उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पंढरपुर में विकास कार्यों पर भरोसा जताया, महायुति सरकार को स्थानीय निकाय चुनावों में समर्थन की उम्मीद

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विश्वास जताया कि राज्य की जनता विकास कार्यों और जनसेवा के दम पर आगामी स्थानीयनिकाय चुनावों में महायुति सरकार का साथ देगी। पंढरपुर में प्रसिद्ध विठ्ठल मंदिर में कार्तिकी एकादशी पूजा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिंदेने कहा कि जनता काम को महत्व देती है, और हमारा एजेंडा साफ है- हमारा एजेंडा है विकास। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने किसानों के साथ हरमुश्किल वक्त में खड़े रहकर राहत पहुंचाई है। बीते कुछ महीनों में भारी बारिश से किसानों को हुए नुकसान के बाद सरकार ने 32 हजार करोड़ रुपयेका राहत पैकेज घोषित किया था, जिसका वितरण दीवाली से पहले कर दिया गया। शिंदे ने बताया कि कर्जमाफी पर फैसला 30 जून 2026 तकलिया जाएगा। इसके लिए बनाई गई समिति अप्रैल के पहले सप्ताह में अपनी सिफारिशें सौंपेगी। 31 जनवरी 2026 तक कराए जाएंउन्होंने कहा हमारे कार्य और विकास की नीति के कारण ही जनता ने विधानसभा चुनावों में हमें भारी समर्थन दिया। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों मेंभी जनता हमारे काम के आधार पर हमारा साथ देगी। उधर, विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) ने मुंबई में शनिवार को मतदाता सूची मेंगड़बड़ियों के खिलाफ चुनाव आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला था। एमवीए नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई गड़बड़ियांकी गई हैं जैसे गलत नामों का हटाया जाना, दोहरी प्रविष्टियां और अनियमित जोड़ जो सत्ताधारी दलों को फायदा पहुंचा रही हैं। विपक्ष ने मांग की हैकि इन खामियों को दूर किए बिना स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देशदिया है कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी 2026 तक कराए जाएं।
बाबा रामदेव ने कहा ट्रंप की टैरिफ नीति भारत के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद, स्वदेशी अपनाने का आह्वान

योगगुरु और पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक बाबा रामदेव ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंनेट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ) को भारत समेत कई देशों के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद करार दिया। रामदेव ने कहा कि ट्रंप की यह नीतिदेशों के बीच आर्थिक युद्ध छेड़ने जैसी है, जिसे वे आर्थिक विश्व युद्ध की शुरुआत मानते हैं। बाबा रामदेव ने मीडिया एजेंसी एएनआई से बातचीत मेंकहा कि टैरिफ आतंकवाद है, यह बेहद घातक है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अगर कोई तीसरा विश्व युद्ध होगा, तो वह यही आर्थिक युद्ध होगा। उन्होंनेकहा कि इस तरह की नीतियों से गरीब और विकासशील देशों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। सत्ता और संपत्ति कुछ हाथों में सिमट रही है, जिससेअसमानता, अन्याय और शोषण बढ़ेगा। सभी के उत्थान की राह दिखातारामदेव ने इस मौके पर स्वदेशी अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया आर्थिक साम्राज्यवाद की राह पर चल रही है, तो भारत कोअपने आत्मनिर्भर रास्ते पर अडिग रहना चाहिए। उन्होंने कहा स्वदेशी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक दर्शन है। यह आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और अंतिम व्यक्ति के उत्थान की भावना से जुड़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि महर्षि दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद जैसे महान संतों नेभी स्वदेशी को अपनाने की बात कही थी। रामदेव ने यह भी बताया कि उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद और पतंजलि योगपीठ न केवल भारत मेंबल्कि अमेरिका में भी सक्रिय हैं, जहां योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए केंद्र चलाए जा रहे हैं। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने साफकहा है कि देश अपनी ऊर्जा नीति और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। एमईए प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा भारत का उद्देश्य अपनेनागरिकों के हित में स्थिर और सस्ती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है। योगगुरु बाबा रामदेव ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति कोभारत के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद बताया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी ही इसका जवाब है और यह सभी के उत्थान की राह दिखाता है।
मुरलीधर मोहोल पर कांग्रेस का आरोप – जैन हॉस्टल की जमीन बेचकर किया भ्रष्टाचार, बीजेपी सरकार को बताया ‘क्लीन चिट ऑफिस’

