविश्वासीऔर कौशलयुक्त युवा भारत, आत्मनिर्भर भारत के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची पहचान है। मुख्यमंत्री ने आयोजकों और व्यापारिक समाज को दी बधाईकार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सांसद प्रवीण खंडेलवाल और पूरी आयोजन टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें न केवलदिल्ली बल्कि पूरे देश के व्यापार को नई दिशा देने का काम करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर उस कदम में साथ खड़ी है जो व्यापार, रोजगारऔर विकास को आगे बढ़ाता है।

रोहिणी जल बोर्ड कार्यालय दोबारा बहाल करने की मांग — विजेंद्र गुप्ता जनसुविधा को प्राथमिकता देने की अपील

जल बोर्ड कार्यालय स्थानांतरण से बढ़ी जनता की परेशानीरोहिणी के विधायक और दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के रेवेन्यू ज़ोन कार्यालय को रोहिणी सेक्टर-6 से नरेलास्थानांतरित किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्थानीय नागरिकों के लिए बेहद असुविधाजनक है। पहले यह कार्यालय सभीके लिए पास में था, लेकिन अब इसे लगभग 20 किलोमीटर दूर भेज देने से बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को दिक्कत हो रही है। नागरिकों की शिकायत पर विजेंद्र गुप्ता ने लिया संज्ञानरोहिणी क्षेत्र के कई नागरिकों ने विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात कर जल बोर्ड कार्यालय के स्थानांतरण से जुड़ी अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने कहा किबिल जमा करने, पानी की सप्लाई या सीवर संबंधी शिकायतों के लिए अब उन्हें नरेला तक जाना पड़ रहा है। जनता की यह तकलीफ सुनने के बादविजेंद्र गुप्ता ने तुरंत इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और इसे जनसुविधा से जुड़ा बड़ा फैसला बताया। विजेंद्र गुप्ता ने जल बोर्ड को लिखा पत्र24 अक्तूबर 2025 को विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर रोहिणी स्थित पुराने कार्यालय कोवापस बहाल करने की मांग की। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह कार्यालय पिछले 40 सालों से क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहा था और इसका अचानकनरेला स्थानांतरण अनुचित है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए, न कि उन्हें परेशानकरने के लिए। जल बोर्ड ने शुरू की कार्रवाईविजेंद्र गुप्ता की पहल पर दिल्ली जल बोर्ड ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। 28 अक्तूबर 2025 को जल बोर्ड के सदस्य (वित्त) ने निदेशक (राजस्व) को निर्देश दिया कि इस मामले की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट – ATR) तैयार की जाए। यह रिपोर्ट विजेंद्र गुप्ता और मुख्यकार्यकारी अधिकारी दोनों को भेजी जाएगी। जल बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की परेशानी को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। विजेंद्र गुप्ता बोले — जनता की सुविधा सर्वोच्चगुप्ता ने कहा शासन का असली उद्देश्य जनता की सुविधा सुनिश्चित करना है। अगर किसी प्रशासनिक निर्णय से लोगों को दिक्कत हो रही है, तो उसेतुरंत बदलना चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता की पहुँच, सुविधा और संतुष्टि को ही सरकार की सफलता का पैमाना माना जाना चाहिए। जनता के हित में दृढ़ हैं विजेंद्र गुप्तारोहिणी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वे तब तक प्रयास करते रहेंगे जब तक यह कार्यालय दोबारा रोहिणी में स्थापित नहीं हो जाता। उन्होंनेकहा लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सबसे ऊपर होती है। मैं जनता के हित में हर मंच पर आवाज उठाता रहूंगा। गुप्ता ने बताया कि यह सिर्फ एककार्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि जनसुविधा और सुशासन से जुड़ा मामला है। जनसेवा और सुशासन का उदाहरणविजेंद्र गुप्ता का यह कदम एक बार फिर दिखाता है कि वे जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नेता हैं। उनकी तत्परता से न केवल जल बोर्डहरकत में आया, बल्कि रोहिणी के लोगों में भी यह उम्मीद जगी कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि दिल्लीजल बोर्ड कितनी जल्दी यह कार्यालय फिर से रोहिणी में बहाल करता है।

मेयर राजा इकबाल सिंह का स्ट्रीट लाइट वादा निकला झूठा दिवाली बीत गई, पार्षदों को नहीं मिली एक भी स्ट्रीट लाइट- अंकुश नारंग

