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विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली विधानसभा सिर्फ 100 दिनों में बनी पेपरलेस, किरेन रिजिजू ने की सराहना

दिल्ली विधानसभा ने आधुनिक भारत के डिजिटल युग में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए केवल 100 दिनों के भीतर नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन(NeVA) लागू कर देश की 18वीं पेपरलेस विधानसभा बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि की सराहना केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेनरिजिजू ने संसद भवन में आयोजित तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता काप्रतीक है, बल्कि यह लोकतंत्र को डिजिटल रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। 100 दिनों में रिकॉर्ड उपलब्धिदिल्ली विधानसभा ने मार्च 2025 में संसदीय कार्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। यह परियोजना तबशुरू हुई जब दिल्ली इस योजना में शामिल होने वाला 28वां राज्य बना। लेकिन केवल 100 दिनों में ही विधानसभा ने तकनीकी रूप से खुद को पूरीतरह पेपरलेस बना लिया। 4 अगस्त 2025 को दिल्ली विधानसभा ने अपना पहला पेपरलेस सत्र आयोजित किया और देश की 18वीं गो-लाइवविधानसभा बन गई। इस गति और समर्पण ने दिल्ली विधानसभा को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की प्रशंसासंसद भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने केवल 100 दिनों में जो उपलब्धि हासिल की है, वह पूरेदेश के लिए एक मानक है। उन्होंने इसे पारदर्शिता और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस परियोजना से विधायी कार्यप्रणाली में तकनीकी नवाचार और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा। रिजिजू ने कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह प्रयास यह दिखाता हैकि अगर इच्छाशक्ति और नेतृत्व मजबूत हो तो किसी भी सुधार को बहुत तेजी से लागू किया जा सकता है। विजेंद्र गुप्ता ने मांगा सहयोग, रखा नया प्रस्तावसम्मेलन में उपस्थित विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का धन्यवाद करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा का यह कदमडिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने मंत्रालय से नेशनल लेजिस्लेटिव इंडेक्स स्थापित करने मेंसहयोग मांगा। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सूचकांक सभी राज्यों की विधानसभाओं के विधायी प्रदर्शन का आंकड़ा-आधारित मूल्यांकन करेगा। इससेराज्यों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सुशासन को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण उपकरण बताया। नेवा लागू करने में विजेंद्र गुप्ता का नेतृत्वदिल्ली विधानसभा में नेवा लागू करने की यात्रा 22 मार्च 2025 को शुरू हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस दिशा में बहुआयामीरणनीति अपनाई। उन्होंने अन्य राज्यों की विधानसभाओं का अध्ययन करवाया, विधायकों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किएऔर मंत्रालयों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा। उनके नेतृत्व में विधानसभा सचिवालय ने रिकॉर्ड समय में तकनीकी ढांचे, सॉफ्टवेयर सिस्टम औरप्रशिक्षण को पूरा किया। नतीजतन, 4 अगस्त 2025 को दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र पूरी तरह पेपरलेस तरीके से संपन्न हुआ। डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदमदिल्ली विधानसभा का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक मील का पत्थर है। अब विधानसभा की सभी कार्यवाही डिजिटल प्लेटफॉर्मपर संचालित होती है, जिससे कागज की बचत के साथ पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि हुई है। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है और शासनकी गति तेज़ हुई है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की यह उपलब्धि केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को और अधिकपारदर्शी, जिम्मेदार और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनी दिल्ली विधानसभादिल्ली विधानसभा की इस उपलब्धि की चर्चा न केवल राष्ट्रीय सम्मेलन में बल्कि अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी हो रही है। कई राज्यों ने अबनेवा को लागू करने के लिए दिल्ली के अनुभव से सीखने की इच्छा जताई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दिल्ली का यह मॉडल अन्य राज्योंके लिए प्रेरणास्रोत है और उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में देश की सभी विधानसभाएँ इस दिशा में आगे बढ़ेंगी। विजेंद्र गुप्ता ने कहा यह टीम वर्क की जीत हैदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सफलता केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहाकि विधानसभा के अधिकारियों, कर्मचारियों और विधायकों ने इस परियोजना को साकार करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली विधानसभा देश की सबसे पारदर्शी, डिजिटल और आधुनिक विधान संस्था बने। यह सफलता उसी दिशा में हमारा पहलाबड़ा कदम है।

एमसीडी उपचुनाव में हार के डर से भाजपा मेयर ने कर्मचारियों के आगे झुका सिर — अंकुश नारंग का बड़ा आरोप