कांग्रेस का बड़ा हमला मंत्री मुरलीधर मोहोल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपमहाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री मुरलीधर मोहोल एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। कांग्रेस ने उन पर पुणे के प्रसिद्ध हीराचंद नेमीचंद दिगंबर जैन हॉस्टलकी जमीन बेचने में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि यह सिर्फ एक जमीन का मामला नहीं है, बल्किजनता के भरोसे, धर्म और संविधान की भावना के साथ किया गया खुला विश्वासघात है। जैन हॉस्टल ट्रस्ट की जमीन बेचना नियमों के खिलाफ कांग्रेस का दावाकांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि जैन हॉस्टल ट्रस्ट की जमीन को बेचा नहीं जा सकता, क्योंकि यह शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों के लिए पवित्र ट्रस्टसंपत्ति है। कानून के मुताबिक, ऐसी जमीन का उपयोग केवल छात्रों के हॉस्टल, शिक्षा या धार्मिक कार्यों के लिए किया जा सकता है, न कि किसीनिजी बिल्डर को बेचने के लिए। कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री मुरलीधर मोहोल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर यह जमीन गोखले कंस्ट्रक्शन कंपनीको दिलवा दी, जिससे उन्हें और उनके करीबियों को आर्थिक लाभ हुआ। कांग्रेस बोली बीजेपी बना रही है छोटे–छोटे अडानीकांग्रेस ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार अब सिर्फ अमीर दोस्तों को फायदा पहुँचाने वाली पार्टी बन गई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊपर एक अडानी तैयार किया है, और अब नीचे के नेता छोटे-छोटे अडानी बना रहे हैं। मुरलीधर मोहोल इसका जीता-जागताउदाहरण हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं का मकसद जनता की सेवा नहीं, बल्कि ट्रस्ट की जमीनों और सरकारी संपत्तियों से निजीलाभ कमाना है। मुरलीधर मोहोल और गोखले बिल्डर्स के बीच गहरा संबंध कांग्रेस का आरोपकांग्रेस ने कहा कि मुरलीधर मोहोल गोखले कंस्ट्रक्शन LLP के साझेदार (पार्टनर) रहे हैं। फरवरी 2025 तक वे कंपनी से जुड़े हुए थे। कांग्रेस काकहना है कि मंत्री रहते हुए किसी निजी कंपनी से जुड़ा रहना नैतिक और कानूनी दोनों रूप से गलत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंत्री बनने के बादभी मोहोल ने कंपनी के हित में फैसले लिए और जैन ट्रस्ट की जमीन का सौदा करवाकर कंपनी को भारी फायदा पहुँचाया। यह न केवल भ्रष्टाचार है, बल्कि सत्ता का सीधा दुरुपयोग भी है। कांग्रेस ने पूछा क्या मंत्री के दबाव के बिना सौदा संभव था?कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या यह पूरा सौदा मुरलीधर मोहोल की जानकारी और दबाव के बिना हो सकता था? पार्टी ने कहा कि कोई भी निजीकंपनी अपने दम पर रजिस्ट्री ऑफिस, चैरिटी कमिश्नर, कॉर्पोरेशन और बैंक को प्रभावित नहीं कर सकती। कांग्रेस ने कहा, यह सौदा सत्ता के संरक्षणमें हुआ है। अगर मंत्री मोहोल इसमें शामिल नहीं हैं, तो वे जांच से क्यों डर रहे हैं? क्लीन चिट ऑफिस बन चुकी है बीजेपी सरकार कांग्रेस का तंजकांग्रेस ने कहा कि बीजेपी अब एक क्लीन चिट फैक्ट्री बन चुकी है। हर भ्रष्टाचार के मामले में बीजेपी नेताओं को पहले ही क्लीन चिट दे दी जाती है।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री का ऑफिस पहले ही क्लीन चिट ऑफिस बन चुका है, अब महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कार्यालय भी वही रास्ता पकड़चुका है। हर मंत्री को बचाने का ठेका बीजेपी ने खुद उठा रखा है। कांग्रेस ने सवाल किया कि जब तक आरोपी मंत्री पद पर बने रहेंगे, तब तक किसीभी जांच से क्या भरोसेमंद नतीजा निकल सकता है? कांग्रेस की मांग मुरलीधर मोहोल दें इस्तीफा और हो निष्पक्ष जांचकांग्रेस ने कहा कि अगर बीजेपी को सच में पारदर्शिता पर भरोसा है, तो मुरलीधर मोहोल को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके बादमामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यह मामला केवल पैसे का नहींबल्कि धार्मिक आस्था और सार्वजनिक विश्वास से जुड़ा है। मुरलीधर मोहोल ने एक धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति को व्यापारिक सौदे में बदल दिया है, जोनिंदनीय और अनैतिक है। जनता पूछ रही है जवाब क्या बीजेपी नेताओं को कानून से ऊपर समझती है सरकार?कांग्रेस ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या बीजेपी अपने मंत्रियों को कानून से ऊपर मानती है। अगर आम नागरिक परऐसा आरोप लगता, तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। लेकिन बीजेपी सरकार के मंत्रियों को बचाने के लिए सत्ता का पूरा तंत्र सक्रिय है। कांग्रेसप्रवक्ता ने कहा, यह सिर्फ जैन ट्रस्ट की जमीन का मामला नहीं है, यह ईमानदारी, संविधान और जनता के भरोसे की परीक्षा है। मुरलीधर मोहोल कोअब जनता के सवालों से भागने की नहीं, जवाब देने की ज़रूरत है।
लाल क़िले पर मेरी दिल्ली मेरा देश कार्यक्रम ने दिखाया एकता में विविधता का असली रूप – आशीष सूद