दिवाली से पहले किया वादा, अब तक अधूरादिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर राजा इकबाल सिंह ने दिवाली से पहले सभी पार्षदों को 50-50 स्ट्रीट लाइटें देने का वादा किया था। लेकिनदिवाली और छठ दोनों बीत गए, अब तक किसी पार्षद को एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं दी गई। इस पर एमसीडी में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्षअंकुश नारंग ने मेयर को चिट्ठी लिखकर वादा पूरा करने की मांग की और कहा कि भाजपा के मेयर का यह दावा सिर्फ जुमला साबित हुआ है। सदन में झूठी घोषणा करने का आरोपअंकुश नारंग ने कहा कि 14 अक्टूबर को एमसीडी सदन की बैठक में मेयर ने कहा था कि दिवाली के शुभ अवसर पर सभी पार्षदों को 50-50 स्ट्रीटलाइटें दी जाएंगी ताकि दिल्ली की गलियां रोशन हो सकें। लेकिन आज तक किसी को लाइट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जब मेयर जानते थे कि वेयह वादा निभा नहीं सकते, तो सदन में ऐसी गैर-जिम्मेदार घोषणा क्यों की गई? गैर–जिम्मेदारी का उदाहरणअंकुश नारंग ने कहा कि सदन एक गरिमापूर्ण जगह है जहां हर बात सोच-समझकर कही जाती है। मेयर ने वहां बैठकर झूठ बोला और जनता के साथमज़ाक किया। उन्होंने कहा कि मेयर ने अपनी जिम्मेदारी से भागने और जनता को गुमराह करने का काम किया है। इस रवैये से मेयर के पद की गरिमाको ठेस पहुंची है। मेयर को लिखी गई चिट्ठीअंकुश नारंग ने बताया कि उन्होंने मेयर राजा इकबाल सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि वे पार्षदों को जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें दें। उन्होंने कहा किदिवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन भाजपा की नाकामी के कारण दिल्ली की सड़कें आज भी अंधेरे में डूबी हैं। आम आदमी पार्टी चाहती है किदिल्ली की हर गली रोशन हो और जनता सुरक्षित महसूस करे। दिवाली और छठ दोनों गुजर गए, फिर भी अंधेराअंकुश नारंग ने कहा कि मेयर ने वादा किया था कि दिवाली से पहले लाइटें लग जाएंगी, लेकिन अब दिवाली के साथ छठ पूजा भी निकल गई औरकिसी पार्षद को एक भी लाइट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं के लिए वादा निभाना अब मायने नहीं रखता, उनके लिए केवल भाषणऔर प्रचार ही सब कुछ है। महापौर पद की गरिमा पर सवालअंकुश नारंग ने कहा कि महापौर का पद बहुत सम्मानजनक होता है, लेकिन राजा इकबाल सिंह ने उस पद की मर्यादा को धूमिल कर दिया है। उन्होंनेकहा कि सदन में झूठी घोषणा करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा के नेता केवल राजनीति के लिए काम करते हैं, जनता के हित के लिए नहीं।उन्होंने कहा कि मेयर को इस गलती के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा पर हमलाअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा खुद को सनातन धर्म और हिंदुत्व की रक्षक बताती है, लेकिन जब रोशनी फैलाने की बात आती है, तो वही अंधेराफैलाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने दिवाली के मौके पर दिल्ली की जनता से झूठ बोलकर उनके उत्सव का मज़ा खराब कर दिया। आम आदमी पार्टी करेगी विरोधअंकुश नारंग ने कहा कि अगर मेयर ने जल्द ही अपना वादा पूरा नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। उन्होंने कहाकि भाजपा के झूठ के खिलाफ आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर खड़ी होगी। आम आदमी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली की हरगली में रोशनी पहुंचे। 

