भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को दिल्ली सफ़ाई कर्मचारी चेयरमैन संजय गहलोत का नमन

सरिता साहनी08 दिसम्बर, 2025सरदार पटेल एक अनमोल नेताभारत के इतिहास में ऐसे बहुत कम नेता आए हैं जिनका योगदान देश के निर्माण और एकता में अमूल्य रहा हो। सरदार वल्लभभाई पटेल ऐसे ही नेताथे। उन्हें भारत का लौहपुरुष कहा जाता है, क्योंकि उनके साहस, धैर्य और दृढ़ निश्चय ने देश को एकजुट किया। सरदार पटेल का जीवन साधारण था, लेकिन उनके विचार और कृतित्व असाधारण थे। दिल्ली के वरिष्ठ नेता संजय गहलोत ने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता और नेतृत्व आज भीयुवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका जीवन सिखाता है कि देशभक्ति, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से किसी भी कठिन परिस्थिति का सामनाकिया जा सकता है। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल की भूमिकासरदार पटेल ने भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में हमेशा नेतृत्व की भूमिका निभाई। बारडोली सत्याग्रह और अन्य आंदोलनों में उनका योगदान विशेषरूप से उल्लेखनीय है। उनकी मेहनत और साहस ने न केवल किसानों और आम जनता को ताकत दी, बल्कि अंग्रेज़ सरकार को झुकने पर मजबूरकिया। संजय गहलोत ने बताया कि सरदार पटेल की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी हमारे लिए प्रेरणादायक हैं। रियासतों का विलय और एकजुट भारतस्वतंत्रता के बाद भारत में 562 रियासतें थीं, जिनमें कई अलगाववादी रुझान रखते थे। सरदार पटेल ने न केवल कूटनीति और समझदारी से, बल्किसाहस और दृढ़ निश्चय से इन रियासतों को भारत में मिलाया। उनके प्रयासों के कारण आज हमारा देश एक मजबूत और संगठित राष्ट्र बन पाया। संजयगहलोत ने कहा कि सरदार पटेल की यह उपलब्धि हमें सिखाती है कि नेतृत्व का मतलब केवल सत्ता नहीं, बल्कि देश की भलाई के लिए सही निर्णयलेना होता है। राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार पटेल का स्मरणसरदार पटेल की जयंती पर हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन देशभर में एकता की शपथ ली जाती है, विभिन्नकार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और सरदार पटेल की सोच को याद किया जाता है। संजय गहलोत ने कहा कि यह दिन हमें यह याद दिलाता है किदेश की असली ताकत उसकी एकता में है और हमें हमेशा एकजुट रहना चाहिए। सरदार पटेल की सोच का आज का महत्वआज भारत तेजी से विकास कर रहा है, लेकिन समाज में कई चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं। धार्मिक और सामाजिक असमानताएँ, क्षेत्रीय मतभेद औरआपसी विवाद जैसी समस्याएँ सरदार पटेल की शिक्षाओं को और भी महत्वपूर्ण बनाती हैं। संजय गहलोत ने कहा कि हमें सरदार पटेल के आदर्शों कोअपनाना चाहिए और अपने जीवन में उनकी देशभक्ति, साहस और ईमानदारी को उतारना चाहिए। सरदार पटेल के योगदान की अमर छापसरदार वल्लभभाई पटेल ने न केवल भारत को भौगोलिक रूप से जोड़ा, बल्कि लोगों के दिलों को भी एक किया। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व ने भारतको एक सशक्त राष्ट्र बनाया। संजय गहलोत ने कहा कि आज हम जो भारत देख रहे हैं, उसकी नींव सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प और मेहनत से हीमजबूत हुई है।
पवित्र नगरी अमृतसर में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया गुरु चरणों में नमन

सरिता साहनी8 दिसंबर 2025 , नई दिल्लीअमृतसर की आध्यात्मिक यात्रा दिल्ली सरकार का गुरु साहिब के प्रति आभारदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने पूरे कैबिनेट दल के साथ 8 दिसंबर 2025 को गुरु की पावन धरती अमृतसर पहुंचीं। उनकी यह यात्रा किसीऔपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि गुरु साहिब के प्रति गहरी आस्था, कृतज्ञता और धन्यवाद का प्रतीक थी। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हरमंदिरसाहिब में शीश नवाया और दरबार साहिब में शुकराना अदा करते हुए कहा कि गुरु साहिब की कृपा से ही दिल्ली में ऐतिहासिक ‘गुरमत समागम’ अत्यंत सफल और भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। गुरमत समागम की सफलता को गुरु कृपा का परिणाम बतायामुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान बताया कि दिल्ली के लाल किला प्रांगण में 23 से 25 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय ‘गुरमत समागम’ स्वतंत्रभारत के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बन चुका है। इस कार्यक्रम में लगभग छह लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो अपनेआप में एक रिकॉर्ड है। गुरबाणी कीर्तन, संकीर्तन और आध्यात्मिक सभाओं के उस पवित्र वातावरण को मुख्यमंत्री ने गुरु साहिब का आशीर्वाद कहा।