दिल्ली के स्थापना दिवस पर आज लाल क़िले का नज़ारा बेहद खास रहा। दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं खेल विभाग और पर्यटन विभाग (DTTDC) के संयुक्त तत्वावधान में मेरी दिल्ली मेरा देश एकता में विविधता नाम से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने दिल्ली कीसंस्कृति, खानपान, इतिहास और एकता की भावना को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर दिया। इस अवसर पर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखागुप्ता, शिक्षा मंत्री आशीष सूद और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। दिल्ली की आत्मा एकता में विविधताशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मेरी दिल्ली, मेरा देश केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिल्ली की आत्मा को महसूस करने का माध्यम है। उन्होंनेबताया कि दिल्ली केवल एक महानगर नहीं, बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक विचार है। यह पहल दिल्ली के नागरिकों, विद्यार्थियों, कलाकारों और स्वयंसेवकों को यह संदेश देती है कि दिल्ली सिर्फ दिल्लीवासियों की नहीं, बल्कि पूरे भारत की राजधानी है। इतिहास और भावना से जुड़ा लाल क़िलाकार्यक्रम के दौरान आशीष सूद ने कहा कि 1947 में जब लाखों लोग पंजाब से दिल्ली आए थे, तब लाल क़िले ने उनके आँसू भी देखे और सरदारपटेल की दृढ़ता भी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने तब लोगों को यह भरोसा दिया था कि दिल्ली आपकी भी है। सूद ने कहा कि दिल्ली की रौनक, उसकी ऊर्जा और उसका संघर्ष, सबमें उस पंजाबी हिम्मत और देशभक्ति की झलक है, जिसे पटेल ने सुरक्षा और सम्मान दिया था। दिल्ली ने हमेशासंघर्ष को गले लगाया है और उसे ताक़त में बदला है यही दिल्ली की आत्मा है। दिल्ली में हर दिन एक नया उत्सवसूद ने कहा कि आज भले ही हम 8 राज्यों का स्थापना दिवस मना रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि दिल्ली में हर दिन कोई न कोई राज्य अपना उत्सवमनाता है। कभी पंजाब, कभी उत्तराखंड, तो कभी महाराष्ट्र या उड़ीसा हर राज्य की संस्कृति दिल्ली की ज़िंदगी में रच-बस गई है। यही विविधता मेंएकता दिल्ली की असली पहचान है। फूड फेस्टिवल और हेरिटेज वॉक बने आकर्षण का केंद्रइस आयोजन में दिल्ली फूड फेस्टिवल और हेरिटेज वॉक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली की समृद्ध पाक-परंपराओं और ऐतिहासिकधरोहरों को प्रदर्शित किया गया। सूद ने बताया कि इस फूड फेस्टिवल में शिक्षा निदेशालय (DOE) के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन भीप्रदर्शित किए गए। बहु-व्यंजन फूड कोर्ट में दिल्ली के पारंपरिक खान-पान के स्टॉल लोगों के लिए खास आकर्षण रहे। उन्होंने कहा कि इस पहल काउद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की भावना को बढ़ावा देना है, ताकि नई पीढ़ी न केवल शिक्षा बल्कि संस्कृति से भी जुड़ीरहे। दिल्ली के प्रतिष्ठित नागरिकों को किया गया सम्मानितआशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस अवसर पर उन प्रतिष्ठित नागरिकों को सम्मानित किया जिन्होंने दिल्ली के विकास, समाजसेवा औरसंस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह सम्मान दिल्ली की विविधता और जन-भागीदारी की भावना को दर्शाता है। दिल्ली की यात्रा पर शानदार नाट्य प्रस्तुतिकार्यक्रम में दिल्ली की यात्रा शाहजहानाबाद से स्मार्ट सिटी तक शीर्षक से एक नाट्य प्रस्तुति भी हुई, जिसमें दिल्ली की ऐतिहासिक और आधुनिकयात्रा को बड़े ही खूबसूरत ढंग से दिखाया गया। इस प्रस्तुति में मुगल काल से लेकर आज की विकसित, स्मार्ट और आधुनिक दिल्ली तक के सफर कासार दिखाया गया कैसे एक शहर ने इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता को साथ लेकर प्रगति की राह बनाई। लाल क़िले की दीवारों पर जीवंत हुआ इतिहासइस कार्यक्रम में पहली बार लाल क़िले की ऐतिहासिक दीवारों पर प्रोजेक्शन मैपिंग शो आयोजित किया गया। इस शो में रोशनी और ध्वनि के माध्यमसे दिल्ली के गौरवशाली इतिहास, सभ्यता और विकास को दर्शाया गया। इस शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बी प्राक के देशभक्ति सुरों ने बढ़ाई शाम की रौनककार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध गायक बी प्राक के लाइव म्यूज़िकल कॉन्सर्ट से हुआ। उन्होंने देशभक्ति और एकता के सुरों से लाल क़िले की शाम कोअविस्मरणीय बना दिया। 25 साल बाद ऐसा भव्य आयोजनशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में किसी भी सरकार ने दिल्ली स्थापना दिवस पर इतना भव्य कार्यक्रम नहीं किया था। उन्होंनेकहा, यह आयोजन हमारी सरकार की सोच और दिल्ली के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमने परंपरा को तोड़कर पहली बार लाल क़िले केऐतिहासिक परिसर में दिल्ली की संस्कृति, एकता और गौरव का उत्सव मनाया। इस कार्यक्रम की सराहना न केवल दिल्लीवासियों ने, बल्कि पूरे देशने की है।
विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली विधानसभा सिर्फ 100 दिनों में बनी पेपरलेस, किरेन रिजिजू ने की सराहना