रविन्द्र इंद्राज सिंह के जोश से चाँदनी चौक में भाजपा में नई जान

उपचुनाव को लेकर भाजपा ने कसी कमरदिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने चुनावसंगठन को मज़बूत करने के लिए हर वार्ड में एक प्रभारी मंत्री नियुक्त किया है और तुरंत चुनावी ढाँचा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी मेंचाँदनी चौक वार्ड में आज भाजपा की पहली बैठक हुई, जिसने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। मंडल अध्यक्ष रोहित शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठकचाँदनी चौक मंडल की यह बैठक मंडल अध्यक्ष रोहित शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह, संयोजक पंकजजैन, जिला प्रभारी राजेश भाटिया, जिलाध्यक्ष अरविंद गर्ग, प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर, जिला विस्तारक जितेंद्र खत्री, पूर्व पार्षद सुमन कुमारगुप्ता और वरिष्ठ नेता हरीश असड़ी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए पूरी ताकत से जुट जाने का आह्वान किया। चाँदनी चौक भाजपा का गौरव क्षेत्रबैठक में मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने अपने ऊर्जावान संबोधन में कहा कि चाँदनी चौक मंडल और वार्ड भाजपा और जनसंघ का गौरव क्षेत्र रहा है। यहवही क्षेत्र है जहां से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश और दुनिया को संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षेत्र में भाजपाकी जीत केवल एक चुनावी उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि यह भाजपा की विचारधारा और कार्यकर्ताओं के समर्पण की जीत होगी। संगठन सर्वोपरि है, व्यक्तिगत इच्छाओं का त्याग करेंमंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब समय है कि सब अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठन को मज़बूत करें। उन्होंने कहाहमें चाँदनी चौक वार्ड को बड़े अंतर से जीतना है। इसके लिए एकजुट होकर मेहनत करनी होगी। आने वाले तीन दिनों में हर समिति की बैठक कर सभीकार्यकर्ताओं तक संदेश पहुँचाना है और हर घर पर भाजपा का ध्वज लगाना है। नेताओं ने भरी जीत की हुंकारबैठक में भाजपा नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। जिलाध्यक्ष अरविंद गर्ग ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की असली ताकत हैं। संयोजक पंकज जैन ने कहा कि आने वाले दिनों में भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता से संपर्क करेंगे। प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहाकि चाँदनी चौक के लोग प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से प्रेरित हैं और भाजपा को भारी समर्थन देंगे। घरों पर लगेगा भाजपा का ध्वज, बनेगा विजय का माहौलबैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले कुछ दिनों में भाजपा कार्यकर्ता घर-घर अभियान चलाएंगे। हर गली और मोहल्ले में भाजपा के झंडेलगाए जाएंगे ताकि पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बने।मंडल अध्यक्ष रोहित शर्मा ने कहा कि चाँदनी चौक मंडल का हर कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से भाजपा की जीत के लिए काम करेगा। कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह और आत्मविश्वासमंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह के जोशीले संबोधन के बाद कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व जोश दिखा। सभी ने संकल्प लिया कि चाँदनी चौक वार्ड में भाजपा कोफिर से विजयी बनाना है। बैठक का माहौल देशभक्ति और उत्साह से भर गया।

पुराने वाहनों के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला अब एनओसी के लिए नहीं रहेगा एक साल की सीमा – डॉ. पंकज कुमार सिंह