उन्होंने याद किया कि आयोजन से कुछ ही दिन पहले क्षेत्र में बम विस्फोट की घटना हुई थी, जिससे माहौल चिंताजनक था। इसके बावजूद कार्यक्रमका शांतिपूर्ण और सुंदर आयोजन होना गुरु साहिब की ही विशेष कृपा माना गया। इसी आभार को व्यक्त करने मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट आजहरमंदिर साहिब पहुंची। पूरे वर्ष चलेगा गुरु तेग बहादुर साहिब का 350वां शहादत वर्षमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार आगामी पूरे वर्ष गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहादत वर्ष को समर्पित विविधकार्यक्रम और संगोष्ठियाँ आयोजित करेगी। स्कूलों में विशेष पुस्तकों और गतिविधियों के माध्यम से बच्चों तक गुरु साहिब की शिक्षाओं और बलिदानकी कथा पहुँचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में सरकारें और संस्थाएँ गुरु साहिब के इस पावन पर्व को श्रद्धा और सम्मान से मना रही हैं, जो उनकेसार्वभौमिक संदेशों को आगे ले जाने का माध्यम है। दुर्गियाना मंदिर और वाल्मीकि मंदिर के दर्शन कर देश की खुशहाली की कामनाअपनी यात्रा के अगले चरण में मुख्यमंत्री दुर्गियाना मंदिर पहुँचीं, जिसे स्वर्ण मंदिर की तरह ही भव्य स्थापत्य के लिए जाना जाता है। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और दिल्ली की खुशहाली की कामना की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि मंदिर (श्री रामतीर्थ मंदिर) में भीदर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की कृपा सबकी रक्षा और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। मुख्यमंत्रीने इस पूरी आध्यात्मिक यात्रा को अपने जीवन का गहरा अनुभव बताया। उनके अनुसार अमृतसर केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा औरप्रेरणा की भूमि है। अमृतसरवासियों के स्नेह और स्वागत से अभिभूत हुईं मुख्यमंत्रीअपनी यात्रा के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अमृतसर के लोगों द्वारा मिले प्रेम और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता का यहप्यार ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि गुरु साहिब का आशीर्वाद ऐसे ही बना रहे और इसी प्रेरणा से दिल्ली सरकार आगेभी सेवाभाव, जनकल्याण और ईमानदार शासन की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
हादसों के बाद जागने वाली दिल्ली सरकार पर देवेंद्र यादव का तीखा हमला

सरिता साहनी8 दिसंबर 2025,नई दिल्लीदिल्ली की ठंड, बेघर लोग और सरकार की देरीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी में जब तक कोईहादसा न हो जाए, तब तक सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उनके अनुसार हर साल की तरह इस बार भी ठंड बढ़ने के साथ हीसड़कों पर बेघर लोगों की मौतें हो रही हैं, लेकिन सरकार समय रहते कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं करती। वसंत कुंज के कुली कैंप रैन बसेरे में आग लगनेकी घटना और उसमें दो लोगों की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सरकार की तैयारी केवल कागजों में होती है। ठंड शुरू होते ही तैयारी होनी चाहिए, न कि दिसंबर मेंदेवेंद्र यादव ने कहा कि रैन बसेरों में कंबल, बिस्तर, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था सितंबर–अक्टूबर में ही पूरी कर दी जानी चाहिए थी। लेकिनसरकार दिसंबर में हादसों के बाद अचानक सक्रिय होती है और बयान जारी किए जाते हैं। उन्होंने भाजपा के मंत्रियों पर तंज कसते हुए कहा कि जबलोग ठंड में मर रहे थे और आग लगने से दो लोगों की जान चली गई, तभी मंत्री नींद से जागकर घोषणाएं करने लगे। उनके अनुसार यह काम करने कातरीका नहीं, बल्कि लापरवाही की नीति है। बेघर लोगों की संख्या ही तय नहीं—सरकार का प्लान कैसे बना?देवेंद्र यादव ने यह भी सवाल उठाया कि दिल्ली में बेघर और बेसहारा लोगों की वास्तविक संख्या सरकार को पता ही नहीं है। दिल्ली उच्च न्यायालयने वर्षों पहले सरकार को आदेश दिया था कि बेघर लोगों की जनगणना कराई जाए, लेकिन पिछले 11 वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसानहीं किया और अब भाजपा की सरकार को 10 महीने हो गए, फिर भी कोई सही आंकड़ा मौजूद नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विंटर एक्शनप्लान किस आधार पर बना और मंत्री आशिष सूद का औचक निरीक्षण किस जानकारी के आधार पर किया गया? यह बात जनता को जानने काअधिकार है। वसंत कुंज रैन बसेरे की आग ने खोली सुरक्षा में खामियों की पोल6 दिसंबर को वसंत कुंज के कुली कैंप रैन बसेरे में आग लगने से दो लोगों की मौत पर भी देवेंद्र यादव ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंनेकहा कि यदि रैन बसेरों में सही सुरक्षा व्यवस्था होती, नियमित निरीक्षण होता और फायर सिस्टम ठीक होता, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।उन्होंने यह भी कहा कि रैन बसेरों में सुरक्षा, रजिस्ट्रेशन, निगरानी, साफ-सफाई और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं, लेकिन हर बार इन्हें दबा दिया जाता है। आग की इस घटना ने फिर साबित कर दिया कि सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर गंभीर नहीं है।पुराने रैन बसेरे बंद, नए का वादा—क्या यह प्रशासनिक विफलता नहीं?देवेंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली सरकार के मंत्री आशिष सूद निरीक्षण के दौरान नए 200 रैन बसेरे बनाने की घोषणा कर रहे हैं, जबकि कई पुराने रैनबसेरे पहले ही बंद कर दिए गए थे। पुश्ता के पास चार रैन बसेरे आम आदमी पार्टी के शासन में बंद हुए और नेहरू प्लेस का एक रैन बसेरा वर्तमानसरकार ने बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले बंद किए गए रैन बसेरों की जगह नए शेल्टर खोले जाएं, उसके बाद ही 200 नए रैन बसेरों की बात कीजाए। उनके अनुसार यह सरकार की इवेंट राजनीति है, जिसमें घोषणाएं ज्यादा होती हैं और काम कम। हर मुद्दे पर देरी से काम—सरकार की यह पहचान बन चुकी हैदेवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि चाहे सड़क निर्माण हो या गड्ढों की मरम्मत, यमुना की सफाई हो या प्रदूषण नियंत्रण—हर विषय पर सरकार समय सेकाम करने में असफल रहती है। उनका कहना था कि रेखा गुप्ता सरकार की यही देरी अब दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। नगर निगम सेलेकर दिल्ली सरकार तक, हर स्तर पर निर्णय देर से लिए जाते हैं और जनता को इसका नुकसान उठाना पड़ता है। कंबलों की भारी कमी-सरकार के दावों और जमीनी जरूरतों में बड़ा अंतरउन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने रैन बसेरों के लिए 1,000 कंबल खरीदे हैं, वह भी 2,200 रुपये प्रति कंबल की दर से। लेकिन दिल्ली में 197 स्थायी रैन बसेरे हैं और प्रत्येक रैन बसेरे में औसतन 50 लोगों की व्यवस्था होती है। इस आधार पर कम से कम 10,000 कंबलों की जरूरत है। इसकेअलावा 204 अस्थायी रैन बसेरे भी बनाए गए हैं। इस स्थिति में केवल 1,000 कंबल क्या पूरा दिल्ली शहर सम्हाल पाएगा? उन्होंने कहा कि जबसड़कों पर खुले में लोग पड़े हैं, तब सरकार का खुद को सफल बताना जनता को भ्रमित करने जैसा है। जिम्मेदारी निभाए सरकार, जनता को भ्रमित न करेअंत में देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार को बयानबाजी छोड़कर अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए। बेघर लोगों की सुरक्षा, रैन बसेरों कीव्यवस्था, कंबलों और भोजन की उपलब्धता तथा आग से बचाव के इंतजाम तुरंत किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हर साल ठंड से मौतें और रैनबसेरों में बदहाल स्थितियां दिल्ली की छवि को ही नहीं बल्कि मानवता को भी चोट पहुँचाती हैं। सरकार को समय पर काम करना होगा, तभी दिल्लीके गरीब, बेसहारा और बेघर लोगों की जिंदगी सुरक्षित हो सकेगी।
दलितों की ज़मीन पर सुनियोजित कब्ज़ा —संजय सिंह ने योगी सरकार के मंत्री पर लगाया बड़ा आरोप

सरिता साहनी8 दिसंबर 2025 ,नई दिल्लीआम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार पर एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यूपी के ऊर्जा राज्य मंत्रीसोमेन्द्र तोमर ने मेरठ के एक गांव में दलित समाज की ज़मीनों पर योजनाबद्ध तरीके से कब्ज़ा किया है। संजय सिंह ने कहा कि यह सिर्फ़ एक आरोपनहीं बल्कि दस्तावेज़ों और सरकारी प्रमाणपत्रों के आधार पर सिद्ध सच है, जिसे अब पूरे देश के सामने लाने का समय आ गया है। दलितों की ज़मीन हड़पने की पूरी साज़िश तैयार की गई – संजय सिंह का आरोपसंजय सिंह के अनुसार मंत्री ने दलितों की 47 ज़मीनों को एक ऐसी योजना के अंतर्गत खरीदा, जिसे बिना सरकारी सिस्टम के दुरुपयोग के अंजाम देनासंभव नहीं था। उन्होंने कहा कि ज़मीन खरीदने की प्रक्रिया इतनी तेज़ी और समान ढंग से हुई कि यह साफ़ हो गया कि सब कुछ पहले से तय था।सामान्य परिस्थितियों में दलित समाज की ज़मीन खरीदने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होती है, लेकिन जिन दस्तावेज़ों की वे बात कर रहे थे, उनमें दिखाया गया है कि किसी महामारी की तरह एक ही गांव के लोग अचानक गंभीर बीमार घोषित हो गए, और फिर उन्हें ज़मीन बेचने की अनुमतिमिल गई। अंकुश चौधरी ने खोला पूरा मामला-47 दलितों को कैसे बीमार दिखाया गयासंजय सिंह के बाद आम आदमी पार्टी के नेता अंकुश चौधरी ने विस्तार से पूरा मामला पत्रकारों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि कायस्थ गौंडी गांवके 47 दलित परिवारों की ज़मीनें एक ही मंत्री ने खरीदीं। पर सवाल यह है कि ऐसा हुआ कैसे? उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार दलित समाज केव्यक्ति को अपनी ज़मीन बेचने के लिए या तो गंभीर बीमारी का प्रमाण देना होता है, या फिर यह साबित करना होता है कि वह रोज़ी-रोटी के लिएगांव छोड़कर दूसरे शहर जा रहा है। लेकिन यहां स्थिति अजीब थी। अगस्त से सितंबर 2024 के बीच एक ही गांव के दर्जनों लोग अचानक गंभीरबीमार घोषित कर दिए गए। 11 लोग एक ही दिन में बीमारी का सर्टिफिकेट लेने पहुंचे, फिर कुछ दिन बाद 35 लोग। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा गांवकिसी अजीब बीमारी की चपेट में आ गया हो। मेडिकल टीम ने 37 लोगों को गंभीर बीमार घोषित कर दिया, और 9 लोगों को विस्थापित बताया।यह सब दस्तावेज़ों में दर्ज है। यही नहीं, इन सभी लोगों को कुछ ही दिनों में जिलाधिकारी के अधिकार पर परमिशन मिल गई, और 47 लोगों कीज़मीन का बैनामा सिर्फ़ एक ही दिन—13 सितंबर 2024 को कर दिया गया। सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का गंभीर आरोप—एक ही दिन में सभी ज़मीनें मंत्री के नामपूरा मामला इस वजह से और भी संदिग्ध हो जाता है क्योंकि 47 बैनामे एक ही दिन में मंत्री के नाम पर दर्ज हुए। अंकुश चौधरी ने कहा कि यह सिर्फ़संयोग नहीं हो सकता। यह वही इलाका है जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक इंटीग्रेटेड टाउनशिप का शिलान्यास कर चुके हैं। मंत्री को पहले सेजानकारी थी कि कहां कौन-सा प्रोजेक्ट आ रहा है, और इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने औने-पौने दामों में दलितों की ज़मीनें खरीद लीं।