दिल्ली विधानसभा ने आधुनिक भारत के डिजिटल युग में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए केवल 100 दिनों के भीतर नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन(NeVA) लागू कर देश की 18वीं पेपरलेस विधानसभा बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि की सराहना केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेनरिजिजू ने संसद भवन में आयोजित तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता काप्रतीक है, बल्कि यह लोकतंत्र को डिजिटल रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। 100 दिनों में रिकॉर्ड उपलब्धिदिल्ली विधानसभा ने मार्च 2025 में संसदीय कार्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। यह परियोजना तबशुरू हुई जब दिल्ली इस योजना में शामिल होने वाला 28वां राज्य बना। लेकिन केवल 100 दिनों में ही विधानसभा ने तकनीकी रूप से खुद को पूरीतरह पेपरलेस बना लिया। 4 अगस्त 2025 को दिल्ली विधानसभा ने अपना पहला पेपरलेस सत्र आयोजित किया और देश की 18वीं गो-लाइवविधानसभा बन गई। इस गति और समर्पण ने दिल्ली विधानसभा को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की प्रशंसासंसद भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने केवल 100 दिनों में जो उपलब्धि हासिल की है, वह पूरेदेश के लिए एक मानक है। उन्होंने इसे पारदर्शिता और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस परियोजना से विधायी कार्यप्रणाली में तकनीकी नवाचार और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा। रिजिजू ने कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह प्रयास यह दिखाता हैकि अगर इच्छाशक्ति और नेतृत्व मजबूत हो तो किसी भी सुधार को बहुत तेजी से लागू किया जा सकता है। विजेंद्र गुप्ता ने मांगा सहयोग, रखा नया प्रस्तावसम्मेलन में उपस्थित विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का धन्यवाद करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह कदमडिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने मंत्रालय से नेशनल लेजिस्लेटिव इंडेक्स स्थापित करने मेंसहयोग मांगा। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सूचकांक सभी राज्यों की विधानसभाओं के विधायी प्रदर्शन का आंकड़ा-आधारित मूल्यांकन करेगा। इससेराज्यों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सुशासन को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण उपकरण बताया। नेवा लागू करने में विजेंद्र गुप्ता का नेतृत्वदिल्ली विधानसभा में नेवा लागू करने की यात्रा 22 मार्च 2025 को शुरू हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस दिशा में बहुआयामीरणनीति अपनाई। उन्होंने अन्य राज्यों की विधानसभाओं का अध्ययन करवाया, विधायकों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किएऔर मंत्रालयों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा। उनके नेतृत्व में विधानसभा सचिवालय ने रिकॉर्ड समय में तकनीकी ढांचे, सॉफ्टवेयर सिस्टम औरप्रशिक्षण को पूरा किया। नतीजतन, 4 अगस्त 2025 को दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र पूरी तरह पेपरलेस तरीके से संपन्न हुआ। डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदमदिल्ली विधानसभा का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक मील का पत्थर है। अब विधानसभा की सभी कार्यवाही डिजिटल प्लेटफॉर्मपर संचालित होती है, जिससे कागज की बचत के साथ पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि हुई है। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है और शासनकी गति तेज़ हुई है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की यह उपलब्धि केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को और अधिकपारदर्शी, जिम्मेदार और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनी दिल्ली विधानसभादिल्ली विधानसभा की इस उपलब्धि की चर्चा न केवल राष्ट्रीय सम्मेलन में बल्कि अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी हो रही है। कई राज्यों ने अबनेवा को लागू करने के लिए दिल्ली के अनुभव से सीखने की इच्छा जताई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली का यह मॉडल अन्य राज्योंके लिए प्रेरणास्रोत है और उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में देश की सभी विधानसभाएँ इस दिशा में आगे बढ़ेंगी। विजेंद्र गुप्ता ने कहा यह टीम वर्क की जीत हैदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सफलता केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहाकि विधानसभा के अधिकारियों, कर्मचारियों और विधायकों ने इस परियोजना को साकार करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली विधानसभा देश की सबसे पारदर्शी, डिजिटल और आधुनिक विधान संस्था बने। यह सफलता उसी दिशा में हमारा पहलाबड़ा कदम है।
एमसीडी उपचुनाव में हार के डर से भाजपा मेयर ने कर्मचारियों के आगे झुका सिर — अंकुश नारंग का बड़ा आरोप