पर्यावरण और नागरिक सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णयदिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी के वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए पुराने वाहनों की एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) से जुड़ाएक अहम नियम खत्म कर दिया है। अब 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिक किसी भी समय एनओसीलेकर अपने वाहन को दिल्ली के बाहर दूसरे राज्यों में पुनः रजिस्टर (Re-register) करा सकेंगे। इस निर्णय की जानकारी दिल्ली के परिवहन मंत्रीडॉ. पंकज कुमार सिंह ने दी। उन्होंने कहा, यह फैसला नागरिकों की सुविधा और पर्यावरण की जिम्मेदारी दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया है।एनओसी की एक साल की सीमा हटाने से लोग अपने पुराने वाहनों को दिल्ली से बाहर जिम्मेदारी से स्थानांतरित कर पाएंगे, जिससे ट्रैफिक जाम औरप्रदूषण दोनों में कमी आएगी। क्या था पहले का नियम?अब तक दिल्ली में Guidelines for Handling End of Life Vehicles in Public Places of Delhi, 2024 के तहत यह नियम था किअगर किसी वाहन की रजिस्ट्रेशन अवधि खत्म हो गई है, तो उसका मालिक सिर्फ एक साल के अंदर ही एनओसी के लिए आवेदन कर सकता है। अगरकोई मालिक उस एक साल की अवधि में आवेदन नहीं कर पाता था, तो वह अपने वाहन को दूसरे राज्य में स्थानांतरित नहीं कर सकता था, जिससेहजारों वाहन दिल्ली में ही खड़े रह जाते थे। अब मिलेगी राहत, किसी भी समय लिया जा सकेगा एनओसीनई व्यवस्था के तहत अब यह शर्त हटा दी गई है। मतलब, चाहे आपके वाहन का रजिस्ट्रेशन कई साल पहले ही क्यों न समाप्त हो गया हो, अब भीआप एनओसी के लिए आवेदन कर सकते हैं और उसे देश के किसी भी राज्य में दोबारा रजिस्टर करा सकते हैं। यह कदम खास तौर पर उन वाहनमालिकों के लिए राहत भरा है जिनके पुराने वाहन दिल्ली में डीजल (10 साल से ज्यादा पुराने) या पेट्रोल (15 साल से ज्यादा पुराने) होने के कारणचलाने पर रोक थी। लाखों वाहन मालिकों को मिलेगी राहतडॉ. सिंह ने बताया कि पहले की एक साल की समय-सीमा के कारण लाखों वाहन दिल्ली में फंसे रह गए थे। वे न तो चलाए जा सकते थे, न स्क्रैपकिए जा रहे थे, न ही बाहर भेजे जा सकते थे। इससे दिल्ली में पार्किंग की समस्या, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण तीनों बढ़ रहे थे। उन्होंने कहा, हमने पायाकि एनओसी की समय-सीमा एक तरह से आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही थी अब इस सीमा को हटाकर हमने लोगों को एकजिम्मेदार विकल्प दिया है वे चाहें तो अपने पुराने वाहनों को दिल्ली से बाहर भेज सकते हैं और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में योगदान दे सकते हैं। एनजीटी और स्क्रैप पॉलिसी के अनुरूप फैसलायह फैसला दिल्ली सरकार के 2021 और 2022 के आदेशों की श्रृंखला का ही हिस्सा है, जो राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुरूपबनाए गए थे। सरकार ने कहा कि इससे पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहन कानूनी रूप से दिल्ली से बाहर स्थानांतरित हो सकेंगे और दिल्ली कीसड़कों पर केवल पर्यावरण-अनुकूल वाहन रहेंगे। दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों घटाने की दिशा में कदमइस फैसले से जहां नागरिकों को राहत मिलेगी, वहीं पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। पुराने वाहन अब स्क्रैप होने या बाहर भेजे जाने के लिएरास्ता पा सकेंगे, जिससे दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की भीड़ कम होगी और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। सरकार का कहना है कि यह नीति राष्ट्रीयवाहन स्क्रैप नीति (Vehicle Scrapping Policy) के अनुरूप है और दिल्ली को स्वच्छ और कम भीड़भाड़ वाला शहर बनाने में मदद करेगी।

भाजपा ने एमटीएस कर्मचारियों को अपराधी बना दिया, लोकतंत्र की आवाज़ दबा रही है – प्रवीण कुमार

भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोपदिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारियों के शांतिपूर्ण धरने पर भाजपा सरकार ने कठोर रुख अपनाया है। पिछलेएक महीने से सिविक सेंटर के बाहर अपनी जायज़ मांगों को लेकर बैठे इन कर्मचारियों पर पुलिस बुलाकर कार्रवाई की गई और कई को गिरफ्तार करलिया गया। आम आदमी पार्टी के एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने भाजपा पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जो कर्मचारी दिन-रातदिल्ली को साफ रखने का काम करते हैं, उन्हें अपराधी बना दिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उन मेहनतकशकर्मचारियों की आवाज़ दबाने की कोशिश की है जो सिर्फ अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सब धरने में शामिल थे, लेकिन भाजपा सरकार ने पुलिस के जरिए उन्हें सड़कों से उठवा दिया। यह शर्मनाक और अमानवीय है कमेटी के नाम पर धोखा, 17 दिन में भी नहीं हुआ कोई समाधानप्रवीण कुमार ने बताया कि 14 अक्टूबर को महापौर ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक कमेटी बनाई थी और 48 घंटे में फैसलाकरने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब 17 दिन बीत चुके हैं और कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा, यह भाजपा का पुराना तरीका है मीटिंग परमीटिंग, लेकिन नतीजा कुछ नहीं। एमटीएस कर्मचारी समान वेतन, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में परिवार को नौकरी और छुट्टियों के अधिकार जैसी वैधमांगें कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रही है। 41 करोड़ में हल हो सकता है मसला, लेकिन भाजपा को गरीबों से परहेज़. प्रवीण कुमार ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों की सभी मांगों को पूरा करने में सिर्फ 41 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, लेकिन भाजपा सरकार इसे भीदेने को तैयार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, चार इंजन की सरकार दिल्ली की सफाई करने वाले कर्मचारियों को राहत देने के लिए 41 करोड़ नहीं देसकती? प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक के पास प्रचार के लिए हजारों करोड़ हैं, लेकिन मजदूरों के लिए नहीं। उन्होंने महापौर पर निशाना साधतेहुए कहा कि अगर बजट पर्याप्त है, तो फिर कर्मचारियों की मांगों पर फैसला क्यों नहीं लिया जा रहा? दिल्ली के असली योद्धाओं के साथ अन्यायप्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने उन लोगों को गिरफ्तार कराया जो कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दिल्ली की सेवा कररहे थे। उन्होंने कहा, आज वही कर्मचारी जेलों में हैं। भाजपा को यह समझना होगा कि सफाईकर्मी अपराधी नहीं, बल्कि दिल्ली के असली योद्धा हैं।जिन लोगों ने महामारी के समय शहर को बचाया, उन्हें सम्मान मिलना चाहिए, सजा नहीं। भेदभावपूर्ण वेतन नीति से बढ़ा रोषउन्होंने बताया कि पहले ये कर्मचारी डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (डीबीसी) के रूप में काम करते थे। आम आदमी पार्टी की सरकार ने उन्हें एमटीएस कादर्जा देकर स्थायी सुरक्षा दी, लेकिन भाजपा के आने के बाद फिर भेदभाव शुरू हो गया। प्रवीण कुमार ने कहा, किसी को 16,000, किसी को20,000 और किसी को 24,000 रुपये वेतन मिलता है, जबकि सभी एक ही तरह का काम करते हैं। यह साफ तौर पर अन्याय है। भाजपा को समानकाम के लिए समान वेतन का अर्थ समझना चाहिए। त्योहारों पर भी नहीं मिला आराम, भाजपा रही बेपरवाह – प्रीति डोगराआम आदमी पार्टी की एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों ने दिवाली, भाई दूज और छठ जैसे त्योहार भी सड़कों परबिताए, लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार स्वच्छ भारत की बातें करती है, लेकिन जो दिल्ली को साफ रखतेहैं, उन्हें सलाखों के पीछे भेजती है। यह दोहरे चरित्र की पराकाष्ठा है। प्रीति डोगरा ने कहा कि भाजपा भूल गई है कि अगर ये कर्मचारी एक दिन भीकाम रोक दें, तो दिल्ली में कूड़े के ढेर लग जाएंगे। आप पार्टी एमटीएस कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ीआम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कहा है कि एमटीएस कर्मचारी दिल्ली की सफाई व्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रवीण कुमार और प्रीति डोगरा दोनों ने मांग की किसभी गिरफ्तार कर्मचारियों को तुरंत रिहा किया जाए और उनकी सभी वैध मांगों को स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा, आम आदमी पार्टी इनकर्मचारियों की आवाज़ है। भाजपा चाहे जितनी तानाशाही कर ले, हम उनके हक़ के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे। मेहनतकशों का संघर्ष ही असलीलोकतंत्र की ताकत है।

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर दिल्ली विधानसभा में संगोष्ठी ‘एकता का भाव ही भारत की असली ताकत है’ अरिफ मोहम्मद खान- राज्यपाल बिहार