मेयर का वादा सिर्फ चुनावी जुमला, कर्मचारियों के साथ किया धोखाआम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित नगर निगम (एमसीडी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मेयर ने एमटीएस कर्मचारियों की मांगें सिर्फउपचुनाव से पहले जनता को गुमराह करने के लिए मानी हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा मेयर ने 30 नवंबर को होने वालेएमसीडी उपचुनाव में हार के डर से धरने पर बैठे कर्मचारियों के आगे घुटने टेक दिए और चुनाव से पहले झूठे वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। भाजपा को हार का डर, इसलिए मान ली कर्मचारियों की मांगेअंकुश नारंग ने कहा कि 30 नवंबर को एमसीडी के 12 वार्डों में उपचुनाव होने जा रहे हैं। जनता पहले से ही भाजपा सरकार से नाराज़ है और अबकर्मचारी भी उनके खिलाफ हैं। भाजपा को डर है कि अगर कर्मचारी धरने पर बैठे दिखे, तो जनता के बीच उसकी छवि और बिगड़ जाएगी। इसी डर सेमेयर ने कर्मचारियों की सभी मांगे मान लीं उन्होंने बताया कि एमसीडी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के एमटीएस और पीएच कर्मचारियों की हड़ताल33 दिनों तक चली, और 5,200 से अधिक कर्मचारी अपनी जायज़ मांगों को लेकर सड़कों पर डटे रहे। अगर भाजपा की नियत साफ होती, तो 33 दिन तक हड़ताल क्यों चलती?आप नेता ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भाजपा सच में कर्मचारियों के हित में होती, तो हड़ताल 33 दिन तक नहीं चलती। भाजपा कीनियत साफ होती तो न हड़ताल होती, न दिल्ली के लोग डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से जूझते उन्होंने कहा कि भाजपा मेयर राजा इकबाल सिंहको आखिरकार अपनी ज़िद छोड़कर कर्मचारियों के आगे झुकना पड़ा। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या वह अपना वादा निभाएंगे या यह भी एक‘चुनावी जुमला’ बनकर रह जाएगा। मेयर ने सिर्फ दिखावे के लिए की घोषणा, एक महीने में क्या बदलेगा?अंकुश नारंग ने कहा कि महापौर ने एमटीएस कर्मचारियों को यह कहकर मनाया है कि उनकी मांगें एक महीने के भीतर पूरी कर दी जाएंगी। लेकिन यहएक चुनावी चाल है, क्योंकि 30 नवंबर को उपचुनाव हैं और मेयर नहीं चाहते कि तब तक कोई धरना-प्रदर्शन हो। मेयर जानते हैं कि जनता औरकर्मचारी दोनों नाराज़ हैं, इसलिए उन्होंने 31 अक्टूबर को मांगे पूरी करने की घोषणा कर दी। लेकिन यह सिर्फ वादों का पुलिंदा है, सच्चाई नहीं मेयर की समिति का प्रस्ताव भी सिर्फ दिखावा हैआप नेता ने बताया कि महापौर ने हड़ताल खत्म करने के लिए जो समिति बनाई, उसने एक प्रस्ताव दिया है कि एमसीडी आयुक्त दिल्ली सरकार कोसिफारिश भेजेंगे जिसमें कहा गया है कि एमटीएस कर्मचारियों को समान वेतन के रूप में ₹27,900 मासिक देने पर हर साल ₹41 करोड़ रुपये काअतिरिक्त खर्च आएगा, जिसे दिल्ली सरकार वहन करेगी।मेयर ने कहा कि यह प्रक्रिया एक महीने में पूरी कर ली जाएगी, लेकिन यह सब चुनावी स्टंटहै। अगर भाजपा सच में कर्मचारियों के साथ होती, तो अब तक प्रस्ताव पास हो चुका होता भाजपा सिर्फ चुनाव के वक्त याद करती है कर्मचारियों कोअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को कर्मचारियों की याद सिर्फ चुनाव के वक्त आती है। जब जनता तक संदेश जाना होता है कि सब कुछ ठीक है, तबभाजपा को कर्मचारी याद आते हैं। लेकिन जब वेतन देने या सुविधा देने की बात आती है, तो भाजपा गायब हो जाती है उन्होंने कहा कि भाजपा कायह रवैया न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय है, बल्कि दिल्ली के नागरिकों के स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था के साथ भी खिलवाड़ है। दिल्ली डेंगू–मलेरिया से जूझती रही, भाजपा सिर्फ बयान देती रहीअंकुश नारंग ने कहा कि जब 33 दिनों तक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर थे, तब दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बढ़ते गए। अगरभाजपा ने वक्त रहते कर्मचारियों की मांगे मान ली होतीं, तो दिल्ली में बीमारी नहीं फैलती। लेकिन भाजपा को जनता की नहीं, सिर्फ चुनाव की चिंताहै अगर वादा नहीं निभाया, तो हर चुनाव में विरोध झेलेगी भाजपाअंकुश नारंग ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा मेयर ने 31 अक्टूबर तक किए गए वादे पूरे नहीं किए, तो आने वाले हर चुनाव में उन्हें कर्मचारी सड़कों परविरोध करते दिखेंगे। भाजपा मेयर राजा इकबाल सिंह और स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा जिम्मेदार होंगी अगर कर्मचारियों के वादे पूरे नहींहुए। जनता अब धोखे में नहीं आएगी कर्मचारियों को न्याय और सम्मान चाहिए, न झूठे वादेआप नेता ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों को 27,900 रुपये का वेतन, चिकित्सा अवकाश, अर्जित अवकाश और दयालुता के आधार पर नौकरी देनेकी मांग जायज़ है। यह मांग कोई उपकार नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है। भाजपा को यह हक तुरंत देना चाहिए