मेयर का वादा सिर्फ चुनावी जुमला, कर्मचारियों के साथ किया धोखाआम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित नगर निगम (एमसीडी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मेयर ने एमटीएस कर्मचारियों की मांगें सिर्फउपचुनाव से पहले जनता को गुमराह करने के लिए मानी हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा मेयर ने 30 नवंबर को होने वालेएमसीडी उपचुनाव में हार के डर से धरने पर बैठे कर्मचारियों के आगे घुटने टेक दिए और चुनाव से पहले झूठे वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। भाजपा को हार का डर, इसलिए मान ली कर्मचारियों की मांगेअंकुश नारंग ने कहा कि 30 नवंबर को एमसीडी के 12 वार्डों में उपचुनाव होने जा रहे हैं। जनता पहले से ही भाजपा सरकार से नाराज़ है और अबकर्मचारी भी उनके खिलाफ हैं। भाजपा को डर है कि अगर कर्मचारी धरने पर बैठे दिखे, तो जनता के बीच उसकी छवि और बिगड़ जाएगी। इसी डर सेमेयर ने कर्मचारियों की सभी मांगे मान लीं उन्होंने बताया कि एमसीडी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के एमटीएस और पीएच कर्मचारियों की हड़ताल33 दिनों तक चली, और 5,200 से अधिक कर्मचारी अपनी जायज़ मांगों को लेकर सड़कों पर डटे रहे। अगर भाजपा की नियत साफ होती, तो 33 दिन तक हड़ताल क्यों चलती?आप नेता ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भाजपा सच में कर्मचारियों के हित में होती, तो हड़ताल 33 दिन तक नहीं चलती। भाजपा कीनियत साफ होती तो न हड़ताल होती, न दिल्ली के लोग डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से जूझते उन्होंने कहा कि भाजपा मेयर राजा इकबाल सिंहको आखिरकार अपनी ज़िद छोड़कर कर्मचारियों के आगे झुकना पड़ा। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या वह अपना वादा निभाएंगे या यह भी एक‘चुनावी जुमला’ बनकर रह जाएगा। मेयर ने सिर्फ दिखावे के लिए की घोषणा, एक महीने में क्या बदलेगा?अंकुश नारंग ने कहा कि महापौर ने एमटीएस कर्मचारियों को यह कहकर मनाया है कि उनकी मांगें एक महीने के भीतर पूरी कर दी जाएंगी। लेकिन यहएक चुनावी चाल है, क्योंकि 30 नवंबर को उपचुनाव हैं और मेयर नहीं चाहते कि तब तक कोई धरना-प्रदर्शन हो। मेयर जानते हैं कि जनता औरकर्मचारी दोनों नाराज़ हैं, इसलिए उन्होंने 31 अक्टूबर को मांगे पूरी करने की घोषणा कर दी। लेकिन यह सिर्फ वादों का पुलिंदा है, सच्चाई नहीं मेयर की समिति का प्रस्ताव भी सिर्फ दिखावा हैआप नेता ने बताया कि महापौर ने हड़ताल खत्म करने के लिए जो समिति बनाई, उसने एक प्रस्ताव दिया है कि एमसीडी आयुक्त दिल्ली सरकार कोसिफारिश भेजेंगे जिसमें कहा गया है कि एमटीएस कर्मचारियों को समान वेतन के रूप में ₹27,900 मासिक देने पर हर साल ₹41 करोड़ रुपये काअतिरिक्त खर्च आएगा, जिसे दिल्ली सरकार वहन करेगी।मेयर ने कहा कि यह प्रक्रिया एक महीने में पूरी कर ली जाएगी, लेकिन यह सब चुनावी स्टंटहै। अगर भाजपा सच में कर्मचारियों के साथ होती, तो अब तक प्रस्ताव पास हो चुका होता भाजपा सिर्फ चुनाव के वक्त याद करती है कर्मचारियों कोअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को कर्मचारियों की याद सिर्फ चुनाव के वक्त आती है। जब जनता तक संदेश जाना होता है कि सब कुछ ठीक है, तबभाजपा को कर्मचारी याद आते हैं। लेकिन जब वेतन देने या सुविधा देने की बात आती है, तो भाजपा गायब हो जाती है उन्होंने कहा कि भाजपा कायह रवैया न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय है, बल्कि दिल्ली के नागरिकों के स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था के साथ भी खिलवाड़ है। दिल्ली डेंगू–मलेरिया से जूझती रही, भाजपा सिर्फ बयान देती रहीअंकुश नारंग ने कहा कि जब 33 दिनों तक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर थे, तब दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बढ़ते गए। अगरभाजपा ने वक्त रहते कर्मचारियों की मांगे मान ली होतीं, तो दिल्ली में बीमारी नहीं फैलती। लेकिन भाजपा को जनता की नहीं, सिर्फ चुनाव की चिंताहै अगर वादा नहीं निभाया, तो हर चुनाव में विरोध झेलेगी भाजपाअंकुश नारंग ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा मेयर ने 31 अक्टूबर तक किए गए वादे पूरे नहीं किए, तो आने वाले हर चुनाव में उन्हें कर्मचारी सड़कों परविरोध करते दिखेंगे। भाजपा मेयर राजा इकबाल सिंह और स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा जिम्मेदार होंगी अगर कर्मचारियों के वादे पूरे नहींहुए। जनता अब धोखे में नहीं आएगी कर्मचारियों को न्याय और सम्मान चाहिए, न झूठे वादेआप नेता ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों को 27,900 रुपये का वेतन, चिकित्सा अवकाश, अर्जित अवकाश और दयालुता के आधार पर नौकरी देनेकी मांग जायज़ है। यह मांग कोई उपकार नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है। भाजपा को यह हक तुरंत देना चाहिए
भाजपा सरकार प्रदूषण के आंकड़े घटाने के लिए कर रही फर्जीवाड़ा – सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप, जहांगीरपुरी मॉनिटरिंग स्टेशन का वीडियो किया जारी