दिल्ली विधानसभा में मनाई गई लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंतीदिल्ली विधानसभा परिसर में आज लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य संगोष्ठी और विशेष प्रदर्शनी काआयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंहबिष्ट, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और स्वराज आश्रम, बारडोली (गुजरात) की प्रशासक निरंजनाबेन कलारथी उपस्थित रहीं।कार्यक्रम की शुरुआत में सभी गणमान्य अतिथियों ने विट्ठलभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी। इसअवसर पर सरदार पटेल और भारत के एकीकरण की यात्रा नामक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया, जिसमें सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष औरदेश की एकता में उनके योगदान से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें और दस्तावेज़ प्रदर्शित किए गए। ईंट और पत्थर से नहीं, भावनाओं से बनती है एकताबिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने अपने संबोधन में कहा एकता ईंटों और पत्थरों से नहीं बनती, वह भावनाओं से बनती है, और भावनाविचारों से जन्म लेती है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें यह सिखाता है कि किसी देश की सच्ची ताकत उसकी भावनात्मक और नैतिकएकता में निहित होती है। उन्होंने सरदार पटेल की भूमिका की तुलना जर्मनी के बिस्मार्क से करते हुए कहा कि भारत के एकीकरण का जो कार्य सरदारपटेल ने किया, वह इतिहास में किसी भी राष्ट्रनिर्माता के काम से कम नहीं था। खान ने बताया कि सरदार पटेल ने बिना एक बूंद खून बहाए 565 में से562 रियासतों का विलय भारत में कराया, जो विश्व इतिहास की एक अद्भुत उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जबराष्ट्र विकसित भारत के संकल्प की ओर बढ़ रहा है, तो हमें सरदार पटेल के आदर्शों को फिर से स्मरण और आत्मसात करने की आवश्यकता है। देश की शक्ति उसके हथियारों में नहीं, दिलों की एकता में है – विजेंद्र गुप्तादिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारत के एकीकरण के शिल्पी थे। उन्होंने कहादेश की असली शक्ति उसके हथियारों में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के दिलों की एकता और उद्देश्य की एकरूपता में होती है। उन्होंने याद दिलायाकि सरदार पटेल ने बारडोली सत्याग्रह से लेकर संविधान सभा तक हर मोर्चे पर देश को जोड़ा। उन्होंने एक बिखरे हुए भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्रके रूप में रूपांतरित किया और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) जैसी संस्था की नींव रखी, जिसने भारत की एकता और सुशासन की दिशा तय की।विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आज राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि जिसएकता की नींव सरदार पटेल ने रखी थी, उसे और मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश फिर से उस भावनात्मकएकता को जी रहा है, जिसकी कल्पना सरदार पटेल ने की थी. 562 रियासतों को बिना खून–खराबे के जोड़ा, यह दुनिया के लिए मिसाल – निरंजनाबेन कलारथी स्वराज आश्रम, बारडोली की प्रशासक निरंजनाबेन कलारथी ने कहा कि सरदार पटेल के नेतृत्व में भारत का जो एकीकरण हुआ, वह न केवलराजनीतिक दृष्टि से ऐतिहासिक था, बल्कि मानवता और करुणा का भी प्रतीक था। उन्होंने कहा, यह गर्व की बात है कि सरदार पटेल ने 565 में से562 रियासतों को जोड़ते समय एक भी बूंद खून नहीं बहने दिया। उन्होंने स्नेह, संवाद और विवेक के बल पर भारत को एक सूत्र में पिरो दिया।उन्होंनेबताया कि जब भावनगर की महारानी ने भारत के हित में अपना स्त्रीधन (Stridhan) देश को अर्पित किया, तब यह स्पष्ट हुआ कि राजघराने सरदारपटेल के नेतृत्व पर कितना भरोसा करते थे। उन्होंने कहा कि सरदार साहब केवल लौह पुरुष नहीं थे, वे एक करुणामय और संवेदनशील हृदय वालेनेता भी थे। निरंजनाबेन ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत को एकता, अनुशासन और प्रशासनिक मजबूती दी। आज जब हम उनके जन्मदिवस कोराष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहे हैं, तो हमें उनके इन आदर्शों को जीवन में अपनाना चाहिए। सरदार पटेल की विरासत आज भी भारत की ताकत है – कपिल मिश्रादिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन भारत की एकता, दृढ़ता और देशभक्ति का प्रतीकहै। उन्होंने कहा, सरदार पटेल की विरासत आज भी भारत की ताकत है। उन्होंने न केवल भारत को जोड़ा, बल्कि उसे आत्मगौरव और आत्मविश्वास भीदिया। कपिल मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस पहल की सराहना की, जिसके तहत सरदार पटेल की स्मृति में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माणकिया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल लोहे की नहीं, बल्कि 130 करोड़ भारतीयों की भावनाओं से बनी है। उन्होंने कहा, जब तक इस देश मेंएक भी सच्चा देशभक्त मौजूद रहेगा, कोई ताकत भारत को विभाजित नहीं कर सकती। सरदार पटेल पर प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्रविधानसभा में लगी प्रदर्शनी सरदार पटेल और भारत के एकीकरण की यात्रा में सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी अनेक दुर्लभ तस्वीरें, डाक टिकट, सिक्केऔर ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए गए।इनमें महात्मा गांधी और सरदार पटेल की रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन की चर्चाओं की झलक, लॉर्ड लेटनके साथ बैठकें, और पंडित नेहरू तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ उनके संवाद की तस्वीरें शामिल हैं। इस प्रदर्शनी ने सभी आगंतुकों को सरदारपटेल के असाधारण योगदान की गहराई से परिचित कराया। एकता, अखंडता और सेवा का संकल्पकार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के इस संकल्प के साथ हुआ कि वे सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों परचलकर देश की एकता, अखंडता और सेवा भावना को आगे बढ़ाएंगे। दिल्ली विधानसभा ने इस अवसर पर एक बार फिर यह संदेश दिया कि एकभारत, श्रेष्ठ भारत की भावना ही भारत की असली पहचान है, और सरदार पटेल की प्रेरणा सदैव राष्ट्र को मार्गदर्शन देती रहेगी।