भाजपा सरकार प्रदूषण के आंकड़े घटाने के लिए कर रही फर्जीवाड़ा – सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप, जहांगीरपुरी मॉनिटरिंग स्टेशन का वीडियो किया जारी

भाजपा सरकार दिल्लीवालों की जान के साथ कर रही खिलवाड़आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण के आंकड़ों को कृत्रिम रूप से घटाने के लिए सरकारफर्जीवाड़ा कर रही है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने जहांगीरपुरी के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन पर पानी का छिड़काव करतेकर्मचारी का वीडियो साझा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार प्रदूषण के असली आंकड़े छिपा रही है और जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहीहै। एक्यूआई स्टेशन पर हो रहा है पानी का छिड़काव, सड़कें सूखी पड़ी हैंसौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार द्वारा पानी का छिड़काव पूरे क्षेत्र में नहीं, बल्कि केवल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मॉनिटरिंग स्टेशनों केआसपास किया जा रहा है। इसका मकसद यह है कि जब स्टेशन पर हवा की गुणवत्ता मापी जाए, तो वह कम प्रदूषण वाला स्तर दिखाए। उन्होंनेकहा, भाजपा सरकार सड़कों पर पानी का छिड़काव करने की जगह सारी मशीनें मॉनिटरिंग स्टेशनों पर लगवा रही है, ताकि आंकड़े कम दिखाए जासकें। यह जनता के साथ धोखा है। आम आदमी पार्टी ने जारी किया वीडियो सबूतशनिवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहांगीरपुरी आईटीआई परिसर में बने एक्यूआई स्टेशन केआसपास लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि आस-पास की सड़कें सूखी हैं। यह वीडियो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारालिया गया है, जिसमें बताया गया कि भाजपा सरकार के आदेश पर स्टेशन के चारों ओर मशीनें बार-बार चक्कर लगाकर पानी छिड़क रही हैं, ताकिप्रदूषण का स्तर कम रिकॉर्ड हो सके। सौरभ भारद्वाज ने कहा, भाजपा सरकार दिल्ली के प्रदूषण के वास्तविक आंकड़ों को छिपाकर दिल्लीवालों कीजान के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह सिर्फ आंकड़े सुधारने का खेल है, असली हवा नहीं सुधर रही। आईआईटी परिसर का एक्यूआई मीटर भी किया गया बंदआप नेता ने यह भी खुलासा किया कि पहले दिल्ली में आईआईटी परिसर के गेट पर लगे एक्यूआई मीटर को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा किसरकार वहां से सटीक आंकड़े आने से डरती है क्योंकि वह इलाके में असल प्रदूषण की तस्वीर दिखाता था।“भाजपा सरकार को सच्चाई से डर लगता है। इसलिए वह आंकड़े बदलने, मशीनें हटाने और फर्जी आंकड़े दिखाने में लगी है भाजपा को काम नहीं, झूठ और प्रचार पर भरोसा हैसौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार का काम सिर्फ दिखावा करना है। यह वही भाजपा है जो फर्जी यमुना बनाती है, जो हवाई जहाज से बारिश कराने की बातें करती है, लेकिन असल में न बारिश होती है न सफाई। ये सिर्फ झूठे प्रचार में माहिर हैं उन्होंने कहा कि अगरभाजपा सच में दिल्ली की हवा सुधारना चाहती है तो उसे सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती करनी चाहिए, न किमॉनिटरिंग मशीनों के आसपास पानी छिड़ककर आंकड़े घटाने का नाटक। क्लाउड सीडिंग पर भी साधा निशाना, एनिमेटेड वीडियो से किया व्यंग्यसौरभ भारद्वाज ने शनिवार को क्लाउड सीडिंग के फर्जीवाड़े पर एक एनिमेटेड वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कविता के अंदाज मेंभाजपा सरकार पर तंज कसते हुए लिखा फ्रॉड जो है, उसमें फ्रॉड, वो यहाँ कहीं नहीं किसी में, वो है झूठी, बस है झूठी, शोर है यही गली गली में।इंतहाँ हो गई इंतज़ार की, आई न कुछ ख़बर दिल्ली सरकार की। ये हमें है यक़ीन, क्लाउड सीडिंग फेल रही, फिर वजह क्या हुई, झूठे प्रचार की।उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा कि भाजपा सरकार का क्लाउड सीडिंग प्रयोग असफल रहा है। दिल्ली की भाजपा सरकार का बहुत धन्यवाद, उनके‘सीडेड क्लाउड’ अभी-अभी मुंबई की ओर उड़ गए हैं और जल्द ही लौट आएंगे, भारद्वाज ने व्यंग्य करते हुए कहा। दिल्ली की हवा साफ नहीं, रिपोर्टें झूठी हैंआप नेता ने कहा कि दिल्ली की हवा में प्रदूषण कम नहीं हुआ है, बल्कि सरकार ने आंकड़ों में खेल करके रिपोर्टों को झूठा बना दिया है दिल्लीवालेरोज धुआं, धूल और जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, और भाजपा सरकार कागज़ पर आंकड़े घटाकर यह दिखा रही है कि सब ठीक है

दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आनंद विहार में किया औचक निरीक्षण, सड़कों से धूल और जाम हटाने के दिए निर्देश

दिल्ली सरकार ने तेज़ किया प्रदूषण नियंत्रण अभियानसर्दियों के मौसम में प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने विंटर एक्शन प्लान के तहत ज़मीन पर काम की रफ़्तार और बढ़ा दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार शहर के 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर लगातार निगरानी और सख्तकार्रवाई कर रही है। आनंद विहार का दौरा कर मंत्री ने देखी ज़मीनी स्थितिआज पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आनंद विहार बस टर्मिनल और आसपास के क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। यह इलाका दिल्ली केसबसे अधिक प्रदूषित इलाकों में से एक माना जाता है। मंत्री ने धूल नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क मरम्मत और सफाई की स्थिति का जायजालिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि सर्दियों में प्रदूषण पर नियंत्रण सिर्फ रिपोर्ट या योजना से नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई से संभव है। एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का निरीक्षणमंत्री ने आनंद विहार मेट्रो स्टेशन के पास दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा लगाए गए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की कार्यप्रणालीदेखी और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट ली। उन्होंने यह भी कहा कि मॉनिटरिंग सिस्टम से मिली जानकारी के आधार पर क्षेत्रवार रणनीति बनानीहोगी। अधूरी सड़क अब होगी पक्कीनिरीक्षण के दौरान सिरसा ने देखा कि बस टर्मिनल के मुख्य द्वार पर एक छोटा सा सड़क हिस्सा कई सालों से अधूरा पड़ा था क्योंकि वहां तीन पेड़ों काट्रांसप्लांटेशन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, यह पिछली सरकारों की लापरवाही का उदाहरण है। अब हमारी सरकार इस सड़क को जनता के लिएखोलने जा रही है ताकि धूल और ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हो सके। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत पेड़ों के सुरक्षित स्थानांतरण और सड़क कोजल्द पक्का करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिख रहा सुधारसिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार हो रहा है। वर्षों से बंदसड़क अब जनता के लिए खुलने जा रही है। इससे यातायात सुचारु होगा और हवा में धूल कणों की मात्रा घटेगी प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर वैज्ञानिक एक्शनपर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली के हर प्रदूषण हॉटस्पॉट की समस्या अलग है, इसलिए सरकार ने वैज्ञानिक तरीकों से समाधान शुरू किया है। कहींसड़क की धूल है, कहीं ट्रैफिक की भीड़ या औद्योगिक धुआं हर जगह अलग एक्शन प्लान बनाया गया है, सरकार की टीमें DPCC, PWD, परिवहनविभाग और नगर निगम के साथ मिलकर 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि नतीजे जल्द दिखें। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों का भी निरीक्षणसिरसा ने कहा कि आने वाले दिनों में अशोक विहार, पंजाबी बाग, पीरागढ़ी और अन्य हॉटस्पॉट्स पर भी निरीक्षण किए जाएंगे। इन जगहों पर धूलऔर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन, मिस्ट स्प्रेयर और नियमित सफाई अभियान चलाए जाएंगे। नागरिकों से सहयोग की अपीलमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सरकार का साथ दें। सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन जनता के सहयोग के बिना नतीजेअधूरे रह जाएंगे। अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए तो दिल्ली की हवा साफ हो सकती है