उन्होंने कहा कि दलित समाज के लोग इतने गंभीर बीमार थे तो मंत्री ने उनकी मदद क्यों नहीं की? उनकी दवाई क्यों नहीं करवाई? बल्कि उन्होंनेउनकी मजबूरी का फायदा उठाया। यह किसी मंत्री का चरित्र नहीं हो सकता जो गरीब और दलित के हितों की रक्षा करने की शपथ लेता है। सत्य उजागर होने पर मंत्री का जवाब—5 करोड़ का मानहानि नोटिसअंकुश चौधरी ने कहा कि इस घोटाले का खुलासा करने के बाद मंत्री पर कार्रवाई तो नहीं हुई, बल्कि उल्टा आम आदमी पार्टी के नेताओं को 5 करोड़रुपये की मानहानि का नोटिस भेज दिया गया। उनका कहना था कि हम बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों को जानते हैं औरदलित समाज का शोषण किसी भी हाल में नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि चाहे मंत्री 5 करोड़ का नोटिस दें या 50 करोड़ का, हम सड़कों पर भी लड़ेंगेऔर संसद में भी आवाज़ उठाएंगे। सुनियोजित साज़िश के बिना यह संभव नहीं थासंजय सिंह ने कहा कि अगर 47 दलित लोग सच में बीमार थे, तो मंत्री ने उनके इलाज के लिए क्या किया? उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर सभी लोगएक ही व्यक्ति के पास अपनी ज़मीन बेचने क्यों पहुंचे? यह दिखाता है कि यह पूरा मामला सोचे-समझे तरीके से चलाया गया। उन्होंने कहा कि आमआदमी पार्टी इस लड़ाई को सिर्फ़ मेरठ तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि संसद तक ले जाएगी और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन भी करेगी। वंदे मातरम् को लेकर भाजपा पर तीखा प्रहार-देशभक्ति को ढाल मत बनाओपत्रकारों द्वारा वंदे मातरम् पर सवाल पूछे जाने पर संजय सिंह ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हर कार्यक्रम मेंभारत माता की जय और वंदे मातरम् का नारा लगाती है। लेकिन सवाल यह है कि जब भगत सिंह, बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान जैसे क्रांतिकारीवंदे मातरम् बोल रहे थे, तब आरएसएस और भाजपा के राजनीतिक पूर्वज क्या कर रहे थे? उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सावरकर, श्यामाप्रसाद मुखर्जी और अन्य नेताओं ने अंग्रेजों के साथ मिलकर ऐसे फैसले लिए जो आज भी सवाल खड़े करते हैं। संजय सिंह ने कहा कि भाजपा अपनाहर गुनाह वंदे मातरम् और धर्म के नारों के पीछे छिपाने की कोशिश करती है। जबकि देशभक्ति का मतलब देश को बेचना नहीं, बल्कि उसकी रक्षाऔर उसकी संपत्ति को बचाना है। देशभक्ति का मतलब मातृभूमि की वंदना है, न कि उसे बेच देनाउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एयरपोर्ट, सीपोर्ट, जंगल, खदानें, रेल, गैस, पानी—सब बेच दिया। उन्होंने भागलपुर का जिक्र करते हुए कहा किएक रुपये में 1050 एकड़ जमीन और 10 लाख पेड़ अडानी को दे दिए गए। उन्होंने कहा कि यह कैसा वंदे मातरम् है जहां मातृभूमि को ही बेच दियाजाता है? धार्मिक नारों से नाकामी छिपाने की राजनीति पर करारा हमलाउन्होंने कहा कि भाजपा के एक मंत्री के पास जब लोग बिजली की समस्या लेकर गए तो उसने जय श्रीराम और जय बजरंगबली कहकर बात टाल दी।संजय सिंह ने पूछा कि क्या भगवान ने आपको बताया है कि जनता को बिजली न दो और धर्म के नारों की आड़ में अपनी नाकामियां छिपाओ?सच्चाई दबेगी नहीं, हम लड़ाई जारी रखेंगेसंजय सिंह ने कहा कि चाहे मंत्री नोटिस भेजें, चाहे धमकाएं, आम आदमी पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। वे संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे कोउठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दलितों की ज़मीन पर कब्ज़ा सिर्फ़ एक कानूनी मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक अन्याय है, और इस अन्याय के खिलाफ हरकीमत पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
Goa Nightclub Fire: AAP Blames BJP Government, Demands CM Pramod Sawant’s Resignation After 25 Deaths

A devastating late-night fire at an illegally operating nightclub in Arpora, Goa, claimed several lives and left many critically injured. The Aam Aadmi Party (AAP) expressed profound grief over the tragedy, with AAP National Convenor Arvind Kejriwal, Goa Prabhari Atishi and state president Amit Palekar extending heartfelt condolences to the affected families. The AAP held […]
दिल्ली में हुई स्वराज कौशल की शोकसभा, बेटी बांसुरी स्वराज सहित राजनीतिक और कानूनी हस्तियों नेताओं ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