भाजपा सरकार दिल्लीवालों की जान के साथ कर रही खिलवाड़आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण के आंकड़ों को कृत्रिम रूप से घटाने के लिए सरकारफर्जीवाड़ा कर रही है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने जहांगीरपुरी के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन पर पानी का छिड़काव करतेकर्मचारी का वीडियो साझा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार प्रदूषण के असली आंकड़े छिपा रही है और जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहीहै। एक्यूआई स्टेशन पर हो रहा है पानी का छिड़काव, सड़कें सूखी पड़ी हैंसौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार द्वारा पानी का छिड़काव पूरे क्षेत्र में नहीं, बल्कि केवल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मॉनिटरिंग स्टेशनों केआसपास किया जा रहा है। इसका मकसद यह है कि जब स्टेशन पर हवा की गुणवत्ता मापी जाए, तो वह कम प्रदूषण वाला स्तर दिखाए। उन्होंनेकहा, भाजपा सरकार सड़कों पर पानी का छिड़काव करने की जगह सारी मशीनें मॉनिटरिंग स्टेशनों पर लगवा रही है, ताकि आंकड़े कम दिखाए जासकें। यह जनता के साथ धोखा है। आम आदमी पार्टी ने जारी किया वीडियो सबूतशनिवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहांगीरपुरी आईटीआई परिसर में बने एक्यूआई स्टेशन केआसपास लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि आस-पास की सड़कें सूखी हैं। यह वीडियो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारालिया गया है, जिसमें बताया गया कि भाजपा सरकार के आदेश पर स्टेशन के चारों ओर मशीनें बार-बार चक्कर लगाकर पानी छिड़क रही हैं, ताकिप्रदूषण का स्तर कम रिकॉर्ड हो सके। सौरभ भारद्वाज ने कहा, भाजपा सरकार दिल्ली के प्रदूषण के वास्तविक आंकड़ों को छिपाकर दिल्लीवालों कीजान के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह सिर्फ आंकड़े सुधारने का खेल है, असली हवा नहीं सुधर रही। आईआईटी परिसर का एक्यूआई मीटर भी किया गया बंदआप नेता ने यह भी खुलासा किया कि पहले दिल्ली में आईआईटी परिसर के गेट पर लगे एक्यूआई मीटर को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा किसरकार वहां से सटीक आंकड़े आने से डरती है क्योंकि वह इलाके में असल प्रदूषण की तस्वीर दिखाता था।“भाजपा सरकार को सच्चाई से डर लगता है। इसलिए वह आंकड़े बदलने, मशीनें हटाने और फर्जी आंकड़े दिखाने में लगी है भाजपा को काम नहीं, झूठ और प्रचार पर भरोसा हैसौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार का काम सिर्फ दिखावा करना है। यह वही भाजपा है जो फर्जी यमुना बनाती है, जो हवाई जहाज से बारिश कराने की बातें करती है, लेकिन असल में न बारिश होती है न सफाई। ये सिर्फ झूठे प्रचार में माहिर हैं उन्होंने कहा कि अगरभाजपा सच में दिल्ली की हवा सुधारना चाहती है तो उसे सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती करनी चाहिए, न किमॉनिटरिंग मशीनों के आसपास पानी छिड़ककर आंकड़े घटाने का नाटक। क्लाउड सीडिंग पर भी साधा निशाना, एनिमेटेड वीडियो से किया व्यंग्यसौरभ भारद्वाज ने शनिवार को क्लाउड सीडिंग के फर्जीवाड़े पर एक एनिमेटेड वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कविता के अंदाज मेंभाजपा सरकार पर तंज कसते हुए लिखा फ्रॉड जो है, उसमें फ्रॉड, वो यहाँ कहीं नहीं किसी में, वो है झूठी, बस है झूठी, शोर है यही गली गली में।इंतहाँ हो गई इंतज़ार की, आई न कुछ ख़बर दिल्ली सरकार की। ये हमें है यक़ीन, क्लाउड सीडिंग फेल रही, फिर वजह क्या हुई, झूठे प्रचार की।उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा कि भाजपा सरकार का क्लाउड सीडिंग प्रयोग असफल रहा है। दिल्ली की भाजपा सरकार का बहुत धन्यवाद, उनके‘सीडेड क्लाउड’ अभी-अभी मुंबई की ओर उड़ गए हैं और जल्द ही लौट आएंगे, भारद्वाज ने व्यंग्य करते हुए कहा। दिल्ली की हवा साफ नहीं, रिपोर्टें झूठी हैंआप नेता ने कहा कि दिल्ली की हवा में प्रदूषण कम नहीं हुआ है, बल्कि सरकार ने आंकड़ों में खेल करके रिपोर्टों को झूठा बना दिया है दिल्लीवालेरोज धुआं, धूल और जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, और भाजपा सरकार कागज़ पर आंकड़े घटाकर यह दिखा रही है कि सब ठीक है
दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आनंद विहार में किया औचक निरीक्षण, सड़कों से धूल और जाम हटाने के दिए निर्देश

दिल्ली सरकार ने तेज़ किया प्रदूषण नियंत्रण अभियानसर्दियों के मौसम में प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने विंटर एक्शन प्लान के तहत ज़मीन पर काम की रफ़्तार और बढ़ा दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार शहर के 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर लगातार निगरानी और सख्तकार्रवाई कर रही है। आनंद विहार का दौरा कर मंत्री ने देखी ज़मीनी स्थितिआज पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आनंद विहार बस टर्मिनल और आसपास के क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। यह इलाका दिल्ली केसबसे अधिक प्रदूषित इलाकों में से एक माना जाता है। मंत्री ने धूल नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क मरम्मत और सफाई की स्थिति का जायजालिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि सर्दियों में प्रदूषण पर नियंत्रण सिर्फ रिपोर्ट या योजना से नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई से संभव है। एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का निरीक्षणमंत्री ने आनंद विहार मेट्रो स्टेशन के पास दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा लगाए गए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की कार्यप्रणालीदेखी और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट ली। उन्होंने यह भी कहा कि मॉनिटरिंग सिस्टम से मिली जानकारी के आधार पर क्षेत्रवार रणनीति बनानीहोगी। अधूरी सड़क अब होगी पक्कीनिरीक्षण के दौरान सिरसा ने देखा कि बस टर्मिनल के मुख्य द्वार पर एक छोटा सा सड़क हिस्सा कई सालों से अधूरा पड़ा था क्योंकि वहां तीन पेड़ों काट्रांसप्लांटेशन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, यह पिछली सरकारों की लापरवाही का उदाहरण है। अब हमारी सरकार इस सड़क को जनता के लिएखोलने जा रही है ताकि धूल और ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हो सके। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत पेड़ों के सुरक्षित स्थानांतरण और सड़क कोजल्द पक्का करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिख रहा सुधारसिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार हो रहा है। वर्षों से बंदसड़क अब जनता के लिए खुलने जा रही है। इससे यातायात सुचारु होगा और हवा में धूल कणों की मात्रा घटेगी प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर वैज्ञानिक एक्शनपर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली के हर प्रदूषण हॉटस्पॉट की समस्या अलग है, इसलिए सरकार ने वैज्ञानिक तरीकों से समाधान शुरू किया है। कहींसड़क की धूल है, कहीं ट्रैफिक की भीड़ या औद्योगिक धुआं हर जगह अलग एक्शन प्लान बनाया गया है, सरकार की टीमें DPCC, PWD, परिवहनविभाग और नगर निगम के साथ मिलकर 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि नतीजे जल्द दिखें। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों का भी निरीक्षणसिरसा ने कहा कि आने वाले दिनों में अशोक विहार, पंजाबी बाग, पीरागढ़ी और अन्य हॉटस्पॉट्स पर भी निरीक्षण किए जाएंगे। इन जगहों पर धूलऔर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन, मिस्ट स्प्रेयर और नियमित सफाई अभियान चलाए जाएंगे। नागरिकों से सहयोग की अपीलमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सरकार का साथ दें। सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन जनता के सहयोग के बिना नतीजेअधूरे रह जाएंगे। अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए तो दिल्ली की हवा साफ हो सकती है
चंडीगढ़ बंगले को लेकर भाजपा का हमला – वीरेन्द्र सचदेवा

केजरीवाल पर बंगला प्रेम के नए आरोपदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चंडीगढ़ के विशाल बंगले के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि यह बंगला कागज़ों में पंजाब मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस बताया गया है, लेकिन वास्तव में इसका उपयोग अरविंद केजरीवाल कर रहेहैं। सचदेवा ने कहा कि यदि इस पर किसी को संदेह है तो पंजाब और दिल्ली पुलिस के वी.आई.पी. मूवमेंट रिकॉर्ड से यह बात साबित हो जाएगी। आप नेताओं की बौखलाहट, भाजपा पर लगाए बेबुनियाद आरोपवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि जब भी अरविंद केजरीवाल के बंगले से जुड़ा कोई नया खुलासा होता है, तो आम आदमी पार्टी के नेता बौखला जाते हैं औरतर्कहीन बयान देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि आज जैसे ही भाजपा ने सोशल मीडिया पर यह खुलासा किया कि पंजाब सरकार ने अपने एक दो एकड़के बंगले को पंजाब के मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस बताकर अरविंद केजरीवाल को उपयोग के लिए दे दिया है, आम आदमी पार्टी में हड़कंप मच गया।उन्होंने कहा कि इसके बाद गुजरात में प्रचार कर रहे अरविंद केजरीवाल ने तुरंत दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को सामने उतारा, जिन्होंने बिनासोचे-समझे बयान दिया कि चंडीगढ़ में भाजपा की सरकार है, तो फिर बंगला कैसे बन गया। भाजपा का जवाब बंगला निर्माण नहीं, उपयोग का है मामलावीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, भाजपा ने कभी नहीं कहा कि बंगले का निर्माण हुआ है। हमने केवल यह कहा कि चंडीगढ़ का यह विशाल बंगला, जो कागज़ोंमें पंजाब मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस है, वास्तव में अरविंद केजरीवाल के उपयोग में है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दावे की पुष्टि के लिए पंजाब औरदिल्ली पुलिस के वीआईपी मूवमेंट रिकॉर्ड पर्याप्त सबूत हैं। दिल्ली में भी ‘शीशमहल’ और फिरोजशाह रोड का मामला उठाया गयादिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने सौरभ भारद्वाज से सवाल पूछा कि जब दिल्ली का शीशमहल खाली हुआ, तब अरविंद केजरीवाल जिस 5 फिरोजशाह रोडवाले बंगले में रहे, क्या वह उन्हें आवंटित था? उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जिस तरह से सरकारी संपत्तियों का निजी उपयोग किया है, वह जनता केप्रति जवाबदेही की भावना का अपमान है। स्वाति मालीवाल से जवाब मांगें केजरीवालवीरेन्द्र सचदेवा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल वास्तव में चंडीगढ़ के बंगले का उपयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपनी हीपार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल से जवाब मांगना चाहिए, जिन्होंने यह मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया था। जनता के सामने आनी चाहिए सच्चाईवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अब समय आ गया है कि अरविंद केजरीवाल खुद स्पष्ट करें कि क्या वे चंडीगढ़ के उस बंगले का उपयोग कर रहे हैं या नहीं।