चंडीगढ़ बंगले को लेकर भाजपा का हमला – वीरेन्द्र सचदेवा

केजरीवाल पर बंगला प्रेम के नए आरोपदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चंडीगढ़ के विशाल बंगले के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि यह बंगला कागज़ों में पंजाब मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस बताया गया है, लेकिन वास्तव में इसका उपयोग अरविंद केजरीवाल कर रहेहैं। सचदेवा ने कहा कि यदि इस पर किसी को संदेह है तो पंजाब और दिल्ली पुलिस के वी.आई.पी. मूवमेंट रिकॉर्ड से यह बात साबित हो जाएगी। आप नेताओं की बौखलाहट, भाजपा पर लगाए बेबुनियाद आरोपवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि जब भी अरविंद केजरीवाल के बंगले से जुड़ा कोई नया खुलासा होता है, तो आम आदमी पार्टी के नेता बौखला जाते हैं औरतर्कहीन बयान देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि आज जैसे ही भाजपा ने सोशल मीडिया पर यह खुलासा किया कि पंजाब सरकार ने अपने एक दो एकड़के बंगले को पंजाब के मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस बताकर अरविंद केजरीवाल को उपयोग के लिए दे दिया है, आम आदमी पार्टी में हड़कंप मच गया।उन्होंने कहा कि इसके बाद गुजरात में प्रचार कर रहे अरविंद केजरीवाल ने तुरंत दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को सामने उतारा, जिन्होंने बिनासोचे-समझे बयान दिया कि चंडीगढ़ में भाजपा की सरकार है, तो फिर बंगला कैसे बन गया। भाजपा का जवाब बंगला निर्माण नहीं, उपयोग का है मामलावीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, भाजपा ने कभी नहीं कहा कि बंगले का निर्माण हुआ है। हमने केवल यह कहा कि चंडीगढ़ का यह विशाल बंगला, जो कागज़ोंमें पंजाब मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस है, वास्तव में अरविंद केजरीवाल के उपयोग में है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दावे की पुष्टि के लिए पंजाब औरदिल्ली पुलिस के वीआईपी मूवमेंट रिकॉर्ड पर्याप्त सबूत हैं। दिल्ली में भी ‘शीशमहल’ और फिरोजशाह रोड का मामला उठाया गयादिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने सौरभ भारद्वाज से सवाल पूछा कि जब दिल्ली का शीशमहल खाली हुआ, तब अरविंद केजरीवाल जिस 5 फिरोजशाह रोडवाले बंगले में रहे, क्या वह उन्हें आवंटित था? उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जिस तरह से सरकारी संपत्तियों का निजी उपयोग किया है, वह जनता केप्रति जवाबदेही की भावना का अपमान है। स्वाति मालीवाल से जवाब मांगें केजरीवालवीरेन्द्र सचदेवा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल वास्तव में चंडीगढ़ के बंगले का उपयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपनी हीपार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल से जवाब मांगना चाहिए, जिन्होंने यह मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया था। जनता के सामने आनी चाहिए सच्चाईवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अब समय आ गया है कि अरविंद केजरीवाल खुद स्पष्ट करें कि क्या वे चंडीगढ़ के उस बंगले का उपयोग कर रहे हैं या नहीं।उन्होंने कहा, देश और दिल्ली की जनता यह जानना चाहती है कि एक ओर आम आदमी की राजनीति की बात करने वाले केजरीवाल खुद किससुविधा में रह रहे हैं। पारदर्शिता की बात करने वालों को पहले खुद पर पारदर्शिता लागू करनी चाहिए।

भाजपा की यमुना सफाई की पोल खुली सभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट फेल पाए गए – सौरभ भारद्वाज

सभी एसटीपी में उपचार मानक फेल, आरटीआई ने खोला बड़ा सचदिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर भाजपा सरकार के दावे पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। एक आरटीआई के जवाब में खुलासा हुआ है कि राजधानीदिल्ली के सभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) उपचार के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसका अर्थ यह है कि आज भी गंदा नाला और बिना उपचारकिया गया सीवेज सीधे यमुना में बह रहा है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सभी 37 प्लांट असफल पाए गए हैं। जांच में यह पाया गया कि जिन पानी को इन संयंत्रों से उपचारितबताया जा रहा था, उनमें भी मानव मल की मात्रा अनुमत सीमा से सैकड़ों गुना अधिक थी। उन्होंने कहा, जब सभी एसटीपी फेल हैं, तो भाजपा सरकारकिस आधार पर कह रही है कि यमुना साफ हो गई? यमुना सफाई का नाटक और दिखावाआम आदमी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने हाल के दिनों में यह दावा किया थाकि उन्होंने केवल आठ महीनों में यमुना को साफ कर दिया, जबकि अरविंद केजरीवाल सरकार दस साल में ऐसा नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, असलियतयह है कि यह पूरा अभियान एक नाटक और प्रचार का हथकंडा था। आरटीआई के जवाब ने साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार का ‘साफ यमुना’ शो झूठ पर आधारित था। अरविंद केजरीवाल सरकार ने किया था वास्तविक कामसौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान सैकड़ों अनधिकृत कॉलोनियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा गया था। इन कॉलोनियों सेनिकलने वाला गंदा पानी सीवेज संयंत्रों तक पहुँचाया गया ताकि उसका उचित उपचार कर यमुना में छोड़ा जा सके। उन्होंने कहा, यमुना की सफाई कासबसे पहला और जरूरी कदम यह है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से चलें और उनका निकास मानक गुणवत्ता का हो। जब यह ही नहीं हो रहा, तो सफाई के सारे दावे खोखले हैं। सभी क्षेत्रों के संयंत्रों में फेल बेहद चिंताजनक स्थितिसौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह जांच रिपोर्ट अक्षरधाम, छिल्ला, कोरोनेशन पिलर (तीनों चरण), दिल्ली गेट, घिटोरनी, कपासहेड़ा, केशोपुर, कोंडली, महरौली, मोलरबंद, नजफगढ़, नरेला, निलोठी, ओखला, पप्पनकलां, रोहिणी, वसंत कुंज, सोनिया विहार और यमुना विहार सहित सभी स्थानों केएसटीपी पर आधारित है। उन्होंने कहा, हर एक संयंत्र फेल पाया गया है। यह दिल्ली और यमुना दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। केंद्रीय सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के आँकड़ों पर जताया अविश्वाससौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड नियमित रूप से इन एसटीपी से नमूने लेकर जांच करता था, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके आंकड़ों परभरोसा नहीं किया। उन्होंने कहा, दिल्ली जल बोर्ड के अंदर आँकड़ों में हेराफेरी की शिकायतें बढ़ीं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने स्वयं केंद्रीय प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड को स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। जांच में खुलासा 36 प्लांटों में मानव मल की मात्रा सीमा से सैकड़ों गुना अधिकसीपीसीबी की जांच में यह सामने आया कि 37 में से 36 प्लांटों के उपचारित पानी में फीकल कोलीफॉर्म (मानव मल) की मात्रा अनुमत सीमा सेसैकड़ों गुना अधिक थी। यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। सौरभ भारद्वाज बोले भाजपा का साफ यमुना अभियान सिर्फ एक प्रचार स्टंटसौरभ भारद्वाज ने कहा, जब सभी संयंत्र फेल हैं, तो भाजपा किस यमुना की सफाई का दावा कर रही है? उन्होंने जो किया, वह केवल राजनीतिकनाटक और प्रचार का हथकंडा था। सच्चाई अब सबके सामने है। उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करने का असली काम केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पारदर्शिता और ठोस नीति से ही संभव है, न कि झूठे दावों और विज्ञापनबाजी से।