सरिता साहनी07 दिसंबर 2025, नई दिल्ली भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के पिता, वरिष्ठ वकील और पूर्व मिजोरम राज्यपाल स्वराज कौशल का गुरुवार को निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे।स्वराज कौशल का जन्म 12 जुलाई 1952 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ था। अपने जीवन में उन्होंने कानून और राजनीति के क्षेत्र मेंउल्लेखनीय योगदान दिया और समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई।स्वराज कौशल सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। उन्होंने वर्षों तक वकालत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया और कानून के प्रति उनकी गहरी समझऔर न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशेष बनाती थी। वे केवल एक कुशल वकील ही नहीं, बल्कि समाज सेवा और देशभक्ति के क्षेत्र में भीसक्रिय रहे। स्वराज कौशल स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे, जो भारत की पूर्व विदेश मंत्री रही हैं। उनके परिवार में उनकी बेटी बांसुरी स्वराज भीशामिल हैं, जो वर्तमान में भाजपा सांसद हैं। भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बनेउनके निधन से राजनीतिक और कानूनी समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया (एक्स) पर अपने संदेश मेंलिखा: श्री स्वराज कौशल जी के निधन से दुख हुआ है। वे भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने और मिजोरम के लोगों पर अपने कार्यकाल केदौरान गहरा प्रभाव छोड़ा। एक सांसद के रूप में उनके विचार भी महत्वपूर्ण रहे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार केअन्य सदस्यों के साथ हैं। ॐ शांति। निधन से देश ने एक संवेदनशील, ईमानदार और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दियास्वराज कौशल का राजनीतिक जीवन भी अत्यंत सक्रिय और प्रभावशाली रहा। वे भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने और मिजोरम के लोगों केबीच अपने कार्यकाल के दौरान गहरा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने अपने प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शिता के जरिए राज्य में कई महत्वपूर्ण पहल की। उनकीशोकसभा समारोह आज यानी 7 दिसंबर को दिल्ली के PSOI क्लब, चाणक्यपुरी में आयोजित की गई. यह शोकसभा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजेतक चली। इस अवसर पर उनके परिवारजन, करीबी मित्र और विभिन्न राजनीतिक व कानूनी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में उनकेयोगदान और व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। स्वराज कौशल ने अपने जीवन में कानून और राजनीति केक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके निधन से देश ने एक संवेदनशील, ईमानदार और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दिया है। उनकी उपलब्धियों औरउनके व्यक्तित्व की छवि हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
दिल्ली एआई ग्राइंड भविष्य की तकनीक की ओर दिल्ली का बड़ा कदम

सरिता साहनी07 दिसंबर 2025, नई दिल्ली दिल्ली में एआई शिक्षा की नई लहरदिल्ली सरकार ने दिल्ली एआई ग्राइंड की शुरुआत करके देश में एक नया इतिहास बनाया है। यह भारत का पहला ऐसा शहर-केंद्रित एआई औरइनोवेशन मूवमेंट है, जो दिल्ली के बच्चों और युवाओं को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करेगा। इस पहल से 1,000 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पाँच लाख से ज्यादा छात्र लाभ ले सकेंगे। इसका लक्ष्य है कि हर छात्र एआई को समझे, सीखे और इसे अपने जीवनमें उपयोग करने लायक बने। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दृष्टिकोण तकनीक से सशक्त होगी दिल्लीकार्यक्रम के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ने एआई शिक्षा में देश में सबसे पहले कदम बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी द्वारा तकनीक को बढ़ावा देने की प्रेरणा से दिल्ली ने इस दिशा में काम तेज किया है। उनका मानना है कि नई तकनीक का लाभ हर बच्चा, हर कक्षा और हर समुदाय तक पहुँचना चाहिए। दिल्ली, राजधानी होने के नाते, यह जिम्मेदारी निभाने को तैयार है। एआई ग्राइंड क्या है सीखने और नवाचार का बड़ा आंदोलनदिल्ली एआई ग्राइंड सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है जो पूरी शिक्षा व्यवस्था को बदलने की क्षमता रखता है। इस अभियान केतहत छात्रों को एआई सीखने का मौका मिलेगा। वे डिजाइन थिंकिंग, समस्या को समझने, समाधान के तरीके खोजने और छोटे-बड़े प्रोटोटाइप बनानेजैसी क्षमता विकसित करेंगे। शिक्षा संस्थानों में एक ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जहाँ छात्र अपने विचारों से वास्तविक जीवन की समस्याओं का हलढूँढ सकें। धीरे-धीरे ये संस्थान छोटे-छोटे इनोवेशन लैब्स में बदल जाएँगे। शिक्षा मंत्री आशीष सूद का भविष्य–तैयारी मॉडलशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम के बारे में बताते हुए कहा कि यह पहल आने वाले एआई दशक को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। आनेवाले चार महीनों में हजारों शिक्षकों को एआई मेंटर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे स्कूलों में एआई सीखने का मजबूत माहौल बन सकेगा।