एमटीएस कर्मचारियों की मांगों पर भाजपा सरकार खामोश, आम आदमी पार्टी ने बोला हमला – अंकुश नारंग बोले, मेहनतकश कर्मचारियों के साथ हो रहा बड़ा अन्याय

एमटीएस कर्मचारियों पर कार्रवाई से आम आदमी पार्टी का गुस्सादिल्ली में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) कर्मचारियों के साथ हुए बर्ताव को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित नगर निगम सरकार पर गंभीरआरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा कि एमटीएस कर्मचारी पिछले एक महीने से अपनी जायज़ मांगों को लेकर सिविक सेंटर के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहेथे, लेकिन उनकी आवाज़ सुनने के बजाय भाजपा सरकार ने उन पर पुलिस भेज दी। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकारका यह रवैया निंदनीय और अमानवीय है। उन्होंने कहा, जो कर्मचारी बरसों से दिल्ली की सड़कों को साफ रखते हैं, जिनकी मेहनत से राजधानीचमकती है, उन्हें आज सड़कों से घसीटकर उठाया जा रहा है। यह उन गरीब कर्मचारियों का अपमान है, जो सिर्फ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे। कमेटी का वादा करके भाजपा ने कर्मचारियों को दिया धोखाअंकुश नारंग ने बताया कि 14 अक्टूबर को एमसीडी सदन की बैठक में महापौर ने वादा किया था कि एमटीएस कर्मचारियों की मांगों पर बनी कमेटी48 घंटे में समाधान पेश करेगी। लेकिन अब 17 दिन बीत चुके हैं और न तो कमेटी की रिपोर्ट आई, न किसी अधिकारी ने कर्मचारियों को बुलाया।उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के साथ खुला धोखा किया है। कमेटी का नाम लेकर लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। यह दिखाता हैकि भाजपा को गरीबों के दर्द की कोई परवाह नहीं है। सिर्फ 41 करोड़ से खत्म हो सकता है विवाद, फिर भी सरकार चुपअंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी में लगभग 9,000 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें करीब 4,300 एमटीएस हैं। इन कर्मचारियों को समान वेतन देने मेंमात्र 41 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि चार इंजन की सरकार कहने वाली भाजपा के लिए यह रकम कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन वेइतनी संवेदनहीन हो गई है कि गरीब कर्मचारियों को उनका अधिकार देने से भी कतराती है। उन्होंने कहा, दिल्ली को साफ-सुथरा रखने वाले ये हीअसली कर्मयोगी हैं। अगर सरकार चाहती, तो आज हर कर्मचारी के चेहरे पर मुस्कान होती। मगर भाजपा ने उनकी मेहनत का अपमान किया है।एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगें, फिर भी सरकार बेपरवाहअंकुश नारंग ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों की मांगें बिल्कुल वाजिब हैं। वे सिर्फ समान वेतन, अवकाश की सुविधा और अपने परिवार के भविष्यकी सुरक्षा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी 25-30 साल से सेवा दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो स्थायी कर्मचारियों जितना वेतन मिलता है, न हीस्वास्थ्य और पेंशन की सुविधा। इतना ही नहीं, अगर किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत हो जाए तो परिवार को नौकरी तक नहीं दी जाती।उन्होंने कहा, क्या यह अन्याय नहीं है? जो लोग दिन-रात शहर को साफ-सुथरा रखते हैं, उन्हें इतना भी अधिकार नहीं कि उनके घर का चूल्हा जलतारहे? भाजपा सरकार ने इनके साथ बेहद असंवेदनशील व्यवहार किया है। आप पार्टी कर्मचारियों की लड़ाई अंत तक लड़ेगीअंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा दिल्ली के मेहनतकशों के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा, हम भाजपा सरकार कीइस बेरुखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक एमटीएस कर्मचारियों को उनका हक़ नहीं मिलता, आम आदमी पार्टी उनकी आवाज़ बनकर लड़ेगी। जोलोग दिल्ली की सफाई में अपनी ज़िंदगी लगा देते हैं, उन्हें न्याय और सम्मान मिलना ही चाहिए।