एमटीएस कर्मचारियों ने समिति के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त की – महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह

महापौर ने दी जानकारी, कर्मचारियों की माँगों पर होगी कार्यवाहीदिल्ली नगर निगम के महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि एमटीएस (पीएच) अनुबंधित कर्मचारियों ने निगम की समिति से मिलेआश्वासन के बाद अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। ये कर्मचारी कई दिनों से अपनी विभिन्न माँगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन समिति केसाथ सकारात्मक वार्ता के बाद उन्होंने अपने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। महापौर ने कहा कि निगम कर्मचारियों की सभी वैध माँगों परनियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कार्यवाही करेगा। 10 सदस्यीय समिति ने की विस्तृत चर्चामहापौर राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि एमटीएस (पीएच) कर्मचारियों की माँगों को ध्यान में रखते हुए निगम ने दस सदस्यीय समिति का गठन कियाथा। इस समिति ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से विस्तृत बातचीत की और उनकी सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। समिति ने कर्मचारियों को यहभरोसा दिलाया कि उनकी उचित माँगों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी और उनका हित सर्वोपरि रहेगा। महापौर ने बताया कि समिति ने अपनीरिपोर्ट निगम प्रशासन को सौंप दी है और उसी के आधार पर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा किहड़ताल समाप्त होना संवाद और सहयोग की जीत है, जिससे निगम की सेवाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। निगम कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अपने प्रत्येक कर्मचारी के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। एमटीएस(पीएच) कर्मचारी डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं। इन कर्मचारियों की मेहनत सेही दिल्ली के नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलता है। महापौर ने कहा कि निगम प्रशासन उनके योगदान का सम्मान करता है और यहसुनिश्चित करेगा कि उनकी समस्याओं का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए। समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिकामहापौर ने बताया कि समिति में निगम के कई वरिष्ठ पार्षद और अध्यक्ष शामिल थे जिन्होंने हड़ताल समाप्त करवाने में प्रमुख भूमिका निभाई। इनमेंनेता सदन प्रवेश वाही, पर्यावरण प्रबंधन सेवाएँ समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर, स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष मनीष चड्ढा और मलेरिया समिति कीअध्यक्ष नीता बिष्ट शामिल थे। इन सभी ने कर्मचारियों से वार्ता कर उन्हें भरोसा दिलाया कि निगम उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीरऔर तत्पर है। महापौर ने समिति की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम किया। उनकेप्रयासों से निगम और कर्मचारियों के बीच आपसी विश्वास मजबूत हुआ है। संवाद और सहयोग से हल होंगी समस्याएँमहापौर राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि किसी भी संस्था में संवाद और सहयोग ही समाधान की कुंजी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम अपनेकर्मचारियों को परिवार का हिस्सा मानता है और उनके साथ मिलकर दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए कार्य करता रहेगा। उन्होंनेएमटीएस कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कार्यों में लगे रहें, क्योंकि उनकी मेहनत ही दिल्ली को सुरक्षितरखती है। महापौर ने कहा कि निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी भी मुद्दे को आंदोलन याहड़ताल तक पहुँचने की नौबत न आए। महापौर का आश्वासन और निष्कर्षमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि निगम कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। उन्होंने कहा किसमिति की सिफारिशों के अनुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी, जिससे एमटीएस (पीएच) कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।उन्होंने यह भी कहा कि निगम की सफलता उसके कर्मचारियों के समर्पण और परिश्रम पर निर्भर करती है, और निगम प्रशासन हमेशा उनके साथ खड़ारहेगा। महापौर ने विश्वास जताया कि सभी कर्मचारी निगम के साथ मिलकर दिल्ली को और अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित बनाने में अपनायोगदान जारी रखेंगे।