उन्होंने बताया कि छात्रों द्वारा कई नए मॉडल और प्रोटोटाइप विकसित किए जाएँगे, जिन्हें विशेषज्ञों और उद्योग जगत के साथ मिलकर आगे बढ़ायाजाएगा। इसके अलावा दिल्ली के युवाओं के विचारों के आधार पर एक राष्ट्रीय इनोवेशन दस्तावेज भी तैयार होगा, जिसे पूरे देश में साझा कियाजाएगा। इससे दिल्ली एआई आधारित शिक्षा सुधारों की प्रयोगशाला के रूप में स्थापित होगी। युवाओं के लिए 10 मुख्य क्षेत्रों में काम करने का अवसरयह कार्यक्रम 10 से 25 वर्ष तक के युवाओं को विभिन्न सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने का मौका देगा। इनमें परिवहन, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, पर्यावरण, शिक्षा, सुशासन, खाद्य प्रणाली, जल प्रबंधन और सार्वजनिक सेवाएँ शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वास्तविक समस्याएँ होंगी, जिन पर छात्र अपने समाधान पेश करेंगे। इससे उन्हें सीखने, सोचने और समाज के लिए नया कुछ बनाने का अवसर मिलेगा। इनोवेशन मॉडल विचार से लेकर जमीन तक लागू होने की प्रक्रियादिल्ली एआई ग्राइंड एक वार्षिक आंदोलन होगा, जो हर साल नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ेगा। इसके अंतर्गत कई चरण होंगे। पहले छात्रों कोएआई और इनोवेशन की समझ दी जाएगी। फिर उन्हें अपने-अपने जिलों में भाग लेने का मौका मिलेगा। बाद में शहर-स्तर पर उनके कामों कोदिखाया जाएगा। जो विचार अच्छे होंगे, उन्हें पायलट रूप में लागू करने की कोशिश की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह है कि किसी भी छात्र काविचार सिर्फ कागज़ पर न रह जाए, बल्कि उसे वास्तविक रूप दिया जाए। एआई शिक्षा का उद्देश्य बच्चे बनें तकनीक के निर्मातासूद ने कहा कि बच्चों को सिर्फ एआई का उपयोग करना नहीं आना चाहिए, बल्कि उन्हें यह भी समझना चाहिए कि तकनीक कैसे काम करती है औरउसे बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे सिर्फ उपभोक्ता न रहें, बल्कि तकनीक के ऐसे निर्माता बनें जो समाज की समस्याओं कोसमझकर नए समाधान तैयार कर सकें। एआई का जिम्मेदार उपयोग, पक्षपात को पहचानना और सुधारना जैसी सीखें भी इस कार्यक्रम के माध्यम सेदी जाएँगी। इसरो अंतरिक्ष यात्री का प्रेरक संदेशइस अवसर पर इसरो के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि दिल्ली का यह कदम देश के भविष्य के लिए बहुतमहत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व तकनीक और शिक्षा पर ध्यान देता है, तभी देश विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ सकता है।उनके अनुसार ऐसे कार्यक्रम आने वाले समय में छात्रों की सोच और क्षमता दोनों को नई दिशा देंगे। कार्यक्रम की खास झलकियाँ रचनात्मकता और तकनीक का संगमकार्यक्रम में कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षक, उद्योग प्रतिनिधि और सैकड़ों छात्र शामिल हुए। इस मौके पर दिल्ली एआई ग्राइंड का ब्रोशरजारी किया गया। स्कूल के बच्चों ने एआई पर आधारित जिंगल प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह भर गया। छात्र अपने बनाए पेपरप्रोटोटाइप लेकर मंच पर आए और अपने विचारों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में आधिकारिक टीज़र भी लॉन्च किया गया। इसके अलावाInnovation Bus on Wheels को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो पूरे शहर में एआई आंदोलन को पहुँचाने का काम करेगी। दिल्ली की नई पीढ़ी अब एआई युग का नेतृत्व करने को तैयारदिल्ली एआई ग्राइंड एक मजबूत शुरुआत है, जो आने वाले समय में दिल्ली को एआई शिक्षा और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाएगी। यह पहल छात्रोंमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और तकनीकी समझ दोनों को बढ़ाएगी। यह कार्यक्रम दिल्ली के बच्चों को सिर्फ तकनीक का उपयोग करना नहीं, बल्कि तकनीक को बनाने और समाज की भलाई के लिए आगे बढ़ाने की दिशा में तैयार करेगा।
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण पर सबसे बड़ा एक्शन — पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिए कड़े निर्देश

सरिता साहनी07 दिसंबर 2025, नई दिल्ली दिल्ली सरकार का व्यापक मिशन साफ़ हवा, सुरक्षित भविष्यदिल्ली सरकार ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए एक बड़े और लगातार चलने वाले अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व मेंयह मिशन अब पूरे साल चलने वाला कार्यक्रम बन चुका है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हाल ही में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठककर स्पष्ट किया कि प्रदूषण रोकने के लिए अब किसी भी विभाग या एजेंसी की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इंडस्ट्रीज़ का सात दिन में सर्वे गैर–अनुरूपित यूनिट्स पर ज़ीरो टॉलरेंसबैठक में सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि दिल्ली के सभी ज़िलों में मौजूद इंडस्ट्रीज़ का पूरा सर्वे सिर्फ़ सात दिनों में पूरा किया जाए। इसकाउद्देश्य यह है कि कौन-सी इंडस्ट्रीज़ कानूनी नियमों का पालन नहीं कर रहीं, उनकी तुरंत पहचान हो सके। कई इलाकों में बिना अनुमति, रिहायशी क्षेत्रोंमें या गैर-अनुरूपित ज़ोन में चल रही इंडस्ट्रीज़ प्रदूषण का बड़ा