कांग्रेस की बैठक में गूंजा बांग्लादेश का राष्ट्रगान, संबित पात्रा का हमला

असम कांग्रेस की बैठक में बांग्लादेश का राष्ट्रगानभाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया है कि असम कांग्रेस की एक वर्किंग कमेटी की बैठक की शुरुआत बांग्लादेश के राष्ट्रगानअमर सोनार बांग्ला, आमी तोमाय भालोबाशी से की गई। उन्होंने कहा कि इस गीत को असम कांग्रेस के नेता बिधु भूषण दास ने गाया और यह कांग्रेसकी पुरानी तुष्टिकरण नीति का उदाहरण है। हम बांग्लादेश से नहीं, कांग्रेस की सोच से सवाल कर रहे हैंसंबित पात्रा ने कहा कि भारत का बांग्लादेश से कोई विवाद नहीं है, और हर देश के राष्ट्रगान का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमारा किसी देशसे विरोध नहीं, लेकिन सवाल यह है कि भारत की राजनीतिक पार्टी अपनी बैठक की शुरुआत किसी दूसरे देश के राष्ट्रगान से क्यों कर रही है? भाजपानेता ने कहा कि यह काम कांग्रेस ने जानबूझकर किया ताकि कुछ समुदायों को खुश किया जा सके और इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ा जा सकताहै। कांग्रेस घुसपैठियों को खुश कर रही हैसंबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस यह सब घुसपैठियों को खुश करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस की राजनीति पूरी तरह वोट बैंकपर निर्भर है। असम में जो लोग बांग्लादेश से आए हैं, कांग्रेस उन्हें नाराज़ नहीं करना चाहती, इसलिए वह ऐसे कदम उठा रही है। उन्होंने आगे कहा किइस तरह की हरकतें देश की एकता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। कांग्रेस वोट के लालच में देश के सम्मान और संवैधानिक मर्यादाओं को भूल गई हैराहुल गांधी बताएं, क्या यही कांग्रेस की नीति है?संबित पात्रा ने कांग्रेस नेतृत्व से तीखा सवाल किया क्या राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी इस घटना का समर्थन करते हैं? उन्होंने कहा, राहुल गांधी हमेशा देशभक्ति की बातें करते हैं, लेकिन जब उनकी ही पार्टी की बैठक में बांग्लादेश का राष्ट्रगान गाया गया, तो वे चुप क्यों हैं? उन्हेंखुलकर देश के सामने आकर बताना चाहिए कि इस पर कांग्रेस का क्या रुख है। संबित पात्रा ने यह भी कहा कि अगर यह कांग्रेस की नीति नहीं है, तोसंबंधित नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। रवींद्रनाथ टैगोर का सम्मान, लेकिन कांग्रेस ने नाम का गलत इस्तेमाल कियासंबित पात्रा ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर भारत के गौरव हैं और उन्होंने भारत और बांग्लादेश दोनों देशों के राष्ट्रगान लिखे हैं। लेकिन कांग्रेस ने उनके नामका इस्तेमाल गलत नीयत से किया है। उन्होंने कहा, टैगोर का गीत पवित्र है, लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीति के लिए इस्तेमाल किया। रवींद्रनाथ टैगोरका नाम किसी पार्टी की तुष्टिकरण नीति को सही ठहराने के लिए नहीं लिया जा सकता। कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति नई नहींभाजपा सांसद ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने ऐसा किया है। उन्होंने कहा, कांग्रेस का इतिहास ही तुष्टिकरण की राजनीति से भरा है।कभी किसी समुदाय को खुश करने के लिए बयान दिए जाते हैं, तो कभी देश के विरोधियों को वैधता देने की कोशिश की जाती है। संबित पात्रा नेकहा कि कांग्रेस हमेशा एक देश, एक सोच की बजाय वोट बैंक की सोच अपनाती रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और ऐसेदिखावटी कदमों से कांग्रेस को कोई लाभ नहीं मिलेगा। देशभक्ति केवल शब्दों से नहीं, कर्म से दिखती हैसंबित पात्रा ने कहा कि देशभक्ति केवल भाषणों से नहीं, बल्कि कर्मों से साबित होती है। उन्होंने कहा, जो पार्टी अपनी बैठकों में दूसरे देश का राष्ट्रगानगाती है, वह देशभक्ति की बात करने का हक खो देती है। कांग्रेस को देश के सम्मान से ऊपर राजनीति रखनी बंद करनी चाहिए।