दिल्ली में व्यापार को सशक्त और सरल बनाना हमारी प्राथमिकता है – रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ARISE मिशन कार्यक्रम में दिया प्रेरणादायक संदेशराजधानी दिल्ली में आयोजित ARISE मिशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी में व्यापार कोसशक्त, सरल और सुगम बनाना है। यह कार्यक्रम चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रवीण खंडेलवाल द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमेंदेशभर से व्यापारिक संगठनों, उद्यमियों और रिटेल सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ARISE को बताया आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ARISE पहल रिटेल सेक्टर में आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्किलिंग को बढ़ावा देने का एक ऐतिहासिक कदम है।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल व्यापार को नई दिशा देगा बल्कि रोज़गार सृजन और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा। मुख्यमंत्री नेकहा ARISE भारत के लाखों छोटे व्यापारियों और रिटेलर्स को ब्रांडिंग, स्किलिंग और एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से नई पहचान देगा। यही आत्मनिर्भरभारत की सच्ची भावना है। वोकल फॉर लोकल के संकल्प को दी नई ऊर्जामुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में ARISE जैसी पहल देश के व्यापारको नई उड़ान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि अब भारत का व्यापारी वर्ग सिर्फ उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ब्रांड को वैश्विक स्तर परपहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे व्यापारी भाइयों की सफलता ही आत्मनिर्भर भारत और विश्वगुरु भारत की सबसेबड़ी पूंजी है। व्यापारियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” में तेजीरेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सरल और तेज़ बना रही है। उन्होंने कहा किदिल्ली के इतिहास में पहली बार केवल छह महीनों में 700 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी रिफंड जारी किया गया है। अब जीएसटी रिफंड कीपूरी प्रक्रिया फेसलेस और पारदर्शी बनाई जा रही है ताकि व्यापारियों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा व्यापारी समाज देश कीअर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए हमारा दायित्व है कि सभी नियम पारदर्शी, सरल और सुगम हों। ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्किल्स पर दिया जोरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज के युग में ब्रांडिंग और मार्केटिंग किसी भी व्यवसाय की सफलता की कुंजी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा किउद्यमियों को अब अपने उत्पादों को केवल वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि एक ब्रांड के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।उन्होंने कहामेड इन इंडिया को अब गुणवत्ता, गर्व और विश्वास का वैश्विक प्रतीक बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए युवाओं में नवाचार और उद्यमिता की नई ऊर्जामुख्यमंत्री ने कहा कि ARISE जैसी पहल न केवल व्यापार को सशक्त बनाएगी, बल्कि देश के युवाओं में उद्यमिता, आत्मविश्वास और नवाचार कीभावना को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि भारत का युवा वर्ग अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। यही आत्मविश्वासीऔर कौशलयुक्त युवा भारत, आत्मनिर्भर भारत के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची पहचान है। मुख्यमंत्री ने आयोजकों और व्यापारिक समाज को दी बधाईकार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सांसद प्रवीण खंडेलवाल और पूरी आयोजन टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें न केवलदिल्ली बल्कि पूरे देश के व्यापार को नई दिशा देने का काम करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर उस कदम में साथ खड़ी है जो व्यापार, रोजगारऔर विकास को आगे बढ़ाता है।

रोहिणी जल बोर्ड कार्यालय दोबारा बहाल करने की मांग — विजेंद्र गुप्ता जनसुविधा को प्राथमिकता देने की अपील

जल बोर्ड कार्यालय स्थानांतरण से बढ़ी जनता की परेशानीरोहिणी के विधायक और दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के रेवेन्यू ज़ोन कार्यालय को रोहिणी सेक्टर-6 से नरेलास्थानांतरित किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्थानीय नागरिकों के लिए बेहद असुविधाजनक है। पहले यह कार्यालय सभीके लिए पास में था, लेकिन अब इसे लगभग 20 किलोमीटर दूर भेज देने से बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को दिक्कत हो रही है। नागरिकों की शिकायत पर विजेंद्र गुप्ता ने लिया संज्ञानरोहिणी क्षेत्र के कई नागरिकों ने विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात कर जल बोर्ड कार्यालय के स्थानांतरण से जुड़ी अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने कहा किबिल जमा करने, पानी की सप्लाई या सीवर संबंधी शिकायतों के लिए अब उन्हें नरेला तक जाना पड़ रहा है। जनता की यह तकलीफ सुनने के बादविजेंद्र गुप्ता ने तुरंत इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और इसे जनसुविधा से जुड़ा बड़ा फैसला बताया। विजेंद्र गुप्ता ने जल बोर्ड को लिखा पत्र24 अक्तूबर 2025 को विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर रोहिणी स्थित पुराने कार्यालय कोवापस बहाल करने की मांग की। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह कार्यालय पिछले 40 सालों से क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहा था और इसका अचानकनरेला स्थानांतरण अनुचित है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए, न कि उन्हें परेशानकरने के लिए। जल बोर्ड ने शुरू की कार्रवाईविजेंद्र गुप्ता की पहल पर दिल्ली जल बोर्ड ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। 28 अक्तूबर 2025 को जल बोर्ड के सदस्य (वित्त) ने निदेशक (राजस्व) को निर्देश दिया कि इस मामले की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट – ATR) तैयार की जाए। यह रिपोर्ट विजेंद्र गुप्ता और मुख्यकार्यकारी अधिकारी दोनों को भेजी जाएगी। जल बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की परेशानी को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। विजेंद्र गुप्ता बोले — जनता की सुविधा सर्वोच्चगुप्ता ने कहा शासन का असली उद्देश्य जनता की सुविधा सुनिश्चित करना है। अगर किसी प्रशासनिक निर्णय से लोगों को दिक्कत हो रही है, तो उसेतुरंत बदलना चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता की पहुँच, सुविधा और संतुष्टि को ही सरकार की सफलता का पैमाना माना जाना चाहिए। जनता के हित में दृढ़ हैं विजेंद्र गुप्तारोहिणी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वे तब तक प्रयास करते रहेंगे जब तक यह कार्यालय दोबारा रोहिणी में स्थापित नहीं हो जाता। उन्होंनेकहा लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सबसे ऊपर होती है। मैं जनता के हित में हर मंच पर आवाज उठाता रहूंगा। गुप्ता ने बताया कि यह सिर्फ एककार्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि जनसुविधा और सुशासन से जुड़ा मामला है। जनसेवा और सुशासन का उदाहरणविजेंद्र गुप्ता का यह कदम एक बार फिर दिखाता है कि वे जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नेता हैं। उनकी तत्परता से न केवल जल बोर्डहरकत में आया, बल्कि रोहिणी के लोगों में भी यह उम्मीद जगी कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि दिल्लीजल बोर्ड कितनी जल्दी यह कार्यालय फिर से रोहिणी में बहाल करता है।