कारण बनती हैं। इसलिए मंत्री सिरसा ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी यूनिट्स पर तुरंतकार्रवाई हो और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें बंद भी किया जाए। MCD को मैदान–स्तर पर निरीक्षण का आदेशMCD के डिविजनल कमिश्नर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे नॉन-कनफॉर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया और दिल्ली में चल रही सभी निर्माण साइट्सका विस्तृत सर्वे करवाएँ। निर्माण स्थलों पर धूल उड़ना, कचरे का सही प्रबंधन न होना और सुरक्षा उपायों की कमी जैसे कारणों से प्रदूषण बढ़ जाताहै। इसलिए अब हर निर्माण स्थल की जाँच होगी और जहाँ भी नियमों का पालन नहीं मिलेगा, वहाँ जुर्माने और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। सड़कों और खाली प्लॉट्स से उठने वाली धूल पर सख़्त नियंत्रणदिल्ली की हवा में धूल की बड़ी मात्रा सड़कों की खराब स्थिति और खाली पड़े प्लॉट्स में जमा होती मिट्टी के कारण फैलती है। पर्यावरण मंत्री ने सभीविभागों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी स्थानों की पूरी सूची तुरंत तैयार की जाए। सड़क की मरम्मत के काम को तेज़ किया जा रहा है और गड्ढों को भरनेकी प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। इस साल अब तक 42,000 से अधिक गड्ढे भरे जा चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भीअधिक है। यह धूल नियंत्रण की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। DPCC की सख़्त कार्रवाई जुर्माने और साइट्स बंद करने से बढ़ी जवाबदेहीपिछले कुछ दिनों में DPCC की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। इन निरीक्षणों में कई निजी और सरकारी दोनों तरह की एजेंसियाँ नियमों कापालन करते नहीं पाई गईं। 1,756 निर्माण स्थलों की जाँच में 556 नोटिस जारी किए गए और लगभग सात करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।इसके साथ ही 48 निर्माण साइट्स को बंद किया गया। सरकारी एजेंसियों जैसे DDA, DSIIDC, MCD, PWD और DMRC पर भी नियमों केउल्लंघन के चलते एक करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया गया। यह पहली बार है जब सरकारी विभागों पर भी इतनी कड़ी कार्रवाई हुई है, जिससे यहसंदेश गया है कि कानून सबके लिए बराबर है। रिहायशी इलाकों में अवैध इंडस्ट्रीज़ पर निगरानी बढ़ीदिल्ली के कई रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति इंडस्ट्रीज़ चलती रही हैं, जो हवा में धुआँ और जहरीले तत्व छोड़कर लोगों की सेहत को नुकसानपहुँचाती हैं। DPCC की टीमें ऐसे स्थानों की नियमित पहचान कर रही हैं। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों में अवैध इकाइयों को किसी भीकीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा और इन पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। सड़क निर्माण, सफ़ाई और EV नीति से मिली नई गतिदिल्ली सरकार ने सड़क निर्माण और सफ़ाई पर भी तेज़ी से काम किया है। साफ़ सड़कों से न सिर्फ़ धूल कम फैलती है बल्कि शहर का जीवन भीबेहतर होता है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों का असर भी साफ़ दिख रहा है। दिसंबर 2024 में दिल्ली में 3.46 लाखइलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत थे, जो नवंबर 2025 तक बढ़कर 4.54 लाख हो गए। यह वृद्धि बताती है कि दिल्ली की EV नीति सफल हो रही है औरइससे प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है। खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर पूरी तरह रोकखुले में कचरा या बायोमास जलाना भी प्रदूषण का बड़ा कारण बनता है। इसे रोकने के लिए 1,823 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से 633 टीमेंविशेष रूप से ओपन बर्निंग रोकने में लगी हैं। दिल्ली सरकार मजदूरों को ठंड से बचाने के लिए इलेक्ट्रिक हीटर भी वितरित कर रही है ताकि वे आगजलाने पर मजबूर न हों। अब तक 1,407 RWAs को 3,377 हीटर दिए जा चुके हैं और कुल 10,000 हीटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वैज्ञानिक अध्ययन और इनोवेशन से मिलेगा भविष्य का समाधानदिल्ली सरकार IIT Delhi और IITM के साथ मिलकर एक सोर्स एपॉर्शनमेंट स्टडी शुरू करने जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा किदिल्ली में प्रदूषण के मुख्य स्रोत कौन से हैं। साथ ही सरकार द्वारा शुरू किए गए इनोवेशन चैलेंज में 278 सुझाव आए, जिनमें से 200 को आगे कीप्रक्रिया के लिए चुना गया है। विशेषज्ञ इन सुझावों का मूल्यांकन करेंगे ताकि प्रदूषण कम करने के नए और प्रभावी उपाय लागू किए जा सकें। जनरेटरों पर सख़्त नियम रेट्रोफिटिंग अनिवार्यBS-IV और उससे नीचे के सभी जनरेटरों में एंटी-पॉल्यूशन डिवाइस लगाना अब ज़रूरी कर दिया गया है। बिना रेट्रोफिटिंग के कोई भी जनरेटर चलानेकी अनुमति नहीं होगी। यह बदलाव दिल्ली की हवा को साफ़ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सभी विभागों और नागरिकों की संयुक्त ज़िम्मेदारीपर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट कहा है कि दिल्ली की हवा को साफ़ करना सिर्फ़ सरकार का काम नहीं, बल्कि सभी विभागों, एजेंसियोंऔर नागरिकों की ज़िम्मेदारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विज़न के अनुसार दिल्ली को ऐसा शहर बनाना है जहाँ साफ़ हवा सिर्फ़ सपना न रहे, बल्किलोगों की रोज़मर्रा की हकीकत बने। यह अभियान दिल्ली की हवा को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और आने वालेसमय में इसके और अधिक सकारात्मक परिणाम देखने की उम्मीद है।