उन्होंने कहा, देश और दिल्ली की जनता यह जानना चाहती है कि एक ओर आम आदमी की राजनीति की बात करने वाले केजरीवाल खुद किससुविधा में रह रहे हैं। पारदर्शिता की बात करने वालों को पहले खुद पर पारदर्शिता लागू करनी चाहिए।
भाजपा की यमुना सफाई की पोल खुली सभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट फेल पाए गए – सौरभ भारद्वाज

सभी एसटीपी में उपचार मानक फेल, आरटीआई ने खोला बड़ा सचदिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर भाजपा सरकार के दावे पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। एक आरटीआई के जवाब में खुलासा हुआ है कि राजधानीदिल्ली के सभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) उपचार के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसका अर्थ यह है कि आज भी गंदा नाला और बिना उपचारकिया गया सीवेज सीधे यमुना में बह रहा है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सभी 37 प्लांट असफल पाए गए हैं। जांच में यह पाया गया कि जिन पानी को इन संयंत्रों से उपचारितबताया जा रहा था, उनमें भी मानव मल की मात्रा अनुमत सीमा से सैकड़ों गुना अधिक थी। उन्होंने कहा, जब सभी एसटीपी फेल हैं, तो भाजपा सरकारकिस आधार पर कह रही है कि यमुना साफ हो गई? यमुना सफाई का नाटक और दिखावाआम आदमी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने हाल के दिनों में यह दावा किया थाकि उन्होंने केवल आठ महीनों में यमुना को साफ कर दिया, जबकि अरविंद केजरीवाल सरकार दस साल में ऐसा नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, असलियतयह है कि यह पूरा अभियान एक नाटक और प्रचार का हथकंडा था। आरटीआई के जवाब ने साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार का ‘साफ यमुना’ शो झूठ पर आधारित था। अरविंद केजरीवाल सरकार ने किया था वास्तविक कामसौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान सैकड़ों अनधिकृत कॉलोनियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा गया था। इन कॉलोनियों सेनिकलने वाला गंदा पानी सीवेज संयंत्रों तक पहुँचाया गया ताकि उसका उचित उपचार कर यमुना में छोड़ा जा सके। उन्होंने कहा, यमुना की सफाई कासबसे पहला और जरूरी कदम यह है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से चलें और उनका निकास मानक गुणवत्ता का हो। जब यह ही नहीं हो रहा, तो सफाई के सारे दावे खोखले हैं। सभी क्षेत्रों के संयंत्रों में फेल बेहद चिंताजनक स्थितिसौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह जांच रिपोर्ट अक्षरधाम, छिल्ला, कोरोनेशन पिलर (तीनों चरण), दिल्ली गेट, घिटोरनी, कपासहेड़ा, केशोपुर, कोंडली, महरौली, मोलरबंद, नजफगढ़, नरेला, निलोठी, ओखला, पप्पनकलां, रोहिणी, वसंत कुंज, सोनिया विहार और यमुना विहार सहित सभी स्थानों केएसटीपी पर आधारित है। उन्होंने कहा, हर एक संयंत्र फेल पाया गया है। यह दिल्ली और यमुना दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। केंद्रीय सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के आँकड़ों पर जताया अविश्वाससौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड नियमित रूप से इन एसटीपी से नमूने लेकर जांच करता था, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके आंकड़ों परभरोसा नहीं किया। उन्होंने कहा, दिल्ली जल बोर्ड के अंदर आँकड़ों में हेराफेरी की शिकायतें बढ़ीं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने स्वयं केंद्रीय प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड को स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। जांच में खुलासा 36 प्लांटों में मानव मल की मात्रा सीमा से सैकड़ों गुना अधिकसीपीसीबी की जांच में यह सामने आया कि 37 में से 36 प्लांटों के उपचारित पानी में फीकल कोलीफॉर्म (मानव मल) की मात्रा अनुमत सीमा सेसैकड़ों गुना अधिक थी। यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। सौरभ भारद्वाज बोले भाजपा का साफ यमुना अभियान सिर्फ एक प्रचार स्टंटसौरभ भारद्वाज ने कहा, जब सभी संयंत्र फेल हैं, तो भाजपा किस यमुना की सफाई का दावा कर रही है? उन्होंने जो किया, वह केवल राजनीतिकनाटक और प्रचार का हथकंडा था। सच्चाई अब सबके सामने है। उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करने का असली काम केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पारदर्शिता और ठोस नीति से ही संभव है, न कि झूठे दावों और विज्ञापनबाजी से।