मेयर राजा इकबाल सिंह का स्ट्रीट लाइट वादा निकला झूठा दिवाली बीत गई, पार्षदों को नहीं मिली एक भी स्ट्रीट लाइट- अंकुश नारंग

दिवाली से पहले किया वादा, अब तक अधूरादिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर राजा इकबाल सिंह ने दिवाली से पहले सभी पार्षदों को 50-50 स्ट्रीट लाइटें देने का वादा किया था। लेकिनदिवाली और छठ दोनों बीत गए, अब तक किसी पार्षद को एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं दी गई। इस पर एमसीडी में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्षअंकुश नारंग ने मेयर को चिट्ठी लिखकर वादा पूरा करने की मांग की और कहा कि भाजपा के मेयर का यह दावा सिर्फ जुमला साबित हुआ है। सदन में झूठी घोषणा करने का आरोपअंकुश नारंग ने कहा कि 14 अक्टूबर को एमसीडी सदन की बैठक में मेयर ने कहा था कि दिवाली के शुभ अवसर पर सभी पार्षदों को 50-50 स्ट्रीटलाइटें दी जाएंगी ताकि दिल्ली की गलियां रोशन हो सकें। लेकिन आज तक किसी को लाइट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जब मेयर जानते थे कि वेयह वादा निभा नहीं सकते, तो सदन में ऐसी गैर-जिम्मेदार घोषणा क्यों की गई? गैर–जिम्मेदारी का उदाहरणअंकुश नारंग ने कहा कि सदन एक गरिमापूर्ण जगह है जहां हर बात सोच-समझकर कही जाती है। मेयर ने वहां बैठकर झूठ बोला और जनता के साथमज़ाक किया। उन्होंने कहा कि मेयर ने अपनी जिम्मेदारी से भागने और जनता को गुमराह करने का काम किया है। इस रवैये से मेयर के पद की गरिमाको ठेस पहुंची है। मेयर को लिखी गई चिट्ठीअंकुश नारंग ने बताया कि उन्होंने मेयर राजा इकबाल सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि वे पार्षदों को जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें दें। उन्होंने कहा किदिवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन भाजपा की नाकामी के कारण दिल्ली की सड़कें आज भी अंधेरे में डूबी हैं। आम आदमी पार्टी चाहती है किदिल्ली की हर गली रोशन हो और जनता सुरक्षित महसूस करे। दिवाली और छठ दोनों गुजर गए, फिर भी अंधेराअंकुश नारंग ने कहा कि मेयर ने वादा किया था कि दिवाली से पहले लाइटें लग जाएंगी, लेकिन अब दिवाली के साथ छठ पूजा भी निकल गई औरकिसी पार्षद को एक भी लाइट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं के लिए वादा निभाना अब मायने नहीं रखता, उनके लिए केवल भाषणऔर प्रचार ही सब कुछ है। महापौर पद की गरिमा पर सवालअंकुश नारंग ने कहा कि महापौर का पद बहुत सम्मानजनक होता है, लेकिन राजा इकबाल सिंह ने उस पद की मर्यादा को धूमिल कर दिया है। उन्होंनेकहा कि सदन में झूठी घोषणा करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा के नेता केवल राजनीति के लिए काम करते हैं, जनता के हित के लिए नहीं।उन्होंने कहा कि मेयर को इस गलती के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा पर हमलाअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा खुद को सनातन धर्म और हिंदुत्व की रक्षक बताती है, लेकिन जब रोशनी फैलाने की बात आती है, तो वही अंधेराफैलाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने दिवाली के मौके पर दिल्ली की जनता से झूठ बोलकर उनके उत्सव का मज़ा खराब कर दिया। आम आदमी पार्टी करेगी विरोधअंकुश नारंग ने कहा कि अगर मेयर ने जल्द ही अपना वादा पूरा नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। उन्होंने कहाकि भाजपा के झूठ के खिलाफ आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर खड़ी होगी। आम आदमी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली की हरगली में रोशनी पहुंचे।