सीएम योगी के बड़े ऐलान, बाबा साहब की मूर्तियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का मानदेय होगा सुनिश्चित

सीएम योगी ने शनिवार को कहा, बाबा साहब की मूर्तियों के साथ अक्सर शरारती तत्व छेड़छाड़ करते हैं। हमारी सरकार निर्णय ले रही है कि बाबासाहब की हर मूर्ति के आसपास सुरक्षात्मक बाउंड्री वॉल बनाई जाए, ताकि उनकी प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिस मूर्ति के ऊपर छतनहीं होगी, वहां छत बनवाएंगे। यदि कहीं कोई काम छूट गया है, तो उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। आज इस पावन अवसर पर मैं बाबा साहबकी पावन स्मृति को नमन करता हूं।अभी यहां लालजी प्रसाद निर्मलजी ने चतुर्थ श्रेणी संविदा सफाई कर्मियों की समस्या का उल्लेख किया। हमारीसरकार ने इस पर निर्णय ले लिया है। कॉरपोरेशन का गठन किया गया है और अगले एक-दो महीनों में यह सुनिश्चित कर दिया जाएगा कि हर चतुर्थश्रेणी के कर्मी और संविदा कर्मी को न्यूनतम मानदेय की गारंटी सरकार की ओर से मिले। यह कदम भी सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहलहै। बाबा साहब की दी हुई प्रेरणा का ही परिणामहम सबको यह समझना होगा कि जो भी सुविधाएं और सम्मान आज वंचित वर्गों को मिल रहा है, वह बाबा साहब की दी हुई प्रेरणा का ही परिणामहै। प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में देश ‘नए भारत’ की ओर बढ़ रहा है। पंचतीर्थ का निर्माण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के लिए नईछात्रवृत्ति योजनाएं यह सब बाबा साहब के समानता और आत्मसम्मान के विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य है। डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाणदिवस पर शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धांजलि अर्पित किया। हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलिसभा में वह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बुद्ध वंदना एवं त्रिशरण पंचशील के पाठ से हुआ। संविधान की प्रति भेंट कीडॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने शुक्रवार को सीएम योगी से मिलकर संविधान की प्रतिभेंट की थी। उन्होंने सीएम से आग्रह किया था कि सरकारी पाठ्यक्रमों में संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्य, नीति निर्देशकतत्व, संघीय ढांचा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता आदि महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाए। वहीं दूसरी ओर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव परपलटवार करते हुए कहा कि सपा और उसके मुखिया शुरू से ही आरक्षण और दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव आंबेडकर के विरोधी हैं। मुख्यमंत्री रहतेअखिलेश ने दलित कर्मचारियों के प्रोन्नति में आरक्षण खत्म किया। दो लाख दलित कर्मियों को पदावनत कर अपमानित किया। दलितों का वोट पानेकी खातिर वह आरक्षण और आंबेडकर की बात करने लगे हैं।
इंदौर में रह रहे पाकिस्तानी पति की बेवफाई, कराची की पत्नी ने PM मोदी से लगाई न्याय की गुहार, पंचायत ने डिपोर्ट करने की सिफारिश की

इंदौर में रह रहे एक पाकिस्तानी युवक की शिकायत पाकिस्तानी महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिन्धी पंच मध्यस्थता से की है। महिला काकहना है कि इंदौर में रह रहे उसके पाकिस्तानी पति ने शादी के बाद उसे पाकिस्तान भेज दिया और अब दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है। उसनेएक युवती से सगाई भी की है.सिन्ध कराची (पाकिस्तान) की नागरिक निकिता का इंदौर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिक के साथ कराची में 26 जनवरी2020 को विवाह हुआ। निकिता को 26 फरवरी को पति इंदौर लेकर आया। 9 जुलाई 2020 को वीजा औपचारिकता के बहाने अटारी बॉर्डर परछोड़कर आया। पंचायत को लिखित शिकायत दर्ज कीपत्नी निकिता ने पंचायत को लिखित शिकायत दर्ज की। निकिता ने कहा कि मेरे पति ने दिल्ली की एक महिला के साथ सगाई कर ली है। मुझसेबिना तलाक लिए विवाह करने जा रहा है। समाज की पंचायत ने पति विक्रम नागदेव और कथित मंगेतर शिवानी को नोटिस जारी कर समझौता वार्ताकी, लेकिन समझौता वार्ता विफल होने पर मध्यस्थता अधिनियम 2023 का पालन करते हुए सिन्धी पंच मध्यस्थता और विधिक परामर्श केंद्र नेअपनी रिपोर्ट पेश की। उसमें कहा गया कि दोनों भारतीय नागरिक नहीं हैं। पति को पाकिस्तान डिपोर्ट किया जाए, क्योंकि न्यायालय क्षेत्र पाकिस्तानहै। केंद्र द्वारा मामला नहीं सुलझाने के कारण कोर्ट से ही इसका निराकरण हो सकता है। पत्नी इस मामले में कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। पतिकई वर्षों से इंदौर में रह रहा है।